फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad news

५९ फीसदी घी और ३२ फीसदी पनीर के नमूने रहे फेल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 07 Jun 2021 12:52 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad news
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर विशेष
विज्ञापन

बाजार में 59 फीसदी घी और 32 फीसदी पनीर घटिया
गाजियाबाद। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस की थीम है, स्वस्थ कल के लिए, अब अगर कल के लिए स्वस्थ रहना है तो आपको अपने खाद्य उत्पादों में मिलावट को लेकर सजग रहना होगा। सेहत के बनाने वाला घी व पनीर की जांच के सरकारी आंकड़े इस बेहतर नहीं रहे हैं। घी के 37 सैंपल में 16 जांच रिपोर्ट में असुरक्षित मिले। यानी 59 फीसदी नमूने जांच में फेल हैं। इसी तरह से कोरोना काल में सबसे अधिक बिका पनीर के भी 32 फीसदी नमूने जांच में फेल हुए हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सालभर में 30 अलग-अलग खाद्य पदार्थों के 661 नमूने जांच के लिए एकत्रित किए। इनमें से 94 उत्पाद असुरिक्षत मिले हैं। दूध, दूध उत्पाद, दालें, मसाले, मिठाई व अन्य खाद्य जांच रिपोर्ट आने के बाद अनसेफ मिले हैं। जबकि साल 2019-20 में 43 सैंपल रिपोर्ट में असुरक्षित आए थे। पिछले साल के मुकाबले भी जांच रिपोर्ट में असुरक्षित खाद्य पदार्थ बढ़े हैं। इस साल कुल 110 मामलों में कोर्ट में सुनवाई के बाद मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई। कोर्ट से इन सभी मामलों में 56 लाख 50 हजार का जुर्माना लगाया गया। घर-घर में सेहत बनाने के लिए प्रयोग होने वाला घी और कोरोना काल में प्रोटीन के लिए इस्तेमाल होने वाला पनीर जांच रिपोर्ट में असुरक्षित मिला है। पिछले साल पनीर के 47 नमूनों में से 18 रिपोर्ट में फेल मिले थे।
विज्ञापन

साल 2020-21 में लिए गए घी और पनीर के नमूने
उत्पाद लिए गए सैंपल मिली जांच रिपोर्ट अधोमानक असुरक्षित मिसब्रांड
पनीर - 80 59 25 19
घी - 37 27 01 16 01
कोर्ट में गए मामले, वसूला गया जुर्माना
फेल घी के नमूने के पांच वाद एओ कोर्ट में विभाग ने दायर किए, इनमें कोर्ट से मिलावटखोरों पर तीन लाख 60 हजार का जुर्माना लगाया गया। जबकि पनीर के छ मामलों में कोर्ट ने तीन लाख का जुर्माना विक्रेताओं पर लगाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये है सजा का प्रावधान
मिलावटी खाद्य उत्पादों की बिक्री पर आरोपी को छह माह से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थ असुरक्षित पाए जाने पर जुर्माना और सजा का प्रावधान है। यदि असुरक्षित खाद्य पदार्थ खाने से किसी व्यक्ति की मौत होती है तो आरोपी विक्रेता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा सकती है। इसके साथ ही मृतक के परिजनों को मुआवजा भी देना पड़ सकता है। जिले में साल भर में जुर्माने के अलावा विक्रेता को सजा नहीं सुनाई गई है।
कोट
विभाग लगातार अभियान चलाकर खाद्य वस्तुओं की जांच करता है। जो भी नमूने अनसेफ आते हैं, उन्हें बाजार से तुरंत हटवाया जाता है और न्यायालय में आरोपी विक्रेता के खिलाफ वाद भी दायर होता है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही विक्रेता के खिलाफ कार्यवाही की जाती है।
- विनीत कुमार, जिला अभिहीत अधिकारी
साल 2020-21 में विभाग द्वारा की गई कार्यवाही :
निरीक्षण - 6365
छापे - 274
संग्रहित किये गए नमूने - 661
प्राप्त जांच रिपोर्ट- 600
अधोमानक - 121
असुरक्षित- 94
मिथ्या छाप नियमों का उल्लंघन- 13
मानकों के विपरीत मिले कुल नमूने- 92
मसालों में भी मिलावट का खेल
इस साल खाद्य सुरक्षा विभाग ने 70 सैंपल खाद्य मसालों के एकत्रित किए। इनमें से 60 की जांच रिपोर्ट विभाग को मिली। रिपोर्ट में सात नमूने अद्योमानक, छह नमूने फेल और 17 नमूने इसे मिले, जिनकी मिथ्याछाप पर ग्राहकों को भ्रमित किया जा रहा था।
घी में प्रयोग होता है वनस्पति और केमिकल
विशेषज्ञों का कहना है कि वनस्पति धी में कैमिकल का प्रयोग कर देसी घी बना दिया जाता है। इसको तैयार करने के लिए पॉम ऑयल, एसेंस और रंग का इस्तेमाल मिलावटखोर करते हैं। इसी तरह से नकली पनरीर बनाने के लिए दूध में 40 फीसदी तक पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। डॉ. अरविंद डोगरा का कहना है कि मिलावटी वस्तुओं को सेवन पेट संबंधी रोगों को पैदा कर सकता है। इनके अधिक इस्तेमाल से कैंसर का भी खतरा रहता है।

लोग खुद भी करा सकते हैं जांच
लोग अपने उत्पादों की जांच खुद भी करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें विभाग में सैंपल लेकर आना होगा। जिला अभिहीत अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि सैंपल को जांच के लिए कार्यालय में देना होगा। अलग-अलग पदार्थों की जांच के लिए एक फीस निर्धारित है। उसके मुताबिक जांच रिपोर्ट लोगों को दी जाएगी। इसके अलावा कार्यालय में भी लोग आकर शिकायत कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed