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दस लाख रुपये के लिए भतीजे ने ही की थी कारोबारी और बेटों की हत्या
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दस लाख रुपये के लिए भतीजे ने ही की थी कारोबारी और बेटों की हत्या
गाजियाबाद/लोनी। लोनी में रविवार की रात कारोबारी रहीसुद्दीन और उनके दो बेटों इमरान व अजरूद्दीन उर्फ अज्जू की हत्या उनके भतीजे अय्यूब ने ही की थी । वह कारोबार करने के लिए रहीसुद्दीन से दस लाख रुपये मांग रहा था। उनके इंकार करने पर वारदात कर डाली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 24 घंटे के भीतर तिहरे हत्याकांड के खुलासे का दावा किया है। वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल और खून से सनी उसकी शर्ट बरामद की गई है।
एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि रहीसुद्दीन चार भाई थे। तीन की पहले ही मौत हो चुकी है। रहीसुद्दीन के छोटे भाई बाबू का बेटा अय्यूब छोटा-मोटा काम कर परिवार चलाता था। अब वह दिल्ली के सीलमपुर में कबाड़ का काम करना चाहता था। इसके लिए रुपयों की जरूरत थी। वह ताऊ रहीसुद्दीन से कई बार दस लाख रुपये मांग चुका था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था। करीब एक माह पहले रहीसुद्दीन ने 70 लाख रुपये में एक प्रापर्टी का सौदा किया तो अय्यूब को लगा कि उनके पास मोटा पैसा है। वह साजिश बनाकर रविवार रात करीब साढ़े 10 बजे ताऊ के घर आया। लेट होने की बात कहकर वह वहीं बिस्तर पर लेट गया।
जो भी सामने आया, उसे ही गोली मारी
अय्यूब बोला- हो रहा है पछतावा
ताऊ व तहेरे भाइयों की हत्या में गिरफ्तार होने के बाद अय्यूब ने अफसोस जाहिर किया। उसने कहा कि घटना को लेकर उसे पछतावा है। अय्यूब ने बताया कि उसने पहले भी कई बार ताऊ से रुपये मांगे, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। जिसके चलते उसे ताऊ से नफरत हो गई थी।
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यू-ट्यूब पर पिस्टल में साइलेंसर लगाना सीख रहा था अय्यूब
ताऊ व तहेरे भाईयों की हत्या का आरोपी अय्यूब यू-ट्यूब पर पिस्टल में साइलेंसर लगाने का तरीका खोज रहा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसका मोबाइल खंगाला तो इसका खुलासा हुआ। पूछताछ में अय्यूब ने बताया कि वह ताऊ की हत्या के दौरान गोली की आवाज नहीं आने देना चाहता था। इसके लिए वह साइलेंसर युक्त पिस्टल का इस्तेमाल करना चाहता था। उसने यू-ट्यूब पर तरीका खोजा, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस की मानें तो अय्यूब ने ताऊ रहीसुद्दीन से बदला लेने के लिए दो महीने पहले ही साजिश रच ली थी। पैसे वाले होने के बावजूद मदद न करने पर वह ताऊ से नाराज था। अधिकारियों का कहना है कि अय्यूब के पिता बाबू अपने पास देसी पिस्टल रखते थे। एक साल पहले उनकी मौत हो चुकी है। अय्यूब को दो माह पहले ही पिता की अलमारी में यह पिस्टल रखी मिली। इसके बाद उसने साजिश को अंजाम तक पहुंचाने का प्रयास शुरू कर दिया। वह यू-ट्यूब के जरिये पिस्टल में साइलेंसर लगाने का तरीका खोज रहा था, लेकिन कामयाब नहीं हो सका। आखिरकार उसने पिता की पिस्टल से ताऊ का परिवार तबाह करने का फैसला किया।
पुलिस को गुमराह कर रहा था, शर्ट के बटन ने खोला राज
घटनास्थल पर मिले शर्ट के एक बटन ने घटना के खुलासे में अहम रोल निभाया। नाले से बरामद हुई खून से सनी अय्यूब की शर्ट से मिलान करने पर यह बटन उसी शर्ट का निकला। घटनास्थल से भागते हुए यह बटन शर्ट से टूटकर गिरा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ताऊ, ताई व दो तहेरे भाईयों को गोली मारने के बाद वह अफसाना की तरफ बढ़ा था। अफसाना ने विरोध करते हुए उसे रोकने की कोशिश की। इस दौरान छीना झपटी में अय्यूब की शर्ट का एक बटन टूटकर जमीन पर गिर पड़ा। गनीमत यह रही कि गोली पिस्टल में फंस गई, जिसके बाद अय्यूब अफसाना को छोड़कर छत के रास्ते फरार हो गया। हत्याकांड के बाद अय्यूब सीधे अपने घर पहुंचा था, लेकिन उसने खून से सनी शर्ट रास्ते में ही फेंक दी थी। हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी उसी में लपेट दी थी।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो कुछ फुटेज में एक युवक शर्ट पहने और कुछ में बनियान में भागता कैद मिला। सोमवार दोपहर को अफसाना ने अय्यूब का नाम लिया तो पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। अय्यूब ने कहा कि उसे फंसाया जा रहा है। घटनास्थल पर मिले बटन का मिलान पुलिस ने नाले में मिली शर्ट से कराया तो वह उसी शर्ट का निकला। जांच-पड़ताल में साबित हो गया कि वह शर्ट अय्यूब की थी।
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गाजियाबाद/लोनी। लोनी में रविवार की रात कारोबारी रहीसुद्दीन और उनके दो बेटों इमरान व अजरूद्दीन उर्फ अज्जू की हत्या उनके भतीजे अय्यूब ने ही की थी । वह कारोबार करने के लिए रहीसुद्दीन से दस लाख रुपये मांग रहा था। उनके इंकार करने पर वारदात कर डाली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 24 घंटे के भीतर तिहरे हत्याकांड के खुलासे का दावा किया है। वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल और खून से सनी उसकी शर्ट बरामद की गई है।
एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि रहीसुद्दीन चार भाई थे। तीन की पहले ही मौत हो चुकी है। रहीसुद्दीन के छोटे भाई बाबू का बेटा अय्यूब छोटा-मोटा काम कर परिवार चलाता था। अब वह दिल्ली के सीलमपुर में कबाड़ का काम करना चाहता था। इसके लिए रुपयों की जरूरत थी। वह ताऊ रहीसुद्दीन से कई बार दस लाख रुपये मांग चुका था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था। करीब एक माह पहले रहीसुद्दीन ने 70 लाख रुपये में एक प्रापर्टी का सौदा किया तो अय्यूब को लगा कि उनके पास मोटा पैसा है। वह साजिश बनाकर रविवार रात करीब साढ़े 10 बजे ताऊ के घर आया। लेट होने की बात कहकर वह वहीं बिस्तर पर लेट गया।
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जो भी सामने आया, उसे ही गोली मारी
अय्यूब बोला- हो रहा है पछतावा
ताऊ व तहेरे भाइयों की हत्या में गिरफ्तार होने के बाद अय्यूब ने अफसोस जाहिर किया। उसने कहा कि घटना को लेकर उसे पछतावा है। अय्यूब ने बताया कि उसने पहले भी कई बार ताऊ से रुपये मांगे, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। जिसके चलते उसे ताऊ से नफरत हो गई थी।
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यू-ट्यूब पर पिस्टल में साइलेंसर लगाना सीख रहा था अय्यूब
ताऊ व तहेरे भाईयों की हत्या का आरोपी अय्यूब यू-ट्यूब पर पिस्टल में साइलेंसर लगाने का तरीका खोज रहा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसका मोबाइल खंगाला तो इसका खुलासा हुआ। पूछताछ में अय्यूब ने बताया कि वह ताऊ की हत्या के दौरान गोली की आवाज नहीं आने देना चाहता था। इसके लिए वह साइलेंसर युक्त पिस्टल का इस्तेमाल करना चाहता था। उसने यू-ट्यूब पर तरीका खोजा, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस की मानें तो अय्यूब ने ताऊ रहीसुद्दीन से बदला लेने के लिए दो महीने पहले ही साजिश रच ली थी। पैसे वाले होने के बावजूद मदद न करने पर वह ताऊ से नाराज था। अधिकारियों का कहना है कि अय्यूब के पिता बाबू अपने पास देसी पिस्टल रखते थे। एक साल पहले उनकी मौत हो चुकी है। अय्यूब को दो माह पहले ही पिता की अलमारी में यह पिस्टल रखी मिली। इसके बाद उसने साजिश को अंजाम तक पहुंचाने का प्रयास शुरू कर दिया। वह यू-ट्यूब के जरिये पिस्टल में साइलेंसर लगाने का तरीका खोज रहा था, लेकिन कामयाब नहीं हो सका। आखिरकार उसने पिता की पिस्टल से ताऊ का परिवार तबाह करने का फैसला किया।
पुलिस को गुमराह कर रहा था, शर्ट के बटन ने खोला राज
घटनास्थल पर मिले शर्ट के एक बटन ने घटना के खुलासे में अहम रोल निभाया। नाले से बरामद हुई खून से सनी अय्यूब की शर्ट से मिलान करने पर यह बटन उसी शर्ट का निकला। घटनास्थल से भागते हुए यह बटन शर्ट से टूटकर गिरा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ताऊ, ताई व दो तहेरे भाईयों को गोली मारने के बाद वह अफसाना की तरफ बढ़ा था। अफसाना ने विरोध करते हुए उसे रोकने की कोशिश की। इस दौरान छीना झपटी में अय्यूब की शर्ट का एक बटन टूटकर जमीन पर गिर पड़ा। गनीमत यह रही कि गोली पिस्टल में फंस गई, जिसके बाद अय्यूब अफसाना को छोड़कर छत के रास्ते फरार हो गया। हत्याकांड के बाद अय्यूब सीधे अपने घर पहुंचा था, लेकिन उसने खून से सनी शर्ट रास्ते में ही फेंक दी थी। हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी उसी में लपेट दी थी।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो कुछ फुटेज में एक युवक शर्ट पहने और कुछ में बनियान में भागता कैद मिला। सोमवार दोपहर को अफसाना ने अय्यूब का नाम लिया तो पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। अय्यूब ने कहा कि उसे फंसाया जा रहा है। घटनास्थल पर मिले बटन का मिलान पुलिस ने नाले में मिली शर्ट से कराया तो वह उसी शर्ट का निकला। जांच-पड़ताल में साबित हो गया कि वह शर्ट अय्यूब की थी।