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फर्जी आरसी और परमिट बनवाकर करते थे पुराने व चोरी वाहन तैयार, पिता-पुत्र गिरफ्तार
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फर्जी आरसी और परमिट बनवाकर करते थे पुराने व चोरी वाहन तैयार, पिता-पुत्र गिरफ्तार
गाजियाबाद। पंजाब और नागालैंड के परिवहन संभागीय परिवहन विभाग में साठगांठ कर वाहनों की फर्जी आरसी, परमिट और एनओसी तैयार करवाने वाले चंद्रमोहन उर्फ भोला और अरुण को क्राइम ब्रांच टीम ने गिरफ्तार किया है। चंद्रमोहन फर्जीवाड़ा करके पुराने और चोरी के वाहनों के कागज तैयार करने काम करता था। जानकारी के अनुसार चंद्रमोहन पहले भी दो बार जेल जा चुका है। चंद्रमोहन के जेल जाने पर उसका बेटा अरूण इस काम को देखता था। पुलिस ने इनके पास 9 फर्जी आरसी, 10 फर्जी परमिट, आरटीओ की 6 मुहर बरामद की है।
एसपी क्राइम दीक्षा शर्मा ने बताया कि पूर्व में 32 ट्रकों के साथ एक गैंग को गिरफ्तार किया था। इसमें चंद्रमोहन उर्फ भोला का नाम भी सामने आया था जो वांछित चल रहा था। टीम ने कार्रवाई करते हुए पिता-पुत्र को भी पकड़ लिया। पूछताछ में चंद्रमोहन ने बताया कि परिवहन संभागीय परिवहन विभाग पटियाला, लुधियाना, भटिंडा के साथ कोहिमा नागालैंड के क्लर्क, व्हीकल इंस्पेक्टर से लेकर अन्य अधिकारियों सेे सांठगांठ है। इनकी मदद से वह चोरी के वाहनों पर फर्जी इंजन और चेसिस नंबर डालकर उनके कागज तैयार करवाते हैं।
वाहन की चोरी दिखाकर लेते थे बीमे का पैसा
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वाहनों की चोरी दिखाकर उनके बीमे का क्लेम ले लेते हैं और इसके उन्हीं वाहनों के नंबर बदलकर नए कागज तैयार कराकर फिर से सड़क पर चलाते थे। आरोपी कागज बनवाने के लिए 30 से 40 हजार रुपये लेते थे। अभी करीब 200 वाहनों के फर्जी कागज तैयार करवा चुके हैं। एसपी क्राइम ने बताया कि इस फर्जीवाड़े में जिन आरटीओ की मिलीभगत सामने आई हैं उन्हें पत्र लिखकर जबाव मांगा जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।
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चंद्रमोहन जींद हरियाणा के आरटीओ में था दलाल
पूछताछ में चंद्रमोहन ने बताया कि वह 10वीं पास है। 15 साल से वह फर्जीवाड़ा करने का काम कर रहा है। शुरुआत में वह हरियाणा के जींद संभागीय परिवहन विभाग के बाहर दलाल बनकर लोगों के काम करवाता था। इससे उसके अधिकारियों से अच्छे संबंध हो गए। दलाली में ज्यादा कमाई नहीं हो पाने की कारण उसने फर्जीवाड़ा कर अवैध काम करवाना शुरू कर दिया।
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गाजियाबाद। पंजाब और नागालैंड के परिवहन संभागीय परिवहन विभाग में साठगांठ कर वाहनों की फर्जी आरसी, परमिट और एनओसी तैयार करवाने वाले चंद्रमोहन उर्फ भोला और अरुण को क्राइम ब्रांच टीम ने गिरफ्तार किया है। चंद्रमोहन फर्जीवाड़ा करके पुराने और चोरी के वाहनों के कागज तैयार करने काम करता था। जानकारी के अनुसार चंद्रमोहन पहले भी दो बार जेल जा चुका है। चंद्रमोहन के जेल जाने पर उसका बेटा अरूण इस काम को देखता था। पुलिस ने इनके पास 9 फर्जी आरसी, 10 फर्जी परमिट, आरटीओ की 6 मुहर बरामद की है।
एसपी क्राइम दीक्षा शर्मा ने बताया कि पूर्व में 32 ट्रकों के साथ एक गैंग को गिरफ्तार किया था। इसमें चंद्रमोहन उर्फ भोला का नाम भी सामने आया था जो वांछित चल रहा था। टीम ने कार्रवाई करते हुए पिता-पुत्र को भी पकड़ लिया। पूछताछ में चंद्रमोहन ने बताया कि परिवहन संभागीय परिवहन विभाग पटियाला, लुधियाना, भटिंडा के साथ कोहिमा नागालैंड के क्लर्क, व्हीकल इंस्पेक्टर से लेकर अन्य अधिकारियों सेे सांठगांठ है। इनकी मदद से वह चोरी के वाहनों पर फर्जी इंजन और चेसिस नंबर डालकर उनके कागज तैयार करवाते हैं।
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वाहन की चोरी दिखाकर लेते थे बीमे का पैसा
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वाहनों की चोरी दिखाकर उनके बीमे का क्लेम ले लेते हैं और इसके उन्हीं वाहनों के नंबर बदलकर नए कागज तैयार कराकर फिर से सड़क पर चलाते थे। आरोपी कागज बनवाने के लिए 30 से 40 हजार रुपये लेते थे। अभी करीब 200 वाहनों के फर्जी कागज तैयार करवा चुके हैं। एसपी क्राइम ने बताया कि इस फर्जीवाड़े में जिन आरटीओ की मिलीभगत सामने आई हैं उन्हें पत्र लिखकर जबाव मांगा जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।
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चंद्रमोहन जींद हरियाणा के आरटीओ में था दलाल
पूछताछ में चंद्रमोहन ने बताया कि वह 10वीं पास है। 15 साल से वह फर्जीवाड़ा करने का काम कर रहा है। शुरुआत में वह हरियाणा के जींद संभागीय परिवहन विभाग के बाहर दलाल बनकर लोगों के काम करवाता था। इससे उसके अधिकारियों से अच्छे संबंध हो गए। दलाली में ज्यादा कमाई नहीं हो पाने की कारण उसने फर्जीवाड़ा कर अवैध काम करवाना शुरू कर दिया।