फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad news

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे बनेगा देश में सुरक्षित सफर का मॉडल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 17 Feb 2020 01:30 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad news
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे बनेगा देश में सुरक्षित सफर का मॉडल
विज्ञापन

गाजियाबाद। दिल्ली से सीधे मेरठ को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे को सबसे अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने की कवायद शुरू हो गई है। दूसरी ओर चौथे चरण के निर्माण के बीच नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने सेफ्टी फीचर और जनसुविधा की दिशा में भी काम शुरू कर दिया है। 82 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की गति के साथ एक्सप्रेस-वे को पार (क्रास) करने वाले लोगों को भी ध्यान में रखा जा रहा है। सड़क परिवहन मंत्रालय के निर्देश पर अब डासना से यूपी गेट के बीच बड़ी संख्या में आधुनिक फुटओवर ब्रिज बनाने का निर्देश दिया है, इनमें एस्कलेटर के साथ ही लिफ्ट तक की सुविधा होगी।
निर्धारित समय सीमा के हिसाब से मई तक एनएचएआई को एक्सप्रेस-वे तैयार करके देना है, जिसके पूरी तरह से तैयार होने पर असल दिक्कत उन लोगों को होगी जो विजय नगर की ओर से नोएडा या नोएडा की ओर से विजय नगर हर रोज पैदल ही सड़क पारकर आते-जाते हैं। ऐसी ही दिक्कतें डासना, हाईटेक सिटी, लालकुआं, एबीईएस कट से लेकर यूपी बोर्ड तक दर्जनों जगह हैं, जहां पर एक्सप्रेस-वे खुलते ही पैदल निकलना बंद हो जाएगा। पैदल आने-जाने व सड़क पार करने वालों की संख्या भी लाखों में है और भविष्य में उसमें बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। ऐसे में सड़क परिवहन मंत्रालय चाहता है कि सिर्फ सीमित संख्या में एस्कलेटर व लिफ्टयुक्त ओवरब्रिज न बनाए जाएं। अगले 20 साल की जरूरत और लोगों के आवागमन को आधार बनाकर तैयार हों। इसी बाबत एनएचएआई को विस्तृत सर्वे करने का निर्देश दिया गया है। मंत्रालय के निर्देश से स्पष्ट हो गया है कि अब बड़ी संख्या में फुटओवर ब्रिज बनाने की तैयारी में हैं।
विज्ञापन

एफओबी बनने से सुरक्षित होगा एक्सप्रेस-वे का सफर
मंत्रालय चाहता है कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर कहीं कोई रुकावट न हो। एफओबी का डिजाइन भी उसी तरह से बनाया जाएगा, जिसमें व्यक्ति सुरक्षित तरीके से एक्सप्रेस-वे को पार कर सकेगा। साथ ही दिव्यांगों, बुजुर्गों और बच्चों को एस्कलेटर व लिफ्ट लगने से आसानी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कंट्रोल रूम से रहेगी नजर
एक्सप्रेस-वे के तैयार होने पर डासना में ही मॉडल कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जहां से पूरे हाईवे पर नजर रखी जाएगी। ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर दौड़ने वाले वाहनों की गति सीमा से लेकर किसी भी तरह की सड़क दुर्घटना होने पर तत्काल मदद दी जाएगी। इसी तरह से सभी एफओबी पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जो सीधे कंट्रोल रूम से लिंक होंगे। एफओबी पर लिफ्ट बंद होने या खराब होने की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी।

संभावित एस्कलेटर
आईएएमएस कॉलेज के सामने डासना
हाईटेक सिटी की सामने
लालकुआं
एबीईएस
विजयनगर तिराहा
एलएनटी तिराहा
कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल के पास
कोट
एक्सप्रेस-वे पर जहां भी जरूरत होगी और जिन क्षेत्रों में भविष्य में आबादी बढ़ने की संभावना है। उन सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त एफओबी बनाए जाएंगे। इसके लिए मंत्रालय ने एनएचएआई को निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से भी राय ली जा रही है, जिससे की बेहतर सुविधाएं दी जा सकें।
- वीके सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed