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हाउस टैक्स वसूली के विरोध में हाईकोर्ट जाएंगे राजनगर एक्सटेंशन के लोग
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हाउस टैक्स वसूली के विरोध में हाईकोर्ट जाएंगे राजनगर एक्सटेंशन वासी
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में बिना सुविधा दिए हाउस टैक्स वसूले जाने के खिलाफ अब लोग हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है। एक्सटेंशन के लोगों का कहना है कि बिना जनसुविधा दिए नगर निगम टैक्स नहीं वसूल सकता। रेजिडेंट्स को पेनाल्टी और कार्रवाई का डर दिखाकर जबरन टैक्स वसूली करना गलत है।
राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र प्राइवेट बिल्डरों द्वारा बसाया गया है। इस क्षेत्र में सड़क, सीवर की सुविधाएं जीडीए की ओर से दी गई है और हाउसिंग सोसायटियों का निर्माण निजी बिल्डरों ने किया है। इस क्षेत्र में सड़कों की साफ-सफाई, सामुदायिक केंद्र, इंटरनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम, पानी की आपूर्ति, अंदरूनी सड़कों पर स्ट्रीट लाइटों का मेंटेनेंस, स्कूल, पार्क, पोस्ट ऑफिस समेत तमाम सुविधाएं अभी भी नदारद हैं।
करीब डेढ़-दो साल से स्थानीय लोग इन सुविधाओं की मांग को लेकर जीडीए और नगर निगम दोनों ही विभागों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन जीडीए इसे प्राइवेट बिल्डरों की कालोनी बताकर और नगर निगम अभी तक कालोनी हैंडओवर न किए जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहा है। कालोनी के लोगों को सुविधाएं नहीं दी गई, लेकिन नगर निगम ने यहां हाउस टैक्स वसूली शुरू कर दी है। राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र के अधिकांश लोग टैक्स वसूले जाने के खिलाफ हैं। जीडीए और नगर निगम से सुविधाएं लेने के लिए चक्कर लगाकर थक चुके राजनगर एक्सटेंशन एओए फेडरेशन के पदाधिकारी अब हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
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फेडरेशन पदाधिकारी जुटा रहे दस्तावेज
कोर्ट में याचिका दाखिल करने से पहले राजनगर एक्सटेंशन एओए फेडरेशन के पदाधिकारी नगर निगम और जीडीए अधिकारियों को दिए गए पत्र, उनके जवाब में मिले दस्तावेज आदि जुटा रहे हैं। तमाम दस्तावेज जुटाने के बाद अब जल्द ही कोर्ट में केस फाइल करने की तैयारी की जा रही है।
नगर निगम और जीडीए दोनों ही राजनगर एक्सटेंशन में जनसुविधाएं नहीं दे रहे हैं। जीडीए ने बिल्डरों के माध्यम से आवंटियों से बाह्य विकास शुल्क समेत तमाम चार्जेज लिए हैं, लेकिन अब इसे प्राइवेट बिल्डरों की कालोनी बताकर पल्ला झाड़ रहा है। अब कोर्ट जाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। - गजेंद्र सिंह आर्य, अध्यक्ष, एओए फेडेरेशन ऑफ राजनगर एक्सटेंशन
राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र की नगर निगम और जीडीए दोनों ही उपेक्षा कर रहे हैं। यहां रह रहे करीब 25 हजार से ज्यादा परिवार सार्वजनिक सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। बच्चों के खेलने और मॉर्निंग वॉक के लिए न तो कोई पार्क है और न हीं पानी आपूर्ति है। नगर निगम सफाई भी नहीं कराता, सिर्फ टैक्स वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। - संजीव शर्मा, महासचिव, एओए फेडरेशन ऑफ राजनगर एक्सटेंशन
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गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में बिना सुविधा दिए हाउस टैक्स वसूले जाने के खिलाफ अब लोग हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है। एक्सटेंशन के लोगों का कहना है कि बिना जनसुविधा दिए नगर निगम टैक्स नहीं वसूल सकता। रेजिडेंट्स को पेनाल्टी और कार्रवाई का डर दिखाकर जबरन टैक्स वसूली करना गलत है।
राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र प्राइवेट बिल्डरों द्वारा बसाया गया है। इस क्षेत्र में सड़क, सीवर की सुविधाएं जीडीए की ओर से दी गई है और हाउसिंग सोसायटियों का निर्माण निजी बिल्डरों ने किया है। इस क्षेत्र में सड़कों की साफ-सफाई, सामुदायिक केंद्र, इंटरनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम, पानी की आपूर्ति, अंदरूनी सड़कों पर स्ट्रीट लाइटों का मेंटेनेंस, स्कूल, पार्क, पोस्ट ऑफिस समेत तमाम सुविधाएं अभी भी नदारद हैं।
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करीब डेढ़-दो साल से स्थानीय लोग इन सुविधाओं की मांग को लेकर जीडीए और नगर निगम दोनों ही विभागों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन जीडीए इसे प्राइवेट बिल्डरों की कालोनी बताकर और नगर निगम अभी तक कालोनी हैंडओवर न किए जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहा है। कालोनी के लोगों को सुविधाएं नहीं दी गई, लेकिन नगर निगम ने यहां हाउस टैक्स वसूली शुरू कर दी है। राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र के अधिकांश लोग टैक्स वसूले जाने के खिलाफ हैं। जीडीए और नगर निगम से सुविधाएं लेने के लिए चक्कर लगाकर थक चुके राजनगर एक्सटेंशन एओए फेडरेशन के पदाधिकारी अब हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
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फेडरेशन पदाधिकारी जुटा रहे दस्तावेज
कोर्ट में याचिका दाखिल करने से पहले राजनगर एक्सटेंशन एओए फेडरेशन के पदाधिकारी नगर निगम और जीडीए अधिकारियों को दिए गए पत्र, उनके जवाब में मिले दस्तावेज आदि जुटा रहे हैं। तमाम दस्तावेज जुटाने के बाद अब जल्द ही कोर्ट में केस फाइल करने की तैयारी की जा रही है।
नगर निगम और जीडीए दोनों ही राजनगर एक्सटेंशन में जनसुविधाएं नहीं दे रहे हैं। जीडीए ने बिल्डरों के माध्यम से आवंटियों से बाह्य विकास शुल्क समेत तमाम चार्जेज लिए हैं, लेकिन अब इसे प्राइवेट बिल्डरों की कालोनी बताकर पल्ला झाड़ रहा है। अब कोर्ट जाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। - गजेंद्र सिंह आर्य, अध्यक्ष, एओए फेडेरेशन ऑफ राजनगर एक्सटेंशन
राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र की नगर निगम और जीडीए दोनों ही उपेक्षा कर रहे हैं। यहां रह रहे करीब 25 हजार से ज्यादा परिवार सार्वजनिक सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। बच्चों के खेलने और मॉर्निंग वॉक के लिए न तो कोई पार्क है और न हीं पानी आपूर्ति है। नगर निगम सफाई भी नहीं कराता, सिर्फ टैक्स वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। - संजीव शर्मा, महासचिव, एओए फेडरेशन ऑफ राजनगर एक्सटेंशन