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एसएसपी दफ्तर पहुंच फरियादी बोले-हमारी भी सुनवाई करो
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एसएसपी दफ्तर पहुंच फरियादी बोले-हमारी भी सुनवाई करो
गाजियाबाद। छात्रा से मोबाइल लूट के मामले में एसएसपी अमित पाठक द्वारा खुद मसूरी थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराने की घटना चर्चा का विषय बनी है। इस घटना के बाद छात्रा की तरह ही पुलिस की मनमानी के कई पीड़ित शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह भी पीड़ित हैं और उनकी भी सुनवाई की जाए। हालांकि, एसएसपी मौजूद नहीं थे। लेकिन उनकी गैरमौजूदगी में एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने उनकी शिकायत सुनी और चार मामले में संबंधित थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने केआदेश दिए।
केस एक : बैनामा, दस्तावेज व जेवर चोरी की मसूरी पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट
मसूरी के न्यू मायापुरम में धर्मकांटे के पास रहने वाले अतर सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्हे पता चला कि उनके मकान का बैनामा तथा अन्य दस्तावेज, सोने-चांदी के जेवर गायब हैं। काफी खोजबीन के बाद भी सुराग न लगने पर मसूरी थाने में शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने उल्टे उसी पर शक जाहिर किया। थक-हारकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे। इस मामले में एसपी ग्रामीण ने मसूरी पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
केस दो : भोजपुर पुलिस ने 11 दिन बाद भी नहीं लिखी चोरी की रिपोर्ट
भोजपुर के गांव मछरी निवासी रामबीर सिंह का कहना है कि 12 जुलाई की सुबह 3 बजे उन्होंने छत से देखा कि मकान के सारे दरवाजे खुले हैं। वह नीचे उतरने लगे तो दो लोग घर से निकलकर भागे। उन्होंने घर में जाकर देखा तो अलमारी से सोने-चांदी के जेवर तथा 1200 रुपये चोरी मिले। यूपी-112 पर सूचना देने पर पुलिस भी आ गई। भोजपुर थाने में शिकायत दी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसपी ग्रामीण ने तत्काल केस दर्ज करने के आदेश दिए।
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केस तीन : प्रताड़ित करने वाले ससुरालियों पर एफआईआर के आदेश
मेरठ के किला परीक्षितगढ़ निवासी समा का कहना है कि उसकी शादी करीब 3 साल पहले मसूरी के गांव नाहल निवासी दानिश से हुई थी। शादी में 27 लाख रुपये व वैगनआर कार दी। इसके बाद भी ससुरालिया दो लाख रुपये की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट करते हैं। मारपीट में उसे चोट भी आईं, जिसके निशान शरीर पर मौजूद हैं। मसूरी थाने में शिकायत देने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसपी ग्रामीण ने केस दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करानेे के आदेश दिए हैं।
केस चार : केस दर्ज कर कार्रवाई करना भूली लोनी बॉर्डर पुलिस
लोनी बॉर्डर क्षेत्र की रहने वाली महिला ने बताया कि 21 जुलाई को पड़ोस में रहने वाली सीता व उसके परिजनों ने उस पर हमला कर दिया। महिला के भाई ने उसके साथ छेड़छाड़ की। आरोप है कि वह तीन माह की गर्भवती है। मारपीट में उसके बच्चे को नुकसान पहुंचा। 112 पर फोन करने पर पुलिस आ गई। इसके बाद वह लोनी बॉर्डर थाने पहुंची, जिस पर रिपोर्ट तो दर्ज कर ली गई, लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने उसकी मेडिकल रिपोर्ट अपने पास रखकर उसे कार्रवाई का आश्वासन देकर भेज दिया। आज तक आरोपी खुले घूम रहे हैं। एसपी ग्रामीण ने आरोपियों पर कार्रवाई के आदेश दिए।
85 फरियादियों ने लगाई गुहार
शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय में 85 फरियादियों ने गुहार लगाई। इनमें से अधिकांश मामले एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने के थे। इसके अलावा दूसरे नंबर पर सवार्धिक मामले आपसी विवाद के थे, जिनमें से पुलिस को जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साइबर अपराध से जुड़े तीन मामले भी साइबर सेल को भेजे गए।
त्वरित कार्रवाई करे पुलिस
सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया हुआ है कि पीड़ित की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाए। अगर मामला संदिग्ध है तो जांच कर कार्रवाई करें। लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
- अमित पाठक, एसएसपी
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गाजियाबाद। छात्रा से मोबाइल लूट के मामले में एसएसपी अमित पाठक द्वारा खुद मसूरी थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराने की घटना चर्चा का विषय बनी है। इस घटना के बाद छात्रा की तरह ही पुलिस की मनमानी के कई पीड़ित शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह भी पीड़ित हैं और उनकी भी सुनवाई की जाए। हालांकि, एसएसपी मौजूद नहीं थे। लेकिन उनकी गैरमौजूदगी में एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने उनकी शिकायत सुनी और चार मामले में संबंधित थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने केआदेश दिए।
केस एक : बैनामा, दस्तावेज व जेवर चोरी की मसूरी पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट
मसूरी के न्यू मायापुरम में धर्मकांटे के पास रहने वाले अतर सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्हे पता चला कि उनके मकान का बैनामा तथा अन्य दस्तावेज, सोने-चांदी के जेवर गायब हैं। काफी खोजबीन के बाद भी सुराग न लगने पर मसूरी थाने में शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने उल्टे उसी पर शक जाहिर किया। थक-हारकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे। इस मामले में एसपी ग्रामीण ने मसूरी पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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केस दो : भोजपुर पुलिस ने 11 दिन बाद भी नहीं लिखी चोरी की रिपोर्ट
भोजपुर के गांव मछरी निवासी रामबीर सिंह का कहना है कि 12 जुलाई की सुबह 3 बजे उन्होंने छत से देखा कि मकान के सारे दरवाजे खुले हैं। वह नीचे उतरने लगे तो दो लोग घर से निकलकर भागे। उन्होंने घर में जाकर देखा तो अलमारी से सोने-चांदी के जेवर तथा 1200 रुपये चोरी मिले। यूपी-112 पर सूचना देने पर पुलिस भी आ गई। भोजपुर थाने में शिकायत दी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसपी ग्रामीण ने तत्काल केस दर्ज करने के आदेश दिए।
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केस तीन : प्रताड़ित करने वाले ससुरालियों पर एफआईआर के आदेश
मेरठ के किला परीक्षितगढ़ निवासी समा का कहना है कि उसकी शादी करीब 3 साल पहले मसूरी के गांव नाहल निवासी दानिश से हुई थी। शादी में 27 लाख रुपये व वैगनआर कार दी। इसके बाद भी ससुरालिया दो लाख रुपये की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट करते हैं। मारपीट में उसे चोट भी आईं, जिसके निशान शरीर पर मौजूद हैं। मसूरी थाने में शिकायत देने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसपी ग्रामीण ने केस दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करानेे के आदेश दिए हैं।
केस चार : केस दर्ज कर कार्रवाई करना भूली लोनी बॉर्डर पुलिस
लोनी बॉर्डर क्षेत्र की रहने वाली महिला ने बताया कि 21 जुलाई को पड़ोस में रहने वाली सीता व उसके परिजनों ने उस पर हमला कर दिया। महिला के भाई ने उसके साथ छेड़छाड़ की। आरोप है कि वह तीन माह की गर्भवती है। मारपीट में उसके बच्चे को नुकसान पहुंचा। 112 पर फोन करने पर पुलिस आ गई। इसके बाद वह लोनी बॉर्डर थाने पहुंची, जिस पर रिपोर्ट तो दर्ज कर ली गई, लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने उसकी मेडिकल रिपोर्ट अपने पास रखकर उसे कार्रवाई का आश्वासन देकर भेज दिया। आज तक आरोपी खुले घूम रहे हैं। एसपी ग्रामीण ने आरोपियों पर कार्रवाई के आदेश दिए।
85 फरियादियों ने लगाई गुहार
शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय में 85 फरियादियों ने गुहार लगाई। इनमें से अधिकांश मामले एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने के थे। इसके अलावा दूसरे नंबर पर सवार्धिक मामले आपसी विवाद के थे, जिनमें से पुलिस को जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साइबर अपराध से जुड़े तीन मामले भी साइबर सेल को भेजे गए।
त्वरित कार्रवाई करे पुलिस
सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया हुआ है कि पीड़ित की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाए। अगर मामला संदिग्ध है तो जांच कर कार्रवाई करें। लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
- अमित पाठक, एसएसपी