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जानलेवा साबित हो रही रफ्तार, हर साल सैकड़ों गंवा रहा जान
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ये 15 ब्लैक स्पॉट हैं जानलेवा, संभलकर गुजरें
गाजियाबाद। तीन साल में ढाई हजार हादसे और 1062 लोगों की मौत। यह आंकड़ा डराने वाला है। अधिकांश हादसों का कारण ब्लैक स्पॉट और वाहनों की तेज रफ्तार है। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक जिले में सीमापुरी बॉर्डर, मोहननगर, भोपुरा तिराहा, करन गेट और लोनी तिराहा समेत 15 ब्लैक स्पॉट ऐसे हैं, जहां आए दिन हादसों में लोगों की जान जाती है। ऐसे में जरूरी है कि इन स्थानों के पास से गुजरें तो विशेष सावधानी बरतें। गाड़ी की स्पीड भी कम रखें।
ओवरस्पीड को लेकर गंभीर नहीं पुलिस
इसके अलावा वाहनों की तेज रफ्तार भी जानलेवा साबित हो रही है। लेकिन हादसों को रोकने को लेकर कोई ठोस पहल होती नहीं दिख रही। यातायात माह में हुई कार्रवाई यह बताने के लिए काफी है। नवंबर में पूरे महीने चलने वाला यातायात माह आधा बीत चुका है, लेकिन ओवर स्पीड का एक भी चालान जिले में नहीं हुआ। एक नवंबर से 30 नवंबर तक चलने वाला यातायात माह ट्रैफिक पुलिस के नजरिये से बेहद खास माना जाता है। लेकिन, गौर करने वाली बात यह है कि यातायात माह में पुलिस की कार्रवाई सिर्फ बिना हेलमेट और नो-पार्किंग के चालान तक सिमटी है। 1 नवंबर से 15 नवंबर तक विभिन्न अभियोग में 19 हजार 436 चालान कर 43 लाख 68 हजार 900 रुपये शमन शुल्क वसूला गया। सर्वाधिक बिना हेलमेट के 7558 चालान, दूसरे नंबर पर नो-पार्किंग के 3149 चालान तथा तीसरे नंबर पर यातायात नियमों के उल्लंघन पर 1934 चालान हुए। चालान के आंकड़े पर गौर किया जाए तो आए दिन हो रहे हादसों के बीच पुलिस को एक भी वाहन ओवरस्पीड नहीं दिखाई दिया। इसी के चलते ओवर स्पीड चालान का कॉलम अभी तक खाली है।
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नेशनल हाईवे के ब्लैक स्पॉट
1. सेवा नगर घूकना मेरठ रोड : कट पार करते समय यू-टर्न न होना।
2. अर्थला : यूर्टन की कम चौड़ाई व कम चौड़ी सड़क।
3. राज चौपला : भारी वाहन की अधिक संख्या व जल निगम का निर्माणाधीन प्रोजेक्ट।
4. सीकरी कट : कट पार करते समय यू-टर्न का न होना।
5. मोदी मंदिर कट : कट पार करते समय यू-टर्न का न होना। मुख्य बाजार के चलते वाहनों की अधिकता।
6. दुहाई : ईस्टर्न पेरिफेरल के उतार-चढ़ाव के कारण यातायात की अधिकता।
7. आईटीएस : कट पार करते समय यू-टर्न का न होना।
8. डासना : वाहनों की अधिकता।
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स्टेट हाईवे के ब्लैक स्पॉट
1. पवी सादिकपुर गांव कट : वाहनों का अधिक दबाव
2. मंडौला गांव चौराहा : वाहनों का अधिक दबाव
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जिले के ब्लैक स्पॉट
1. सीमापुरी बॉर्डर : यहां बड़े वाहनों का आवागमन अधिक है।
2. मोहननगर : इस स्थान पर भारी वाहनों का आवागमन अधिक है।
3. भोपुरा तिराहा : ट्रैफिक की तुलना में सड़क की चौड़ाई कम होना।
4. करन गेट : गोल चक्कर का बड़ा होना व सड़क कम चौड़ा होना।
5. लोनी तिराहा : सड़क संकरी व टूटी होना। वाहनों का दबाव अधिक होना।
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सड़क हादसों का आंकड़ा
वर्ष हादसे मृतक घायल
2018 1043 412 783
2019 890 385 606
2020 (अगस्त तक) 557 265 367
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यातायात माह के 15 दिनों में चालान का आंकड़ा
बिना हेलमेट : 7558
नो पार्किंग : 3149
नियमों का उल्लंघन : 1934
सीट बेल्ट : 1624
डीएल : 1018
खतरनाक ड्राइविंग : 810
ट्रिपल राइडिंग : 568
नंबर प्लेट : 533
इंश्योरेंस : 481
प्रदूषण : 352
ब्लैक फिल्म : 284
परमिट उल्लंघन : 163
रेड लाइट जंप : 152
आरसी : 150
प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल : 95
बुलेट साउंड व म्यूजिक : 55
मोबाइल इस्तेमाल : 41
ओवर स्पीड : 00
अंडर ऐज ड्राइविंग : 00
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वर्जन .......
अधिकांश सड़क हादसे तेज रफ्तार के कारण होते हैं। यातायात माह में पुलिस यातायात नियम तोड़ने वाले पर कार्रवाई कर रही है तो वहीं लोगों को जागरूक भी कर रही है। अभियान चलाकर ओवरस्पीड वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- रामानंद कुशवाहा, एसपी ट्रैफिक
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गाजियाबाद। तीन साल में ढाई हजार हादसे और 1062 लोगों की मौत। यह आंकड़ा डराने वाला है। अधिकांश हादसों का कारण ब्लैक स्पॉट और वाहनों की तेज रफ्तार है। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक जिले में सीमापुरी बॉर्डर, मोहननगर, भोपुरा तिराहा, करन गेट और लोनी तिराहा समेत 15 ब्लैक स्पॉट ऐसे हैं, जहां आए दिन हादसों में लोगों की जान जाती है। ऐसे में जरूरी है कि इन स्थानों के पास से गुजरें तो विशेष सावधानी बरतें। गाड़ी की स्पीड भी कम रखें।
ओवरस्पीड को लेकर गंभीर नहीं पुलिस
इसके अलावा वाहनों की तेज रफ्तार भी जानलेवा साबित हो रही है। लेकिन हादसों को रोकने को लेकर कोई ठोस पहल होती नहीं दिख रही। यातायात माह में हुई कार्रवाई यह बताने के लिए काफी है। नवंबर में पूरे महीने चलने वाला यातायात माह आधा बीत चुका है, लेकिन ओवर स्पीड का एक भी चालान जिले में नहीं हुआ। एक नवंबर से 30 नवंबर तक चलने वाला यातायात माह ट्रैफिक पुलिस के नजरिये से बेहद खास माना जाता है। लेकिन, गौर करने वाली बात यह है कि यातायात माह में पुलिस की कार्रवाई सिर्फ बिना हेलमेट और नो-पार्किंग के चालान तक सिमटी है। 1 नवंबर से 15 नवंबर तक विभिन्न अभियोग में 19 हजार 436 चालान कर 43 लाख 68 हजार 900 रुपये शमन शुल्क वसूला गया। सर्वाधिक बिना हेलमेट के 7558 चालान, दूसरे नंबर पर नो-पार्किंग के 3149 चालान तथा तीसरे नंबर पर यातायात नियमों के उल्लंघन पर 1934 चालान हुए। चालान के आंकड़े पर गौर किया जाए तो आए दिन हो रहे हादसों के बीच पुलिस को एक भी वाहन ओवरस्पीड नहीं दिखाई दिया। इसी के चलते ओवर स्पीड चालान का कॉलम अभी तक खाली है।
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नेशनल हाईवे के ब्लैक स्पॉट
1. सेवा नगर घूकना मेरठ रोड : कट पार करते समय यू-टर्न न होना।
2. अर्थला : यूर्टन की कम चौड़ाई व कम चौड़ी सड़क।
3. राज चौपला : भारी वाहन की अधिक संख्या व जल निगम का निर्माणाधीन प्रोजेक्ट।
4. सीकरी कट : कट पार करते समय यू-टर्न का न होना।
5. मोदी मंदिर कट : कट पार करते समय यू-टर्न का न होना। मुख्य बाजार के चलते वाहनों की अधिकता।
6. दुहाई : ईस्टर्न पेरिफेरल के उतार-चढ़ाव के कारण यातायात की अधिकता।
7. आईटीएस : कट पार करते समय यू-टर्न का न होना।
8. डासना : वाहनों की अधिकता।
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स्टेट हाईवे के ब्लैक स्पॉट
1. पवी सादिकपुर गांव कट : वाहनों का अधिक दबाव
2. मंडौला गांव चौराहा : वाहनों का अधिक दबाव
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जिले के ब्लैक स्पॉट
1. सीमापुरी बॉर्डर : यहां बड़े वाहनों का आवागमन अधिक है।
2. मोहननगर : इस स्थान पर भारी वाहनों का आवागमन अधिक है।
3. भोपुरा तिराहा : ट्रैफिक की तुलना में सड़क की चौड़ाई कम होना।
4. करन गेट : गोल चक्कर का बड़ा होना व सड़क कम चौड़ा होना।
5. लोनी तिराहा : सड़क संकरी व टूटी होना। वाहनों का दबाव अधिक होना।
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सड़क हादसों का आंकड़ा
वर्ष हादसे मृतक घायल
2018 1043 412 783
2019 890 385 606
2020 (अगस्त तक) 557 265 367
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यातायात माह के 15 दिनों में चालान का आंकड़ा
बिना हेलमेट : 7558
नो पार्किंग : 3149
नियमों का उल्लंघन : 1934
सीट बेल्ट : 1624
डीएल : 1018
खतरनाक ड्राइविंग : 810
ट्रिपल राइडिंग : 568
नंबर प्लेट : 533
इंश्योरेंस : 481
प्रदूषण : 352
ब्लैक फिल्म : 284
परमिट उल्लंघन : 163
रेड लाइट जंप : 152
आरसी : 150
प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल : 95
बुलेट साउंड व म्यूजिक : 55
मोबाइल इस्तेमाल : 41
ओवर स्पीड : 00
अंडर ऐज ड्राइविंग : 00
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वर्जन .......
अधिकांश सड़क हादसे तेज रफ्तार के कारण होते हैं। यातायात माह में पुलिस यातायात नियम तोड़ने वाले पर कार्रवाई कर रही है तो वहीं लोगों को जागरूक भी कर रही है। अभियान चलाकर ओवरस्पीड वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- रामानंद कुशवाहा, एसपी ट्रैफिक