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दिल्ली-मेरठ हाईवे के 29 कॉलेजों के नक्शों की होगी जांच, कमेटी गठित
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दिल्ली-मेरठ हाईवे के 29 कॉलेजों के नक्शों की होगी जांच, कमेटी गठित
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ हाईवे स्थित 29 इंजीनियरिंग, फार्मा और डेंटल कॉलेजों के नक्शों की अब विस्तृत जांच होगी। अनियमितताओं की शिकायत पर जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश के निर्देश पर कॉलेजों के नक्शों की जांच को तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी कॉलेजों के नक्शों से संबंधित सभी पत्रावलियों, जमीन भू-उपयोग की शर्तों, स्वामित्व सहित नक्शों से संबंधित हर मानक जांचेंगी। कमेटी की रिपोर्ट आदेश के बाद सीलिंग संबंधी कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। जीडीए की ओर से नक्शा संबंधी आवेदन न करने वाले कॉलेजों की मान्यता वापसी की संस्तुति की जा सकती है।
मौके पर जाकर होगी नक्शे की पड़ताल :
दो सप्ताह पहले जीडीए की ओर से कॉलेजों के नक्शा संबंधी दस्तावेजों की पड़ताल में 13 कॉलेजों के पास कोई रिकॉर्ड नहीं मिला था। ऐसे कॉलेजों को शमन प्रक्रिया के लिए आवेदन का मौका दिया गया है। ऐसे में नक्शा संबंधी अनियमितताओं की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। जांच कमेटी की ओर से नक्शा संबंधी पत्रावलियों की जांच के साथ मौके पर जाकर भी पड़ताल की जाएगी। दूसरी ओर पूर्णता प्रमाणपत्र संबंधी अग्निशमन एनओसी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सेटबैक एरिया सहित अन्य मानकों की भी जांच होगी।
इन कॉलेजों पर लटकी है कार्रवाई की तलवार :
जीडीए की ओर से नक्शा संबंधी दस्तावेज न जमा करने पर बीबीडीआईटी, न्यू ऐरा इंस्टीट्यूट, हेरिटेज सोसायटी एकेडमी, मोदीनगर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, आईसीई कॉलेज, केएनजीडी फार्मेसी कॉलेज, डीजे कॉलेज ऑफ डेंटल साइंस एंड रिसर्च, केएनएमआईईटी कॉलेज, केएनजीडी गर्ल्स इंजीनियरिंग कॉलेज, केएन मोदी फार्मास्यूटिकल एजूकेशन एंड रिसर्च और इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से 10 कॉलेजों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।
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जीडीए ओएसडी : नक्शे संबंधी अनियमितताओं की शिकायतों पर दिल्ली-मेरठ हाईवे के सभी 29 कॉलेजों के नक्शों की जांच को एक कमेटी गठित की गई है। कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई न करने वाले कॉलेजों पर आगे सीलिंग के साथ मान्यता वापसी की संस्तुति की जाएगी।
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गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ हाईवे स्थित 29 इंजीनियरिंग, फार्मा और डेंटल कॉलेजों के नक्शों की अब विस्तृत जांच होगी। अनियमितताओं की शिकायत पर जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश के निर्देश पर कॉलेजों के नक्शों की जांच को तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी कॉलेजों के नक्शों से संबंधित सभी पत्रावलियों, जमीन भू-उपयोग की शर्तों, स्वामित्व सहित नक्शों से संबंधित हर मानक जांचेंगी। कमेटी की रिपोर्ट आदेश के बाद सीलिंग संबंधी कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। जीडीए की ओर से नक्शा संबंधी आवेदन न करने वाले कॉलेजों की मान्यता वापसी की संस्तुति की जा सकती है।
मौके पर जाकर होगी नक्शे की पड़ताल :
दो सप्ताह पहले जीडीए की ओर से कॉलेजों के नक्शा संबंधी दस्तावेजों की पड़ताल में 13 कॉलेजों के पास कोई रिकॉर्ड नहीं मिला था। ऐसे कॉलेजों को शमन प्रक्रिया के लिए आवेदन का मौका दिया गया है। ऐसे में नक्शा संबंधी अनियमितताओं की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। जांच कमेटी की ओर से नक्शा संबंधी पत्रावलियों की जांच के साथ मौके पर जाकर भी पड़ताल की जाएगी। दूसरी ओर पूर्णता प्रमाणपत्र संबंधी अग्निशमन एनओसी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सेटबैक एरिया सहित अन्य मानकों की भी जांच होगी।
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इन कॉलेजों पर लटकी है कार्रवाई की तलवार :
जीडीए की ओर से नक्शा संबंधी दस्तावेज न जमा करने पर बीबीडीआईटी, न्यू ऐरा इंस्टीट्यूट, हेरिटेज सोसायटी एकेडमी, मोदीनगर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, आईसीई कॉलेज, केएनजीडी फार्मेसी कॉलेज, डीजे कॉलेज ऑफ डेंटल साइंस एंड रिसर्च, केएनएमआईईटी कॉलेज, केएनजीडी गर्ल्स इंजीनियरिंग कॉलेज, केएन मोदी फार्मास्यूटिकल एजूकेशन एंड रिसर्च और इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से 10 कॉलेजों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।
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जीडीए ओएसडी : नक्शे संबंधी अनियमितताओं की शिकायतों पर दिल्ली-मेरठ हाईवे के सभी 29 कॉलेजों के नक्शों की जांच को एक कमेटी गठित की गई है। कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई न करने वाले कॉलेजों पर आगे सीलिंग के साथ मान्यता वापसी की संस्तुति की जाएगी।