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एयरपोर्ट बनेगा पुराना रेलवे स्टेशन, जुड़ेगी मेट्रो भी पहुंचेगी
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पुरानी बिल्डिंग में बनेगा म्यूजियम, स्टेशन के कायाकल्प को रेलवे ने तैयार की डीपीआर
रेलवे स्टेशन तक पहुंचेगी नया बस अड्डा मेट्रो, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक बनेगी एलिवेटेड रोड
ढाई हजार करोड़ की योजना पर रेलवे, जीडीए और एनएचएआई करेगी मिलकर काम
अरुण चट्ठा
गाजियाबाद। करीब ढाई हजार करोड़ की लागत से शहर का पुराना रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित होगा। यहां पुरानी बिल्डिंग में म्यूजियम बनाकर रेलवे की धरोहर संजोई जाएंगी। स्टेशन को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए एक एलिवेटेड रोड बनेगी। पुराना बस अड्डा से मेट्रो लाइन का विस्तार करके स्टेशन को लिंक किया जाएगा। सन 1865 में बने इस स्टेशन के कायाकल्प के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार हो चुकी है। रेल मंत्रालय की मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।
रेल मंत्रालय ने गाजियाबाद के पुराने रेलवे स्टेशन के कायाकल्प के लिए 2.5 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से साझा की है। मंत्रालय दिल्ली पर ट्रेनों का दबाव कम करना चाहता है। इसी मकसद से आनंद विहार रेलवे स्टेशन भी बनाया गया था। अब मंत्रालय गाजियाबाद के रेलवे स्टेशन को विकसित करने की तैयारी में है। सामान्य दिनों में प्रतिदिन करीब पौने 200 ट्रेनों का संचालन गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से होता है। दिल्ली- नोएडा और गाजियाबाद में बड़ी आबादी पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम, उत्तराखंड के लोगों की है। अब उन्हें ट्रेन पकड़ने के लिए दिल्ली या आनंद विहार रेलवे स्टेशन जाना पड़ता है। ऐसे में अगर गाजियाबाद रेलवे स्टेशन का विस्तार कर कनेक्टिविटी बेहतर कर दी जाए तो नोएडा, गाजियाबाद और पूर्वी दिल्ली में रहने वाले लोग आनंद विहार और दिल्ली रेलवे स्टेशन तक नहीं आएंगे। इससे दिल्ली का दबाव कम होगा और गाजियाबाद में शहर के अंदर जाम में फंसे बिना लोगों को कई तरह के यातायात के साधन कम से कम समय में उपलब्ध होंगे।
4 बड़ी एजेंसियों ने मिलाए हाथ
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, एनएचएआई, डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेेशन) रेल मंत्रालय के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट को जमीन पर लाएंगे। डीएमआरसी नया बस अड्डा से मेट्रो को पुराने रेलवे स्टेशन तक लेकर जाएगा। एनएचएआई रेलवे स्टेशन से जीटी रोड के रास्ते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक एलिवेटेड रोड बनाएगी। मेट्रो और एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी होने पर यात्रियों की स्टेशन तक पहुंच आसान हो जाएगी।
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मेट्रो विस्तार और एलिवेटेड रोड पर खर्च होंगे 1500 करोड़
रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण, एलिवेटेड रोड और मेट्रो लेन का विस्तार होने पर करीब ढाई हजार करोड़ रुपया खर्च होगा। स्टेशन को एयरपोर्ट के तौर पर विकसित करने में करीब एक हजार करोड़ खर्च होगा। जीडीए को अन्य विभागों के साथ मिलकर मेट्रो के विस्तार और एलिवेटेड रोड पर 1500 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। रेलवे स्टेशन के कायाकल्प के लिए डीएमआरसी, जीडीए और एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) मिलकर काम करेंगे।
जल्द मिलेगी मंजूरी
रेल मंत्रालय ने स्टेशन को एयरपोर्ट के तौर पर विकसित करने के लिए डीपीआर तैयार करा ली है। जल्द ही स्वीकृति मिलने जा रही है। रेलवे स्टेशन को मेट्रो और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने का काम जीडीए को सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर करना है। जल्द ही इसकी विस्तृत घोषणा भी की जाएगी। रेलवे स्टेशन की पुरानी बिल्डिंग में म्यूजियम भी बनेगा।
जनरल वीके सिंह, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राजमार्ग राज्यमंत्री
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रेलवे स्टेशन तक पहुंचेगी नया बस अड्डा मेट्रो, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक बनेगी एलिवेटेड रोड
ढाई हजार करोड़ की योजना पर रेलवे, जीडीए और एनएचएआई करेगी मिलकर काम
अरुण चट्ठा
गाजियाबाद। करीब ढाई हजार करोड़ की लागत से शहर का पुराना रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित होगा। यहां पुरानी बिल्डिंग में म्यूजियम बनाकर रेलवे की धरोहर संजोई जाएंगी। स्टेशन को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए एक एलिवेटेड रोड बनेगी। पुराना बस अड्डा से मेट्रो लाइन का विस्तार करके स्टेशन को लिंक किया जाएगा। सन 1865 में बने इस स्टेशन के कायाकल्प के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार हो चुकी है। रेल मंत्रालय की मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।
रेल मंत्रालय ने गाजियाबाद के पुराने रेलवे स्टेशन के कायाकल्प के लिए 2.5 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से साझा की है। मंत्रालय दिल्ली पर ट्रेनों का दबाव कम करना चाहता है। इसी मकसद से आनंद विहार रेलवे स्टेशन भी बनाया गया था। अब मंत्रालय गाजियाबाद के रेलवे स्टेशन को विकसित करने की तैयारी में है। सामान्य दिनों में प्रतिदिन करीब पौने 200 ट्रेनों का संचालन गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से होता है। दिल्ली- नोएडा और गाजियाबाद में बड़ी आबादी पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम, उत्तराखंड के लोगों की है। अब उन्हें ट्रेन पकड़ने के लिए दिल्ली या आनंद विहार रेलवे स्टेशन जाना पड़ता है। ऐसे में अगर गाजियाबाद रेलवे स्टेशन का विस्तार कर कनेक्टिविटी बेहतर कर दी जाए तो नोएडा, गाजियाबाद और पूर्वी दिल्ली में रहने वाले लोग आनंद विहार और दिल्ली रेलवे स्टेशन तक नहीं आएंगे। इससे दिल्ली का दबाव कम होगा और गाजियाबाद में शहर के अंदर जाम में फंसे बिना लोगों को कई तरह के यातायात के साधन कम से कम समय में उपलब्ध होंगे।
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4 बड़ी एजेंसियों ने मिलाए हाथ
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, एनएचएआई, डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेेशन) रेल मंत्रालय के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट को जमीन पर लाएंगे। डीएमआरसी नया बस अड्डा से मेट्रो को पुराने रेलवे स्टेशन तक लेकर जाएगा। एनएचएआई रेलवे स्टेशन से जीटी रोड के रास्ते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक एलिवेटेड रोड बनाएगी। मेट्रो और एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी होने पर यात्रियों की स्टेशन तक पहुंच आसान हो जाएगी।
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मेट्रो विस्तार और एलिवेटेड रोड पर खर्च होंगे 1500 करोड़
रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण, एलिवेटेड रोड और मेट्रो लेन का विस्तार होने पर करीब ढाई हजार करोड़ रुपया खर्च होगा। स्टेशन को एयरपोर्ट के तौर पर विकसित करने में करीब एक हजार करोड़ खर्च होगा। जीडीए को अन्य विभागों के साथ मिलकर मेट्रो के विस्तार और एलिवेटेड रोड पर 1500 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। रेलवे स्टेशन के कायाकल्प के लिए डीएमआरसी, जीडीए और एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) मिलकर काम करेंगे।
जल्द मिलेगी मंजूरी
रेल मंत्रालय ने स्टेशन को एयरपोर्ट के तौर पर विकसित करने के लिए डीपीआर तैयार करा ली है। जल्द ही स्वीकृति मिलने जा रही है। रेलवे स्टेशन को मेट्रो और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने का काम जीडीए को सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर करना है। जल्द ही इसकी विस्तृत घोषणा भी की जाएगी। रेलवे स्टेशन की पुरानी बिल्डिंग में म्यूजियम भी बनेगा।
जनरल वीके सिंह, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राजमार्ग राज्यमंत्री