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नौ कॉलोनियों में आज से पानी की सप्लाई बंद
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नौ कॉलोनियों में आज से पानी की सप्लाई बंद
गाजियाबाद। जल निगम और नगर निगम के बीच 10 नलकूपों को लगाने पर उठा विवाद अब 15वें वित्त आयोग की कमेटी निपटाएगी। मेयर की अध्यक्षता वाली इस कमेटी के पास यह मामला पहुंच गया है। आगामी बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा।
नगर निगम ने दिसंबर 2020 में 10 ट्यूबवेल लगाने का ठेका गुपचुप जल निगम की मेरठ इकाई को दे दिया था, जबकि नगर निगम खुद भी ठेकेदारों से नलकूप लगवाता है। यह ठेका 2.52 करोड़ रुपये में दिया गया था। नगर निगम की दरों के हिसाब से यह नलकूप 1.48 करोड़ रुपये में बनकर तैयार हो जाएंगे। भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने प्रेसवार्ता कर नगर निगम अधिकारियों पर धांधली कराए जाने का आरोप लगाया था। इसके बाद से यह नलकूप अटके हुए हैं। अब नगर निगम अधिकारी इस मामले को 15वें वित्त आयोग की आगामी बैठक में रखेंगे। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि यह नलकूप 15वें वित्त आयोग के फंड से लगाए जाने हैं। मेयर की अध्यक्षता वाली कमेटी की बैठक में इसका निर्णय लिया गया था। उनका कहना है कि इसमें निर्णय लेने का अधिकार समिति को है। नगर आयुक्त इस समिति में सिर्फ एक सदस्य है। उनका कहना है कि समिति जो भी निर्णय लेगी, उसके आधार पर कार्य कराया जाएगा।
यह था विवाद
नगर निगम ने पूर्व में 19 नलकूपों को रिबोर और तीन नए नलकूप अपने ठेकेदारों से लगवाए थे। रिबोर नलकूप के लिए 18 लाख और नए नलकूप के लिए 32 लाख का एस्टिमेट बनाया था, लेकिन टेंडर निर्धारित दरों से कम दरों पर मिले थे। ठेकेदारों ने रिबोर के लिए 18 लाख की बजाय महज 14 लाख रुपये और नए नलकूप लगाने के लिए 32 लाख की बजाय 23.60 लाख रुपये में काम करने पर सहमति दी थी। इन दरों के आधार पर जल निगम ने 10 नलकूपों को लगाने के लिए नगर निगम से 1.04 करोड़ रुपये ज्यादा का प्रस्ताव दिया था। जिस पर नगर निगम ने हामी भी भर दी थी। विवाद होने के बाद काम रोक दिया गया था।
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गाजियाबाद। जल निगम और नगर निगम के बीच 10 नलकूपों को लगाने पर उठा विवाद अब 15वें वित्त आयोग की कमेटी निपटाएगी। मेयर की अध्यक्षता वाली इस कमेटी के पास यह मामला पहुंच गया है। आगामी बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा।
नगर निगम ने दिसंबर 2020 में 10 ट्यूबवेल लगाने का ठेका गुपचुप जल निगम की मेरठ इकाई को दे दिया था, जबकि नगर निगम खुद भी ठेकेदारों से नलकूप लगवाता है। यह ठेका 2.52 करोड़ रुपये में दिया गया था। नगर निगम की दरों के हिसाब से यह नलकूप 1.48 करोड़ रुपये में बनकर तैयार हो जाएंगे। भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने प्रेसवार्ता कर नगर निगम अधिकारियों पर धांधली कराए जाने का आरोप लगाया था। इसके बाद से यह नलकूप अटके हुए हैं। अब नगर निगम अधिकारी इस मामले को 15वें वित्त आयोग की आगामी बैठक में रखेंगे। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि यह नलकूप 15वें वित्त आयोग के फंड से लगाए जाने हैं। मेयर की अध्यक्षता वाली कमेटी की बैठक में इसका निर्णय लिया गया था। उनका कहना है कि इसमें निर्णय लेने का अधिकार समिति को है। नगर आयुक्त इस समिति में सिर्फ एक सदस्य है। उनका कहना है कि समिति जो भी निर्णय लेगी, उसके आधार पर कार्य कराया जाएगा।
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यह था विवाद
नगर निगम ने पूर्व में 19 नलकूपों को रिबोर और तीन नए नलकूप अपने ठेकेदारों से लगवाए थे। रिबोर नलकूप के लिए 18 लाख और नए नलकूप के लिए 32 लाख का एस्टिमेट बनाया था, लेकिन टेंडर निर्धारित दरों से कम दरों पर मिले थे। ठेकेदारों ने रिबोर के लिए 18 लाख की बजाय महज 14 लाख रुपये और नए नलकूप लगाने के लिए 32 लाख की बजाय 23.60 लाख रुपये में काम करने पर सहमति दी थी। इन दरों के आधार पर जल निगम ने 10 नलकूपों को लगाने के लिए नगर निगम से 1.04 करोड़ रुपये ज्यादा का प्रस्ताव दिया था। जिस पर नगर निगम ने हामी भी भर दी थी। विवाद होने के बाद काम रोक दिया गया था।
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