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रजापुर गांव में मृत मिले पांच पक्षी
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रजापुर गांव में मृत मिले पांच पक्षी
गाजियाबाद। बुधवार को जिले के रजापुर गांव में पांच पक्षी मृत मिले। सूचना के बाद पशु चिकित्सा विभाग ने टीम भेजी। टीम ने एहतियातन उन पक्षियों के सैंपल लिए, हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि प्राथमिक जांच में इन पक्षियों की मौत का कारण ठंड लग रही है। बढ़ते मामले को देखते हुए बुधवार को जिले में कंट्रोल रूम भी बनाया गया। साथ ही पक्षियों की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए दिल्ली बार्डर सील करने की चल रही है।
जिले में भी लगातार पक्षियों केमरने के मामले सामने आ रहे हैं लेकिन अभी तक एक पक्षी में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है। बुधवार को भी जिले के रजापुर गांव में चार-पांच पक्षियों के मरने की सूचना मिली। मंगलवार को बम्हैटा गांव के एक तालाब में सात-आठ जलमुर्गियां मरी हुई मिलीं थीं। उनके सैंपल बरेली के लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं।
दिल्ली और प्रदेश के अन्य जिलों में बर्ड फ्लू के केस आने के बाद जिले में भी 24 घंटे के लिए कंट्रोल रूम बना दिया गया। विकास भवन में स्थित कोरोना कंट्रोल रूम में ही बर्ड फ्लू का कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसकेअलावा बार्डर भी सील करने केनिर्देश दिए गए हैं, जिसकेतहत दिल्ली एनसीआर और अन्य राज्यों से चिकन या अन्य पॉल्ट्री सामान नहीं आएगा। किसी भी व्यक्ति को अगर किसी बीमार पक्षी या मरने की सूचना मिले तो 0120-2829040 पर जानकारी दे सकता है।
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पशु चिकित्सा विभाग ने जारी किए दिशानिर्देश
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेश कुमार ने बताया कि बर्ड फ्लू मुर्गियों में फैलने वाला एक संक्रामक रोग है। बर्ड फ्लू बीमारी चिकन, टक, गीज और बतख की प्रजातियों को अधिक प्रभावित करता है। बर्ड फ्लू पक्षियों से मनुष्य में भी फैल सकता है। इसलिए सभी को सावधान रहने की जरूरत है। अगर किसी को मुर्गियों में आकस्मिक मृत्यु, सांस की बीमारी के लक्षण जैसे दस्त लगने की स्थिति हो तो अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करें। मरे हुए पक्षियों से दूर रहें। अगर आपके आसपास किसी पक्षी की मौत हो जाती है तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें। फ्रिज में पके हुए व कच्चे मीट को अलग-अलग रखें। कच्चे मीट व अंडे छूने के बाद अपने हाथ ठीक से धोएं। मुर्गी पालक पॉल्ट्री फार्म में मुर्गियों और अंडों को छूते वक्त मास्क और ग्लव्स का उपयोग करें। चिकन या अंडा यदि खा रहे हैं तो साफ-सफाई करने के बाद 70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पकाने के बाद वह सुरक्षित रहेगा कच्चा चिकन या अंडा ना खाएं।
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गाजियाबाद। बुधवार को जिले के रजापुर गांव में पांच पक्षी मृत मिले। सूचना के बाद पशु चिकित्सा विभाग ने टीम भेजी। टीम ने एहतियातन उन पक्षियों के सैंपल लिए, हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि प्राथमिक जांच में इन पक्षियों की मौत का कारण ठंड लग रही है। बढ़ते मामले को देखते हुए बुधवार को जिले में कंट्रोल रूम भी बनाया गया। साथ ही पक्षियों की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए दिल्ली बार्डर सील करने की चल रही है।
जिले में भी लगातार पक्षियों केमरने के मामले सामने आ रहे हैं लेकिन अभी तक एक पक्षी में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है। बुधवार को भी जिले के रजापुर गांव में चार-पांच पक्षियों के मरने की सूचना मिली। मंगलवार को बम्हैटा गांव के एक तालाब में सात-आठ जलमुर्गियां मरी हुई मिलीं थीं। उनके सैंपल बरेली के लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं।
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दिल्ली और प्रदेश के अन्य जिलों में बर्ड फ्लू के केस आने के बाद जिले में भी 24 घंटे के लिए कंट्रोल रूम बना दिया गया। विकास भवन में स्थित कोरोना कंट्रोल रूम में ही बर्ड फ्लू का कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसकेअलावा बार्डर भी सील करने केनिर्देश दिए गए हैं, जिसकेतहत दिल्ली एनसीआर और अन्य राज्यों से चिकन या अन्य पॉल्ट्री सामान नहीं आएगा। किसी भी व्यक्ति को अगर किसी बीमार पक्षी या मरने की सूचना मिले तो 0120-2829040 पर जानकारी दे सकता है।
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पशु चिकित्सा विभाग ने जारी किए दिशानिर्देश
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेश कुमार ने बताया कि बर्ड फ्लू मुर्गियों में फैलने वाला एक संक्रामक रोग है। बर्ड फ्लू बीमारी चिकन, टक, गीज और बतख की प्रजातियों को अधिक प्रभावित करता है। बर्ड फ्लू पक्षियों से मनुष्य में भी फैल सकता है। इसलिए सभी को सावधान रहने की जरूरत है। अगर किसी को मुर्गियों में आकस्मिक मृत्यु, सांस की बीमारी के लक्षण जैसे दस्त लगने की स्थिति हो तो अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करें। मरे हुए पक्षियों से दूर रहें। अगर आपके आसपास किसी पक्षी की मौत हो जाती है तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें। फ्रिज में पके हुए व कच्चे मीट को अलग-अलग रखें। कच्चे मीट व अंडे छूने के बाद अपने हाथ ठीक से धोएं। मुर्गी पालक पॉल्ट्री फार्म में मुर्गियों और अंडों को छूते वक्त मास्क और ग्लव्स का उपयोग करें। चिकन या अंडा यदि खा रहे हैं तो साफ-सफाई करने के बाद 70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पकाने के बाद वह सुरक्षित रहेगा कच्चा चिकन या अंडा ना खाएं।