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भाजपा की ममता त्यागी की बनीं पांचवीं महिला जिला पंचायत अध्यक्ष
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भाजपा की ममता त्यागी की बनीं पांचवीं महिला जिला पंचायत अध्यक्ष
गाजियाबाद। भारतीय जनता पार्टी समर्थित प्रत्याशी ममता त्यागी को निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष चुना गया है। इस पद पर आसीन होने वाली ममता जिले की पांचवीं महिला हैं। मंगलवार दोपहर को उन्हें कलक्ट्रेट में डीएम राकेश कुमार सिंह ने प्रमाणपत्र सौंपा। विगत शनिवार हुए नामांकन के दौरान ममता त्यागी ने गाजियाबाद में जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए एक मात्र पर्चा भरा था।
14 सदस्य वाली गाजियाबाद जिला पंचायत के लिए भाजपा के सबसे कम दो सदस्य थे। लेकिन किसी अन्य पार्टी के प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया। सपा और रालोद की संयुक्त प्रत्याशी नसीम बेगम नामांकन करने नहीं पहुंची, जिससे तय हो गया था कि भाजपा के पास पूर्ण बहुमत है। क्योंकि बसपा ने कोई प्रत्याशी खड़ा ही नहीं किया था। उनके कई सदस्यों ने खुलेआम भाजपा को समर्थन किया। बसपा समर्थित सदस्य शोकेंद्र चौधरी भाजपा प्रत्याशी ममता त्यागी के अनुमोदक भी बन गए। बाद में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
बिखरा नजर आया विपक्ष
जिले में सबसे ज्यादा पांच सदस्य बसपा केसमर्थन से जीतकर आए थे। दूसरे नंबर पर सपा और रालोद के तीन-तीन सदस्य, भाजपा केदो और एक निर्दलीय जीतकर आया था। चुनाव के बाद निर्दलीय सदस्य ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी का समर्थन किया। बसपा को जीत के लिए सबसे कम तीन सदस्यों की आवश्यकता थी। वहीं भाजपा प्रत्याशी ममता त्यागी को सबसे ज्यादा छह सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता थी। अंत में भाजपा की घेराबंदी से विपक्ष पूरी तरह से पस्त हो गया। स्थिति यह रही की कोई प्रत्याशी नामांकन करने नहीं पहुंचा।
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लड़कियों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर देना हे ध्यान : ममता
ममता त्यागी ने जीत के बाद कहा कि उनका उद्देश्य बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य और गांव के विकास पर होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही बालिकाएं सशक्त समाज के निर्माण में भागीदारी निभा सकती हैं। जिला योजना के माध्यम से विकास की इबारत लिखी जाएगी। कहा कि जनपद के सभी 161 गांवों में विकास को गति देने का काम होगा। गांवों के विकास के लिए प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाया जाएगा ।
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गाजियाबाद। भारतीय जनता पार्टी समर्थित प्रत्याशी ममता त्यागी को निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष चुना गया है। इस पद पर आसीन होने वाली ममता जिले की पांचवीं महिला हैं। मंगलवार दोपहर को उन्हें कलक्ट्रेट में डीएम राकेश कुमार सिंह ने प्रमाणपत्र सौंपा। विगत शनिवार हुए नामांकन के दौरान ममता त्यागी ने गाजियाबाद में जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए एक मात्र पर्चा भरा था।
14 सदस्य वाली गाजियाबाद जिला पंचायत के लिए भाजपा के सबसे कम दो सदस्य थे। लेकिन किसी अन्य पार्टी के प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया। सपा और रालोद की संयुक्त प्रत्याशी नसीम बेगम नामांकन करने नहीं पहुंची, जिससे तय हो गया था कि भाजपा के पास पूर्ण बहुमत है। क्योंकि बसपा ने कोई प्रत्याशी खड़ा ही नहीं किया था। उनके कई सदस्यों ने खुलेआम भाजपा को समर्थन किया। बसपा समर्थित सदस्य शोकेंद्र चौधरी भाजपा प्रत्याशी ममता त्यागी के अनुमोदक भी बन गए। बाद में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
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बिखरा नजर आया विपक्ष
जिले में सबसे ज्यादा पांच सदस्य बसपा केसमर्थन से जीतकर आए थे। दूसरे नंबर पर सपा और रालोद के तीन-तीन सदस्य, भाजपा केदो और एक निर्दलीय जीतकर आया था। चुनाव के बाद निर्दलीय सदस्य ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी का समर्थन किया। बसपा को जीत के लिए सबसे कम तीन सदस्यों की आवश्यकता थी। वहीं भाजपा प्रत्याशी ममता त्यागी को सबसे ज्यादा छह सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता थी। अंत में भाजपा की घेराबंदी से विपक्ष पूरी तरह से पस्त हो गया। स्थिति यह रही की कोई प्रत्याशी नामांकन करने नहीं पहुंचा।
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लड़कियों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर देना हे ध्यान : ममता
ममता त्यागी ने जीत के बाद कहा कि उनका उद्देश्य बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य और गांव के विकास पर होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही बालिकाएं सशक्त समाज के निर्माण में भागीदारी निभा सकती हैं। जिला योजना के माध्यम से विकास की इबारत लिखी जाएगी। कहा कि जनपद के सभी 161 गांवों में विकास को गति देने का काम होगा। गांवों के विकास के लिए प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाया जाएगा ।