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गाजियाबाद: छात्रवृत्ति घोटाले में एसआईटी ने 20 को भेजे नोटिस, 2013-17 तक शिक्षण संस्थानों ने किया था घोटाला
Tue, 03 Aug 2021 01:12 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 03 Aug 2021 01:12 AM IST
सार
गाजियाबाद में पीजीडीएम कोर्स के नाम पर वर्ष 2013 से 2017 तक शिक्षण संस्थानों द्वारा छात्रवृत्ति घोटाला सामने आया था। यह घोटाला समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से किया गया था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गाजियाबाद में पीजीडीएम कोर्स के नाम पर छात्रवृत्ति घोटाले में एसआईटी ने अग्रिम विवेचना में तेज कर दी है। एसपी एसआईटी के मुताबिक घोटाले से संबंधित 20 से अधिक लोगों को नोटिस भेजा गया है। इसमें आरोपियों के अलावा गवाह भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि अग्रिम विवेचना के तहत नए तथ्य खोजे जा रहे हैं, जिनमें विवेचना प्रचलित की जाएगी।
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गाजियाबाद में पीजीडीएम कोर्स के नाम पर वर्ष 2013 से 2017 तक शिक्षण संस्थानों द्वारा छात्रवृत्ति घोटाला सामने आया था। यह घोटाला समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से किया गया था। स्थानीय स्तर पर एफआईआर दर्ज की गई थीं। स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग पर शासन ने घोटाले की जांच पिछले साल यूपी एसआईटी को सौंपी थी।
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एसपी एसआईटी देवरंजन वर्मा ने बताया कि छात्रवृत्ति घोटाले में जिला स्तर पर ही एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप-पत्र दाखिल कर दिए गए थे। शासन ने दिसंबर 2020 में घोटाले की जांच एसआईटी को सौंपी थी, जिसके बाद केस दर्ज कर अग्रिम विवेचना शुरू की गई। देवरंजन वर्मा ने बताया कि पूर्व दाखिल हो चुके आरोप-पत्रों के अलावा एसआईटी नए तथ्य और नए साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। उन्हीं के आधार पर अग्रिम विवेचना आगे बढ़ेगी।
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कई गवाह व कर्मचारियों का नहीं लग पा रहा पता
एसपी एसआईटी ने बताया कि मामला काफी पुराना है। घोटाले से जुड़े कुछ लोग व गवाह स्थानांतरित हो गए हैं या वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे में कई लोगों का पता नहीं चल पा रहा है। कर्मचारियों का रिकार्ड खंगालकर उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है। अग्रिम विवेचना आगे बढ़ाते हुए घोटाले से जुड़े 20 से अधिक लोगों को नोटिस भेजा गया है।
विवेचक ने संभाला कार्यभार, रफ्तार पकड़ेगी जांच
एसपी एसआईटी ने बताया कि जिस विवेचक के पास पूर्व में घोटाले की जांच थी, वह मार्च में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके बाद जिस विवेचक को जांच मिली, वह ऑपरेशन के चलते लंबे समय तक इलाज चलता रहा। बीते शनिवार को उन्होंने कार्यभार संभाल लिया है। अब जांच की रफ्तार बढ़ाते हुए अग्रिम विवेचना के लिए नए तथ्य व साक्ष्य तलाशे जाएंगे।