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दादी-चाचा के हत्यारोपी ने कोर्ट में किया सरेंडर
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दादी-चाचा के हत्यारोपी ने कोर्ट में किया सरेंडर
गाजियाबाद। कविनगर थाना पुलिस तलाश नहीं पायी और बम्हैटा गांव में दादी-चाचा का हत्यारोपी हिमांशु ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। हिमांशु पर आरोप है कि उसने संपति विवाद में दादी और चाचा की गोली मारकर हत्या की और भाई अभिषेक के साथ बाइक से फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक हिमांशु की मां संता और पिता सुंदर घटना की साजिश रचने में शामिल थे। पुलिस अभिषेक और उसकी मां को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जबकि हिमांशु और उसका पिता सुंदर फरार चल रहे थे।
गांव शाहपुर बम्हैटा में गत 23 मई की देर रात घेर में सो रहे मां-बेटा रामश्री और नरेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रामश्री को दो गोलियां मारी गई थीं, जबकि नरेंद्र की कनपटी पर एक गोली मारकर उसकी हत्या की गई। नरेंद्र के बड़े भाई सुंदर ने कविनगर थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। लेकिन, पुलिस ने चंद घंटों में घटना का खुलासा करते हुए सोमवार को सुंदर के बेटे अभिषेक को दबोच लिया, जबकि दूसरे दिन उसकी पत्नी संता को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक नरेंद्र अविवाहित था। वह नशे में सुंदर के परिवार के साथ गाली-गलौच करता था। वहीं, रामश्री भी नरेंद्र का ही साथ देती थी। इसके अलावा रामश्री पति की मौत के बाद मिलने वाली रेलवे की पेंशन भी नरेंद्र को सौंप देती थी। आए दिन के झगड़े से छुटकारा पाने और पैतृक संपति हासिल करने के लिए सुंदर और उसकी पत्नी संता ने दोनों की हत्या की साजिश रची। जिसके बाद सुंदर के बेटों हिमांशु और अभिषेक ने दोनों की हत्या कर दी। हिमांशु ने दादी व चाचा को गोली मारी थी,, जबकि अभिषेक उसे मौके से लेकर बाइक पर फरार हुआ था। घटना के बाद हिमांशु और उसका पिता सुंदर फरार चल रहे थे। पुलिस दोनों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश का दावा कर रही थी, लेकिन मंगलवार को सूचना मिली कि हिमांशु ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। तस्दीक होने पर पुलिस के इस दावे की पोल खुल गई। अभय कुमार मिश्र का कहना है कि हिमांशु द्वारा सरेंडर किया गया है। उसके पिता सुंदर की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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गाजियाबाद। कविनगर थाना पुलिस तलाश नहीं पायी और बम्हैटा गांव में दादी-चाचा का हत्यारोपी हिमांशु ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। हिमांशु पर आरोप है कि उसने संपति विवाद में दादी और चाचा की गोली मारकर हत्या की और भाई अभिषेक के साथ बाइक से फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक हिमांशु की मां संता और पिता सुंदर घटना की साजिश रचने में शामिल थे। पुलिस अभिषेक और उसकी मां को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जबकि हिमांशु और उसका पिता सुंदर फरार चल रहे थे।
गांव शाहपुर बम्हैटा में गत 23 मई की देर रात घेर में सो रहे मां-बेटा रामश्री और नरेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रामश्री को दो गोलियां मारी गई थीं, जबकि नरेंद्र की कनपटी पर एक गोली मारकर उसकी हत्या की गई। नरेंद्र के बड़े भाई सुंदर ने कविनगर थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। लेकिन, पुलिस ने चंद घंटों में घटना का खुलासा करते हुए सोमवार को सुंदर के बेटे अभिषेक को दबोच लिया, जबकि दूसरे दिन उसकी पत्नी संता को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक नरेंद्र अविवाहित था। वह नशे में सुंदर के परिवार के साथ गाली-गलौच करता था। वहीं, रामश्री भी नरेंद्र का ही साथ देती थी। इसके अलावा रामश्री पति की मौत के बाद मिलने वाली रेलवे की पेंशन भी नरेंद्र को सौंप देती थी। आए दिन के झगड़े से छुटकारा पाने और पैतृक संपति हासिल करने के लिए सुंदर और उसकी पत्नी संता ने दोनों की हत्या की साजिश रची। जिसके बाद सुंदर के बेटों हिमांशु और अभिषेक ने दोनों की हत्या कर दी। हिमांशु ने दादी व चाचा को गोली मारी थी,, जबकि अभिषेक उसे मौके से लेकर बाइक पर फरार हुआ था। घटना के बाद हिमांशु और उसका पिता सुंदर फरार चल रहे थे। पुलिस दोनों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश का दावा कर रही थी, लेकिन मंगलवार को सूचना मिली कि हिमांशु ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। तस्दीक होने पर पुलिस के इस दावे की पोल खुल गई। अभय कुमार मिश्र का कहना है कि हिमांशु द्वारा सरेंडर किया गया है। उसके पिता सुंदर की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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