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तीसरी लहर से निपटने के लिए एक सौ अस्पताल तैयार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 09 Aug 2021 12:34 AM IST
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तीसरी लहर से निपटने के लिए एक सौ अस्पताल तैयार
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गाजियाबाद। कोरोना की तीसरी लहर की तैयारियों को लेकर आईएमए का प्रांतीय सम्मेलन हुआ। इस दौरान देश भर में कोरोना संक्रमण के दौरान इलाज करते हुए शहीद हुए 107 डॉक्टरों को श्रद्धांजलि दी गई। कोरोना से दिवंगत दो डॉक्टरों के परजिनों को 10-10 लाख की रुपये की आर्थिक मदद की गई। जिले में नौ डॉक्टरों की मृत्यु कोरोना संक्रमण से हुई थी। सम्मेलन में मिक्सोपैथी (एलोपैथिक, आयुर्वेदिक, होम्योपैथी को मिलाकर इलाज करना) का विरोध किया गया।
गाजियाबाद आईएएम अध्यक्ष डॉ आशीष अग्रवाल ने बताया कि दूसरी लहर में 50 अस्पतालों में कोविड मरीजों का इलाज हुआ था, लेकिन तीसरी लहर के लिए एक सौ अस्पताल में इलाज की व्यवस्था की जा रही है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं मे सहयोग करने के लिए आईएमए पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट (पीकू) और न्यू नेटल इंटेसिव केयर यूनिट (नीकू) वॉर्ड में काम करने वाले सरकारी डॉक्टरों के प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की है। इसके अलावा सभी कोविड अस्पतालों को पीकू और नीकू के लिए 25 प्रतिशत बेड रिजर्व करने के निर्देश दिए गए हैं।
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रविवार को आईएमए भवन में आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में आईएमए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. अशोक राय ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर को लेकर आईएमए देश में पूरी तरह से तैयारियों में जुटा है। सरकारी तौर पर आशंका जताई जा रही है कि तीसरी लहर में बच्चे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। सीरो सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 71 प्रतिशत वयस्क और 52 प्रतिशत बच्चे कोविड से प्रभावित हो चुके हैं। तीसरी लहर में बचे हुए 48 प्रतिशत बच्चों के संक्रमित होने की आशंकाएं जताई जा रही हैं। बच्चों को समय से और सटीक उपचार मिल सके, इसके लिए सभी तरह की तैयारियां की जा रही हैं।
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आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वीबी जिंदल ने बताया कि टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो कोविड के इलाज में होने वाले बदलाव, नई गाइड लाइन, अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की स्थिति, मरीजों की स्थिति की निगरानी करेगी और समय समय पर आईएमए पदाधिकारियों को इसकी जानकारी देगी। टास्क फोर्स सरकारी सिस्टम से भी जुड़ा रहेगा और स्वास्थ्य विभाग व निजी अस्पतालों के बीच तालमेल बनाएगा।

पंजीकरण का नवीनीकरण पांच साल करने की उठी मांग
सम्मेलन में क्लीनिक एवं अस्पतालों के पंजीकरण का हर साल नवीनीकरण करने के बजाए पांच साल में करने की मांग उठी। यूपी आईएमए के सचिव डॉ. राजीव गोयल ने कहा कि सरकार को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बदलाव करना चाहिए। एक बार कराए गए रजिस्ट्रेशन को कम से कम पांच साल तक के लिए वैध किया जाए, उन्होंने कहा कि मेडिकल काउंसिल एक बार पंजीकरण कर हमें पूरे जीवन के लिए डॉक्टर मान लेता है, लेकिन हमें पंजीकरण का नवीनीकरण कराने के लिए हर साल सीएमओ कार्यालय के चक्कर काटने होते हैं। इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा देने के बजाए उदार नीति अपनाना चाहिए। सम्मेलन में सचिव डॉ. वाणीपुरी रावत, प्रवक्ता डॉ नवनीत वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
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