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फर्जी दस्तावेजों से एक करोड़ का लोन लेने वाला गिरफ्तार
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फर्जी दस्तावेजों से एक करोड़ का लोन लेने वाला गिरफ्तार
गाजियाबाद। फर्जी दस्तावेजों के सहारे टाटा कैपिटल हाउंसिंग फाइनेंस कंपनी से एक करोड़ का लोन लेने के मामले में कविनगर पुलिस ने दिल्ली निवासी परमिंदर बाबा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक परमिंदर व अन्य लोगों ने शास्त्रीनगर डी-ब्लॉक निवासी मृतक महिला के स्थान पर किसी अन्य महिला को खड़ा कर मकान का फर्जी बैनामा कराया और फिर उस बैनामे को बंधक रखकर एक करोड़ रुपये का लोन लिया।
मैसर्स टाटा कैपिटल हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के प्राधिकृत अधिकारी मनोज शर्मा के मुताबिक फरीदाबाद की एनएचपीसी कॉलोनी निवासी एकता चिटकारा व नीरज चिटकारा ने गवाह सुरेंद्र सिंह भंडारी के साथ मिलकर उनकी कंपनी से 22 फरवरी 2018 को एक करोड़ का लोन लिया था। लोन की एवज में शास्त्रीनगर डी-ब्लॉक स्थित फ्लैट को बंधक बनाया था। किश्त अदा न होने पर कंपनी ने जानकारी की तो पता चला कि इन लोगों ने धनवंती देवी के स्थान पर किसी अन्य महिला को खड़ा कर शास्त्रीनगर डी-ब्लॉक स्थित संपत्ति का फर्जी बैनामा कराया और उसे कंपनी में बंधक रखा। धनवंती देवी का स्वर्गवास कई साल पहले ही हो गया था। लोन आदा करने की बात कहने पर आरोपी हत्या की धमकी देने लगे। कविनगर पुलिस ने 25 नवंबर 2020 को एकता चिटकारा, नीरज चिटकारा और सुरेंद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था। कविनगर एसएचओ संजीव कुमार शर्मा का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों से एक करोड़ का लोन लेने के मामले में परमिंदर बाबा निवासी जसोली विहार पाकेट-2 थाना शाहीनबाग दिल्ली को गिरफ्तार किया गया है। विवेचना में परमिंदर बाबा का नाम प्रकाश में आया था। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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गाजियाबाद। फर्जी दस्तावेजों के सहारे टाटा कैपिटल हाउंसिंग फाइनेंस कंपनी से एक करोड़ का लोन लेने के मामले में कविनगर पुलिस ने दिल्ली निवासी परमिंदर बाबा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक परमिंदर व अन्य लोगों ने शास्त्रीनगर डी-ब्लॉक निवासी मृतक महिला के स्थान पर किसी अन्य महिला को खड़ा कर मकान का फर्जी बैनामा कराया और फिर उस बैनामे को बंधक रखकर एक करोड़ रुपये का लोन लिया।
मैसर्स टाटा कैपिटल हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के प्राधिकृत अधिकारी मनोज शर्मा के मुताबिक फरीदाबाद की एनएचपीसी कॉलोनी निवासी एकता चिटकारा व नीरज चिटकारा ने गवाह सुरेंद्र सिंह भंडारी के साथ मिलकर उनकी कंपनी से 22 फरवरी 2018 को एक करोड़ का लोन लिया था। लोन की एवज में शास्त्रीनगर डी-ब्लॉक स्थित फ्लैट को बंधक बनाया था। किश्त अदा न होने पर कंपनी ने जानकारी की तो पता चला कि इन लोगों ने धनवंती देवी के स्थान पर किसी अन्य महिला को खड़ा कर शास्त्रीनगर डी-ब्लॉक स्थित संपत्ति का फर्जी बैनामा कराया और उसे कंपनी में बंधक रखा। धनवंती देवी का स्वर्गवास कई साल पहले ही हो गया था। लोन आदा करने की बात कहने पर आरोपी हत्या की धमकी देने लगे। कविनगर पुलिस ने 25 नवंबर 2020 को एकता चिटकारा, नीरज चिटकारा और सुरेंद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था। कविनगर एसएचओ संजीव कुमार शर्मा का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों से एक करोड़ का लोन लेने के मामले में परमिंदर बाबा निवासी जसोली विहार पाकेट-2 थाना शाहीनबाग दिल्ली को गिरफ्तार किया गया है। विवेचना में परमिंदर बाबा का नाम प्रकाश में आया था। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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