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त्योहारी सीजन से बाजार में बनेगा बेहतर माहौल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 26 Sep 2019 06:09 PM IST
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त्योहारी सीजन से बाजार में बनेगा बेहतर माहौल
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- अमर उजाला समृद्घि संवाद में जुटे उद्यमी और व्यापारियों ने कहा, बाजार में हो चुकी तैयारी
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। त्योहार के मद्देनजर उद्यमियों और व्यापारियों से अमर उजाला समृद्घि संवाद में चर्चा की गई। उद्यमियों और व्यापारियों ने जिले के बाजार और उद्यम को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा त्योहार के लिए बाजार पूरी तरह से तैयार है। सरकार की ओर से उठाए गए कदम का सकारात्मक असर पड़ेगा। सभी क्षेत्र में नवरात्र और दिवाली के दौरान व्यापार बढ़ने की उम्मीद है। इससे ग्राहक और कारोबारी दोनों को लाभ होगा। त्योहार के चलते औद्योगिक क्षेत्र और बाजारों में पूरी व्यस्तता है। ग्राहकाें की मनपसंद वस्तुएं बाजार में पहुंच चुकी हैं। अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञ के तौर पर चार्टर्ड अकाउंटेंट और बैंक से आए अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे।
सरकारी नीतियों को बनाया जाए बेहतर
जिले में उद्यम और बाजार को बढ़ावा देने के लिए सरकारी नीतियों को मजबूत किया जाना चाहिए। नई योजनाओं और कानून को तैयार किया जाए तो हर सेक्टर के हित में हो।
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डॉ. अशोक मलिक, एमडी सर्वोदय
लोन संबंधी प्रक्रियाओं का हो सरलीकरण
उद्योगों के लिए हर कदम नए नियम सख्ती के साथ लागू किए जाते हैं जबकि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नरमी की ज्यादा जरूरत है। लोन संबंधी प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए, कारोबार के लिए लोन लेने में काफी मुश्किल आती है।
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प्रीतपाल सिंह, उद्यमी
उद्योगों पर न हो अचानक से कार्रवाई
कई बार उद्योगों पर अचानक से अलग-अलग विभाग अचानक से निर्देश जारी कर कार्रवाई करते हैं। ग्राउंड वाटर हो या पॉल्यूशन हर समय उद्यमियों को कार्रवाई का डर रहता है जबकि उद्यमी नियमों के दायरे में अपने संसाधन एकत्रित किए हुए हैं।
डीके गुप्ता, उद्यमी
एमएसएमई को मिले टैक्स स्लैब में छूट
जीएसटी की दर ज्यादा होने से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को राहत नहीं मिल पा रही है। ऐसे में जीएसटी के टैक्स स्लैब में छूट दी जाए। इससे लोगों की जेब के मुताबिक उत्पाद बाजारों में उपलब्ध होंगे।
देवेंद्र झा, उद्यमी
बाजारों में बढ़ेगा कैश का फ्लो
त्योहार नजदीक हैं और बाजार ग्राहकों के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। आने वाले दिनों में बाजार में कैश फ्लो बढ़ेगा और बाजारों में जो सुस्ती की बात की जा रही है वो गलत साबित होगी।
श्याम कोहली, उद्यमी
एजुकेशनल सेक्टर में बदला है ट्रेंड
एजुकेशनल सेक्टर में एडमिशन न होने से कई तरह की बातें सामने आती रहती हैं लेकिन जो कॉलेज समय के साथ बदलाव कर चुके हैं, वो बेहतर काम कर रहे हैं और क्वालिटी एजुकेशन देकर छात्रों का बेहतर प्लेसमेंट भी करा रहे हैं।
डॉ. प्रीती चिंकारा, काइट कॉलेज
रियल स्टेट के साथ उठेंगे कई व्यापार के क्षेत्र
रियल स्टेट में फिलहाल सुस्ती है। रियल स्टेट मार्केट उठने के साथ ही इससे जुड़े अन्य व्यापार और उद्यमों को भी बल मिलेगा। ऑटोमोबाइल के लिए भी कुछ नियमों में छूट दिए जाने की जरूरत है।
प्रवीन सिंघल, उद्यमी
अधिकारी करें सपोर्ट
बड़े ग्रुप की मॉनोपॉली से कई क्षेत्र आगे नहीं बढ़ पाते हैं। अधिकारी व्यापारियों और उद्यमियों को डराने के बजाय उनका सपोर्ट करें।
सुनील प्रताप सिंह, व्यापारी
देश में कई बड़े बदलावों से भविष्य सुखद
बाजारों में सुस्ती को लेकर जो बातें हो रही हैं, उनमें कुछ सच भी है लेकिन देश कई बड़े बदलावों से गुजर रहा है। ऐसे में भविष्य देखने में अच्छा लग रहा है। उत्पादन इकाईयों को बढ़ावा दिया जाए। जनसंख्या नियंत्रण की कवायद हो और जीएसटी की व्यवहारिकता में भी बदलाव की जरूरत है।
डॉ. अतुल जैन, व्यापारी
फ्लू की तरह से है सुस्ती की बातें
वायरल या किसी फ्लू की तरह बाजारों में सुस्ती की बातें हो रही हैं, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। बाजार, उद्यम को मजबूत करने के लिए एक राष्ट्र एक कर को साकार करना होगा और टैक्स स्लैब हर सेक्टर के लिए एक ही तय किया जाए।
उदित मोहन गर्ग, व्यापारी
जमीन स्तर पर हों काम
सरकार की जो भी योजनाएं हैं, उनमें जमीनी स्तर पर काम किए जाने की जरूरत है, जिससे उद्यमों को बल मिल सके। ग्राहक कम हो रहे हैं, ऐसे में टैक्स में छूट दी जाए तो ग्राहक खरीदारी के लिए प्रोत्साहित होगा।
अमित कुमार, हाईटेक इंस्टीट्यूट
एजुकेशन सेक्टर के लिए बनें योजनाएं
एजुकेशन सेक्टर के लिए सरकार को योजनाएं तैयार करनी चाहिए। इंडस्ट्री ग्रोथ को बढ़ाया जाए तो एजुकेशन को भी बेहतर मौका मिलेगा और गाजियाबाद फिर से एजुकेशन हब के तौर पर अपनी पहचान बना सकेगा।
होशियार सिंह, हाईटेक इंस्टीट्यूट
बाजार से दूर हों नकारात्मक बातें
ग्राहकों में अभी थोड़ा डर बना हुआ है। ग्राहक बाजार में जरूरत की ही चीजें खरीद रहा है। एक भ्रम के जैसी स्थिति है। छोटी इंडस्ट्री के लिए फ्रेंडली माहौल बने।
रमित गोयल, उद्यमी
धीरे-धीरे ग्राहक बढ़ेंगे
कई क्षेत्रों में अधिक उत्पादन के चलते गिरावट आई है, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को उपयोग में लाना भी मुश्किल है। धीरे-धीरे बाजार में ग्राहक होंगे। एजुकेशन के क्षेत्र में थोड़ा आगे आने की जरूरत है।
मुकुल जैन, इंद्रप्रस्थ कॉलेज
निवेशकों को मिले प्रोत्साहन
बाजार से इंवेस्टर कम हुए हैं, इनको प्रोत्साहित करने की जरूरत है। सरकार की योजनाओं का अगर लाभ ठीक से दिया जाए तो बाजार उठेगा और ग्राहक भी बाजारों में होंगे।
अभिषेक जैन, उद्यमी
नियमों में ढील जरूरी
शिक्षा क्षेत्र से जुडे़ नियम सख्त है, इनमें ढील देने की जरूरत है। समय-समय पर नियमों को परखा जाए तो इसका प्रयोग गलत तरीके से भी नहीं होगा। शिक्षा के लिए नई नीतियों की जरूरत है।
डॉ. संदीप सिंह, करियर कार्ट्स डॉट कॉम
सरकार के नियमों का पालन जरूरी
सरकार जो भी नियम बनाती है, उसका पालन जरूरी होता है लेकिन कई बार गलतियों का खामियाजा बड़े वर्ग को उठाना पड़ता है। बेहतर भविष्य के लिए नए कदम उठाए जाने चाहिए।

डॉ. डॉली फिलिप, आईपीईएम
क्वालिटी है तो समस्या नहीं
जहां क्वालिटी है, वहां कोई समस्या नहीं है आप किसी भी क्षेत्र को देख लीजिए। आप क्वालिटी के साथ शुरू कीजिए तो ग्राहक भी आपसे दूर नहीं जाएंगे।
प्रो. रंजीत सिंह, एचआरआईटी
बैंक हर मदद को तैयार
बैंक हर मदद के लिए तैयार हैं। उद्यमी अपने डीलर्स को मुद्रा योजना के बारे में बता सकते है, जिसका लाभ मझले उद्यमियों को मिलेगा।
कुबेर दत्त, आरएम एसबीआई
एक्सपर्ट की राय
मध्यम और लघु उद्योगों तक पहुंचे पैसा
मध्यम और लघु उद्योगों तक पैसा पहुंचे तो बाजारों को भी मजबूती मिलेगी। इसके अलावा जीएसटी में भी छूट की जरूरत है। खासकर छोटे उद्योगों के लिए, बैंक अपनी योजनाओं के साथ ज्यादा से ज्यादा बाजारों में पहुंचे तो उद्योग आगे बढ़ेंगे। एग्रीकल्चर, सर्विस और इंडस्ट्री तीनों ही क्षेत्र में जीएसटी में राहत दी जाए।
विनीत राठी, चार्टर्ड अकाउंटेंट
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