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शराब बिक्री में फर्जीवाड़ा कर 92.40 लाख का पहुंचाया नुकसान, 5 पर मुकदमा
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शराब बिक्री में फर्जीवाड़ा कर 92.40 लाख का पहुंचाया नुकसान, 5 पर मुकदमा
गाजियाबाद। शराब बिक्री में फर्जीवाड़ा कर आबकारी विभाग को 92.40 लाख रुपये का राजस्व पहुंचाने के मामले में सिहानी गेट पुलिस ने दो शराब गोदाम संचालकों सहित पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि उक्त लोगों द्वारा गलत तरीके से शराब की ऑफलाइन बिक्री की जा रही थी। बीते नवंबर माह में गोदाम का निरीक्षण करने पर रिकॉर्ड से कम स्टॉक मिलने पर फर्जीवाड़े का पता चला। इसके बाद आबकारी इंस्पेक्टर ने सिहानी गेट पुलिस को तहरीर दी थी।
आबकारी इंस्पेक्टर आशा परिहार ने बताया कि गुलधर स्थित देशी शराब के गोदाम का लाइसेंस निर्मला गुप्ता व सुची गुप्ता के नाम जारी किया गया था। गत 21 नवंबर को गुलधर स्थित शराब गोदाम का निरीक्षण किया गया तो वहां निर्मला गुप्ता के पति राजकुमार गुप्ता व कंप्यूटर ऑपरेटर यश कुमार मौजूद थे। आबकारी विभाग द्वारा अनुमोदित किया गया विक्रेता सोनू कुमार मौके पर नहीं मिला। आबकारी इंस्पेक्टर का कहना है कि दैनिक रजिस्टर में इस बात का जिक्र नहीं था कि कितनी शराब आई और कितनी बेची गई।
रिकॉर्ड से कम मिले पौने दो लाख पव्वे
आबकारी इंस्पेक्टर के मुताबिक गोदामों से शराब की बिक्री ऑनलाइन की जाती है। लेकिन उक्त गोदाम में ऑनलाइन रिकॉर्ड के मुताबिक जितना स्टॉक होना चाहिए था, उससे 1,77,375 पव्वे कम मिले। हजारों लीटर शराब नियम विरुद्ध ऑफलाइन बेच दी गई, जिससे विभाग को 90 लाख 40 हजार 933 रुपये की राजस्व हानि हुई।
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नोटिस का जवाब न देने पर हुई एफआईआर
उक्त मामले में दोनों लाइसेंस धारकों को नोटिस जारी किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। एसएचओ सिहानी गेट गजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि निर्मला गुप्ता, सुचि गुप्ता, यश, सोनू व राजकुमार गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी, षड्यंत्र रचने व आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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गाजियाबाद। शराब बिक्री में फर्जीवाड़ा कर आबकारी विभाग को 92.40 लाख रुपये का राजस्व पहुंचाने के मामले में सिहानी गेट पुलिस ने दो शराब गोदाम संचालकों सहित पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि उक्त लोगों द्वारा गलत तरीके से शराब की ऑफलाइन बिक्री की जा रही थी। बीते नवंबर माह में गोदाम का निरीक्षण करने पर रिकॉर्ड से कम स्टॉक मिलने पर फर्जीवाड़े का पता चला। इसके बाद आबकारी इंस्पेक्टर ने सिहानी गेट पुलिस को तहरीर दी थी।
आबकारी इंस्पेक्टर आशा परिहार ने बताया कि गुलधर स्थित देशी शराब के गोदाम का लाइसेंस निर्मला गुप्ता व सुची गुप्ता के नाम जारी किया गया था। गत 21 नवंबर को गुलधर स्थित शराब गोदाम का निरीक्षण किया गया तो वहां निर्मला गुप्ता के पति राजकुमार गुप्ता व कंप्यूटर ऑपरेटर यश कुमार मौजूद थे। आबकारी विभाग द्वारा अनुमोदित किया गया विक्रेता सोनू कुमार मौके पर नहीं मिला। आबकारी इंस्पेक्टर का कहना है कि दैनिक रजिस्टर में इस बात का जिक्र नहीं था कि कितनी शराब आई और कितनी बेची गई।
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रिकॉर्ड से कम मिले पौने दो लाख पव्वे
आबकारी इंस्पेक्टर के मुताबिक गोदामों से शराब की बिक्री ऑनलाइन की जाती है। लेकिन उक्त गोदाम में ऑनलाइन रिकॉर्ड के मुताबिक जितना स्टॉक होना चाहिए था, उससे 1,77,375 पव्वे कम मिले। हजारों लीटर शराब नियम विरुद्ध ऑफलाइन बेच दी गई, जिससे विभाग को 90 लाख 40 हजार 933 रुपये की राजस्व हानि हुई।
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नोटिस का जवाब न देने पर हुई एफआईआर
उक्त मामले में दोनों लाइसेंस धारकों को नोटिस जारी किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। एसएचओ सिहानी गेट गजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि निर्मला गुप्ता, सुचि गुप्ता, यश, सोनू व राजकुमार गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी, षड्यंत्र रचने व आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।