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बुलंदशहर-मेरठ के लिए रात नौ बजे के बाद नहीं चलती बस
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गाजियाबाद बस अड्डे पर खाली खड़ी बसें।
- फोटो : GHAZIABAD City
बुलंदशहर-मेरठ के लिए रात नौ बजे के बाद नहीं चलती बस
गाजियाबाद/साहिबाबाद। अगर आपको बुलंदशहर या मेरठ जाना है तो रात नौ बजे के बाद बस नहीं मिलेगी। पुराने बस अड्डे से बुलंदशहर जाने के लिए आखिरी बस रात साढ़े आठ बजे और मेरठ जाने के लिए रात नौ बजे है। इसके अलावा कई रूटों पर बस नहीं चलने की वजह से परेशानी हो रही है। कुछ रूट पर बस चली हैं। कौशांबी डिपो से उत्तराखंड के एक दर्जन रूट पर बस नहीं चल रही हैं। गाजियाबाद रीजन से करीब 80 बसों का संचालन पूरी तरह से बाधित है।
गाजियाबाद पुराना बस अड्डा से मेरठ और बुलंदशहर के लिए 49 बसें चलती हैं। 21 बस मेरठ और 28 बसें बुलंदशहर के लिए चलती हैं। रात में साढ़े आठ बजे के बाद बुलंदशहर जाने के लिए बस पकड़नी है तो पहले उसे शहर से लाल कुआं जाना होगा। वहां से दिल्ली, बदायूं, अलीगढ़ की बसों का सहारा लेना पड़ेगा।
बढ़ने लगे यात्री
अनलॉक के बाद रोडवेज की बसों में यात्रियों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई है। कौशांबी गाजियाबाद रीजन से विभिन्न डिपो से चलने वाली बसों में करीब 74 हजार यात्री रोजाना सफर कर रहे हैं। जबकि कोरोना काल में दूसरी लहर से पहले यह संख्या एक लाख दस हजार से ऊपर पहुंच गई थी। वहीं उत्तराखंड के करीब एक दर्जन से अधिक रूटों पर बसों का संचालन अभी तक शुरू नहीं हुआ है। रोडवेज की तरफ से देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रूद्रपुर, हल्द्वानी, काशीपुर, खटीमा, टनकपुर, पंतनगर, रामनगर, कोटद्वार रूट पर करीब डेढ़ महीनों से बसों का संचालन बंद है। इसके साथ ही पटना के लिए भी बस का संचालन नहीं हो रहा है।
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गाजियाबाद रीजन से 27 प्रतिशत बसों का संचालन अन्य राज्यों में होता है
गाजियाबाद रीजन के अधिकारियों की मानें तो रीजन के विभिन्न डिपो से रोजाना चलने वाली सभी बसों में 27 प्रतिशत बसें अन्य राज्यों को जाती हैं। इन बसों के बंद होने से रोडवेज की कमाई पर भी असर पड़ रहा है। साहिबाबाद डिपो के एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि शासन के आदेश पर बसों को बंद किया है। आदेश आने पर ही दूसरे राज्यों के लिए बस सेवा शुरू होगी। उन्होंने बताया कि दूसरे राज्य जाने वाले यात्री बॉर्डर तक बस में जाते हैं। वहां से दूसरी बस पकड़कर वह आगे जा रहे हैं।
सवारियां ही नहीं मिलती
पुराने बस अड्डे से बुलंदशहर के लिए 8:30 बजे और मेरठ के लिए अंतिम बस नौ बजे है। इसके बाद सवारियां ही नहीं मिलती हैं। इसलिए लेट बसें संचालित नहीं की जाती हैं। हम 10 बजे तक बसें संचालित करना चाहते हैं। एक दो सवारी के लिए बस भेजना संभव नहीं है। - एनके वर्मा, एआरएम रोडवेज पुराना बस अड्डा
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गाजियाबाद/साहिबाबाद। अगर आपको बुलंदशहर या मेरठ जाना है तो रात नौ बजे के बाद बस नहीं मिलेगी। पुराने बस अड्डे से बुलंदशहर जाने के लिए आखिरी बस रात साढ़े आठ बजे और मेरठ जाने के लिए रात नौ बजे है। इसके अलावा कई रूटों पर बस नहीं चलने की वजह से परेशानी हो रही है। कुछ रूट पर बस चली हैं। कौशांबी डिपो से उत्तराखंड के एक दर्जन रूट पर बस नहीं चल रही हैं। गाजियाबाद रीजन से करीब 80 बसों का संचालन पूरी तरह से बाधित है।
गाजियाबाद पुराना बस अड्डा से मेरठ और बुलंदशहर के लिए 49 बसें चलती हैं। 21 बस मेरठ और 28 बसें बुलंदशहर के लिए चलती हैं। रात में साढ़े आठ बजे के बाद बुलंदशहर जाने के लिए बस पकड़नी है तो पहले उसे शहर से लाल कुआं जाना होगा। वहां से दिल्ली, बदायूं, अलीगढ़ की बसों का सहारा लेना पड़ेगा।
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बढ़ने लगे यात्री
अनलॉक के बाद रोडवेज की बसों में यात्रियों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई है। कौशांबी गाजियाबाद रीजन से विभिन्न डिपो से चलने वाली बसों में करीब 74 हजार यात्री रोजाना सफर कर रहे हैं। जबकि कोरोना काल में दूसरी लहर से पहले यह संख्या एक लाख दस हजार से ऊपर पहुंच गई थी। वहीं उत्तराखंड के करीब एक दर्जन से अधिक रूटों पर बसों का संचालन अभी तक शुरू नहीं हुआ है। रोडवेज की तरफ से देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रूद्रपुर, हल्द्वानी, काशीपुर, खटीमा, टनकपुर, पंतनगर, रामनगर, कोटद्वार रूट पर करीब डेढ़ महीनों से बसों का संचालन बंद है। इसके साथ ही पटना के लिए भी बस का संचालन नहीं हो रहा है।
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गाजियाबाद रीजन से 27 प्रतिशत बसों का संचालन अन्य राज्यों में होता है
गाजियाबाद रीजन के अधिकारियों की मानें तो रीजन के विभिन्न डिपो से रोजाना चलने वाली सभी बसों में 27 प्रतिशत बसें अन्य राज्यों को जाती हैं। इन बसों के बंद होने से रोडवेज की कमाई पर भी असर पड़ रहा है। साहिबाबाद डिपो के एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि शासन के आदेश पर बसों को बंद किया है। आदेश आने पर ही दूसरे राज्यों के लिए बस सेवा शुरू होगी। उन्होंने बताया कि दूसरे राज्य जाने वाले यात्री बॉर्डर तक बस में जाते हैं। वहां से दूसरी बस पकड़कर वह आगे जा रहे हैं।
सवारियां ही नहीं मिलती
पुराने बस अड्डे से बुलंदशहर के लिए 8:30 बजे और मेरठ के लिए अंतिम बस नौ बजे है। इसके बाद सवारियां ही नहीं मिलती हैं। इसलिए लेट बसें संचालित नहीं की जाती हैं। हम 10 बजे तक बसें संचालित करना चाहते हैं। एक दो सवारी के लिए बस भेजना संभव नहीं है। - एनके वर्मा, एआरएम रोडवेज पुराना बस अड्डा