{"_id":"5e35cfe88ebc3e99f067b992","slug":"ghaziabad-news-ghaziabad-news-gbd1933195119","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले की ३२ हजार एमएसएमई इकाईयों को मिलेगा लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले की ३२ हजार एमएसएमई इकाईयों को मिलेगा लाभ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले की 32 हजार एमएसएमई इकाइयों को मिलेगा लाभ
गाजियाबाद। आम बजट में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम (एमएसएमई) उद्योगों को राहत देने का काम किया गया है। बड़ी घोषणाओं में एक से पांच करोड़ टर्नओवर वाले उद्योगों को ऑडिट से बाहर रखना है। एमएसएमई इकाइयों में भुगतान में देरी और नकदी की समस्या दूर करने के लिए घोषणा की गई है। इसके अलावा बैंक से मिलने वाले बिना सिक्योरिटी के लोन को भी बढ़ाने की घोषणा की गई है, इससे जिले की करीब 32 हजार एमएसएमई इकाइयों को काफी लाभ मिलेगा। हालांकि किसी बड़े पैकेज की घोषणा या सस्ते ब्याज दर पर ऋण की व्यवस्था नहीं की गई। औद्योगिक संठनों ने आम बजट पर मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है।
एमएसएमई को लेकर विशेष घोषणा नहीं है लेकिन एप आधारित इन्वॉयस संबंधी घोषणा अच्छी है। एक से पांच करोड़ तक के ऑडिट मुक्त करना साहसिक कदम है। स्टार्टअप के लिए कारोबार सीमा 100 करोड़ करना सराहनीय है।
नीरज सिंघल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
एमएसएमई को टैक्स में छूट का लाभ नहीं दिया गया हालांकि एमएसएमई को बैंक से मिलने वाले बिना सिक्योरिटी के एक करोड़ तक केलोन को बढ़ाने की बात की गई है। एनसीआर के उद्योगों को टैक्स में छूट, पीएनजी पर सब्सिडी में राहत नहीं दी गई।
विज्ञापन
मनोज कुमार, चेयरमैन, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
बजट से औद्योगिक क्षेत्रों को निराशा हुई है। एमएसएमई पर बजट में बात की गई लेकिन उद्योगों को नजरअंदाज किया गया। औद्योगिक क्षेत्रों में सुधार के लिए भी बजट में बात नहीं की गई। उद्योगों को विशेष पैकेज की दरकार थी। बैंकों से मिलने वाले लोन को लेकर भी कोई घोषणा नहीं की गई।
- अरुण शर्मा, अध्यक्ष, गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन
बजट बहुत ही शानदार है। कई ऐसी घोषणाएं बजट में की गई हैं, जो उद्यमियों को आगे बढ़ाने का काम करेंगी। स्टार्टअप के लिए अच्छी पहल केंद्र सरकार ने की है। इसके अलावा छोटे उद्योगों को ध्यान में रखकर भी घोषणाएं की गई हैं।
तुषार अग्रवाल, उद्यमी
हर वर्ग को ध्यान में रखकर अच्छा बजट पेश किया गया है। एमएसएमई के लिए ज्यादा घोषणाएं हैं, जो भी घोषणाएं उद्योग संबंधी की गई हैं, उनमें यह ध्यान रखना जरूरी है कि योजनाओं में बैंक सपोर्ट मिले। बिना बैंक सपोर्ट के उद्योगों को चलाना मुश्किल है।
- साकेत अग्रवाल, उद्यमी
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कुछ खास नहीं दिया गया, इससे भी कई उद्योग प्रभावित होते हैं। इंडस्ट्री के लिए कुछ बजट में नहीं रहा। बैंकों से फाइनेंस में सपोर्ट न मिलने से उद्योग बेहाल हैं। इसको लेकर भी घोषणा होने की उम्मीद थी। इनकम टैक्स का स्लैब सही तैयार किया गया है।
- अभिषेक गुप्ता, उद्यमी
विज्ञापन
गाजियाबाद। आम बजट में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम (एमएसएमई) उद्योगों को राहत देने का काम किया गया है। बड़ी घोषणाओं में एक से पांच करोड़ टर्नओवर वाले उद्योगों को ऑडिट से बाहर रखना है। एमएसएमई इकाइयों में भुगतान में देरी और नकदी की समस्या दूर करने के लिए घोषणा की गई है। इसके अलावा बैंक से मिलने वाले बिना सिक्योरिटी के लोन को भी बढ़ाने की घोषणा की गई है, इससे जिले की करीब 32 हजार एमएसएमई इकाइयों को काफी लाभ मिलेगा। हालांकि किसी बड़े पैकेज की घोषणा या सस्ते ब्याज दर पर ऋण की व्यवस्था नहीं की गई। औद्योगिक संठनों ने आम बजट पर मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है।
एमएसएमई को लेकर विशेष घोषणा नहीं है लेकिन एप आधारित इन्वॉयस संबंधी घोषणा अच्छी है। एक से पांच करोड़ तक के ऑडिट मुक्त करना साहसिक कदम है। स्टार्टअप के लिए कारोबार सीमा 100 करोड़ करना सराहनीय है।
विज्ञापन
नीरज सिंघल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
एमएसएमई को टैक्स में छूट का लाभ नहीं दिया गया हालांकि एमएसएमई को बैंक से मिलने वाले बिना सिक्योरिटी के एक करोड़ तक केलोन को बढ़ाने की बात की गई है। एनसीआर के उद्योगों को टैक्स में छूट, पीएनजी पर सब्सिडी में राहत नहीं दी गई।
विज्ञापन
मनोज कुमार, चेयरमैन, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
बजट से औद्योगिक क्षेत्रों को निराशा हुई है। एमएसएमई पर बजट में बात की गई लेकिन उद्योगों को नजरअंदाज किया गया। औद्योगिक क्षेत्रों में सुधार के लिए भी बजट में बात नहीं की गई। उद्योगों को विशेष पैकेज की दरकार थी। बैंकों से मिलने वाले लोन को लेकर भी कोई घोषणा नहीं की गई।
- अरुण शर्मा, अध्यक्ष, गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन
बजट बहुत ही शानदार है। कई ऐसी घोषणाएं बजट में की गई हैं, जो उद्यमियों को आगे बढ़ाने का काम करेंगी। स्टार्टअप के लिए अच्छी पहल केंद्र सरकार ने की है। इसके अलावा छोटे उद्योगों को ध्यान में रखकर भी घोषणाएं की गई हैं।
तुषार अग्रवाल, उद्यमी
हर वर्ग को ध्यान में रखकर अच्छा बजट पेश किया गया है। एमएसएमई के लिए ज्यादा घोषणाएं हैं, जो भी घोषणाएं उद्योग संबंधी की गई हैं, उनमें यह ध्यान रखना जरूरी है कि योजनाओं में बैंक सपोर्ट मिले। बिना बैंक सपोर्ट के उद्योगों को चलाना मुश्किल है।
- साकेत अग्रवाल, उद्यमी
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कुछ खास नहीं दिया गया, इससे भी कई उद्योग प्रभावित होते हैं। इंडस्ट्री के लिए कुछ बजट में नहीं रहा। बैंकों से फाइनेंस में सपोर्ट न मिलने से उद्योग बेहाल हैं। इसको लेकर भी घोषणा होने की उम्मीद थी। इनकम टैक्स का स्लैब सही तैयार किया गया है।
- अभिषेक गुप्ता, उद्यमी