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मिलावटखोरों पर लगा 28 लाख जुर्माना
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दूध के सैंपल लेते खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी.
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मिलावटखोरों पर लगा 28 लाख जुर्माना
गाजियाबाद। जुलाई माह में एडीएम सिटी की कोर्ट में दायर 29 मिलावटी खाद्य पदार्थों का निस्तारण किया गया। कोर्ट से मिलावटखोरों पर 28 लाख 45 हजार का जुर्माना लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सैंपल रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थ में कमी मिलने पर कोर्ट में वाद दायर कराया गया था। इसके अलावा मिलावटी दूध की बिक्री न हो, इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शनिवार से अभियान शुरू किया है।
जिला अभिहित अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने जिले में मिलावटी दूध के विरुद्ध अभियान चलाते हुए सात सैंपल लिए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश कुमार यादव ने दो स्थानों से दूध का एक-एक नमूना, जितेंद्र कुमार कुशवाह ने एक, उमाशंकर सिंह ने दो, विपिन कुमार सिंह ने दो नमूने एकत्रित किए। उन्होंने बताया कि सभी सैंपल राजकीय खाद्य प्रयोगशाला लखनऊ भेजे गए हैं।
जांच में फेल होने पर एफएसएस एक्ट 2006 के तहत विधिक कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा जुलाई में जिले में विभिन्न खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा 88 नमूने लिए गए और 25 व्यक्तियों के विरुद्ध न्यायालय न्याय निर्णायक एवं नौ व्यक्तियों के खिलाफ न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम में वाद दायर किए गए। जुलाई में ही राजकीय खाद्य प्रयोगशाला से 75 जांच रिपोर्ट मिलीं, जिसमें से 40 नमूने मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। इस सभी मामलों में विभाग की ओर से कोर्ट में वाद दायर कराया जा रहा है।
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गाजियाबाद। जुलाई माह में एडीएम सिटी की कोर्ट में दायर 29 मिलावटी खाद्य पदार्थों का निस्तारण किया गया। कोर्ट से मिलावटखोरों पर 28 लाख 45 हजार का जुर्माना लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सैंपल रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थ में कमी मिलने पर कोर्ट में वाद दायर कराया गया था। इसके अलावा मिलावटी दूध की बिक्री न हो, इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शनिवार से अभियान शुरू किया है।
जिला अभिहित अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने जिले में मिलावटी दूध के विरुद्ध अभियान चलाते हुए सात सैंपल लिए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश कुमार यादव ने दो स्थानों से दूध का एक-एक नमूना, जितेंद्र कुमार कुशवाह ने एक, उमाशंकर सिंह ने दो, विपिन कुमार सिंह ने दो नमूने एकत्रित किए। उन्होंने बताया कि सभी सैंपल राजकीय खाद्य प्रयोगशाला लखनऊ भेजे गए हैं।
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जांच में फेल होने पर एफएसएस एक्ट 2006 के तहत विधिक कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा जुलाई में जिले में विभिन्न खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा 88 नमूने लिए गए और 25 व्यक्तियों के विरुद्ध न्यायालय न्याय निर्णायक एवं नौ व्यक्तियों के खिलाफ न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम में वाद दायर किए गए। जुलाई में ही राजकीय खाद्य प्रयोगशाला से 75 जांच रिपोर्ट मिलीं, जिसमें से 40 नमूने मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। इस सभी मामलों में विभाग की ओर से कोर्ट में वाद दायर कराया जा रहा है।
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