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मार्च में तीन गुना हुए मरीज, कोविड लेवल-2 में बदला संयुक्त अस्पताल
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संयुक्त जिला चिकित्सालय
मार्च में तीन गुना हुए मरीज, कोविड लेवल-2 में बदला संयुक्त अस्पताल
गाजियाबाद। पिछले 15 दिन में तेजी से बढ़े कोरोना संक्रमण के चलते शासन के निर्देश पर संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल को कोविड अस्पताल लेवल-2 के रूप में एक अप्रैल से दोबारा सक्रिय किया जाएगा। फरवरी के मुकाबले मार्च में अब तक तीन गुना ज्यादा कोरोना के मरीज मिल चुके हैं। इस साल फरवरी में 163 मरीज थे, जबकि 30 मार्च तक 534 मरीज हो चुके हैं। पिछले साल से तुलना करें तो मार्च, अप्रैल और मई में संक्रमितों की संख्या सिर्फ 295 थी। वहीं, जिले में वर्तमान में सक्रिय मरीजों की संख्या 200 पार हो जाने के बाद संयुक्त अस्पताल को दोबारा कोविड लेवल-2 बना दिया गया। बुधवार से यहां सामान्य मरीजों का इलाज बंद हो जाएगा। यहां सिर्फ कोरोना के लेवल-2 के मरीज ही भर्ती किए जाएंगे।
अब तक जिले में 27 हजार से अधिक लोग संक्रमण की चपेट में आ चुुके हैं। इलाज के बाद 26 हजार से अधिक मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। लापरवाही और कोविड नियमों का पालन न करने से लोग दोबारा संक्रमण की चपेट में आने लगे हैं। इस समय 200 से अधिक सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता ने पत्र जारी कर कहा है कि एक अप्रैल से दोबारा कोविड लेवल-2 सक्रिय कर दिया जाए। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय तेवतिया ने पत्र की पुष्टि कर बताया कि 31 मार्च को दोपहर बाद सामान्य मरीजों को भर्ती बंद करने के साथ ही कोविड लेवल-2 में बदलने की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। अगर कोई कोविड का मरीज आता है तो उसे एक अप्रैल से भर्ती करना शुरू कर दिया जाएगा। डॉक्टरों की चार टीमें बनाई जा रही हैं, जो कोरोना मरीजों का उपचार करेंगे।
पिछली साल संक्रमण बढ़ने के बाद संयुक्त अस्पताल को 22 मार्च को कोविड लेवल-2 में बदल गया था और दो अप्रैल से मरीज भर्ती होने शुरू हुए थे। इस बार एक अप्रैल से कोविड अस्पताल में बदला गया है। इस साल संक्रमण कम होने पर तीन फरवरी से अस्पताल में सामान्य मरीजों का इलाज शुरू हुआ था। एक महीने में ही दोबारा कोविड लेवल-2 में बदल दिया गया।
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भर्ती मरीज रेफर होंगे एमएमजी
संयुक्त अस्पताल में 100 बेड की सुविधा है। सभी पर मरीज को ऑक्सीजन देने की व्यवस्था है। अस्पताल में 20 वेंटिलेटर हैं, इनमें आठ में बाईपेप की सुविधा है। अस्पताल में छह हाई फ्लुएंसी ऑक्सीजन नोजल कैनुला (एचएफओएनसी)की सुविधा है। इसके अलावा कोविड मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त दवाएं और अन्य सुविधाएं हैं। कुछ जरूरी उपकरण व अन्य सामग्री सीएमओ कार्यालय के स्टोर से ली जाएंगी। अस्पताल में अभी 30 सामान्य मरीज भर्ती हैं। उन मरीजों को बुधवार को एमएमजी अस्पताल रेफर कर दिया जाएगा।
कोविड में लगे स्टॉफ को नहीं मिलेगी कोई सुविधा
इस बार कोविड ड्यूटी में लगे डाक्टर सहित अन्य पैरामेडिकल स्टॉफ को कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं दी जाएगी। सभी को अपने घर से ही ड्यूटी करनी होगी। पिछली बार कोविड में ड्यूटी करने वाले स्टॉफ को एक्टिव और पैसिव क्वारंटीन के अलावा खाने की भी सुविधा दी गई थी। शासन का कहना है कि स्वास्थ्यकर्मियों का कोविड से बचाव का टीकाकरण हो चुका है। उनमें हर्ड इम्युनिटी विकसित हो चुकी है। ऐसे में उन्हें क्वारंटीन में रहने की जरूरत नहीं है। वर्तमान में 14 डॉक्टर कार्यरत हैं, इनमें से छह 55 वर्ष से अधिक आयु के हैं। संयुक्त अस्पताल के कोविड लेवल-2 में बदलने का शासनादेश आते ही कई डाक्टर ड्यूटी कटवाने के जुगाड़ में लग गए हैं। इन डॉक्टरों ने पिछली साल भी कोविड ड्यूटी नहीं की थी। इस बार सभी डॉक्टरों को ड्यूटी करनी होगी।
बढ़ सकता है संक्रमण, टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश
होली का त्योहार बीत चुका है। स्वास्थ्य विभाग को आशंका है कि लापरवाही के चलते कोरोना संक्रमण बढ़ने की संभावना है। इसके मद्देनजर शासन स्तर से जिले में टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में आठ स्थाई बूथों के अलावा मोबाइल यूनिटों को भी अधिक से अधिक जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिले में प्रतिदिन 1700 आरटीपीसीआर और 2200 एंटीजन जांच के निर्देश हैं। अभी एक हजार आरटीपीसीआर और 1400 एंटीजन जांच की जा रही है। सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता का कहना है कि जिले में 30 जांच टीमें काम कर रही हैं। इसके अलावा 800 सर्विलांस टीम कार्यरत है। इनमें एक सौ घर पर एक टीम सर्वे करेंगी। फिलहाल अभी जिले में 102 कंटेनमेंटन जोन हैं, जिनमें सक्रिय मरीज हैं।
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गाजियाबाद। पिछले 15 दिन में तेजी से बढ़े कोरोना संक्रमण के चलते शासन के निर्देश पर संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल को कोविड अस्पताल लेवल-2 के रूप में एक अप्रैल से दोबारा सक्रिय किया जाएगा। फरवरी के मुकाबले मार्च में अब तक तीन गुना ज्यादा कोरोना के मरीज मिल चुके हैं। इस साल फरवरी में 163 मरीज थे, जबकि 30 मार्च तक 534 मरीज हो चुके हैं। पिछले साल से तुलना करें तो मार्च, अप्रैल और मई में संक्रमितों की संख्या सिर्फ 295 थी। वहीं, जिले में वर्तमान में सक्रिय मरीजों की संख्या 200 पार हो जाने के बाद संयुक्त अस्पताल को दोबारा कोविड लेवल-2 बना दिया गया। बुधवार से यहां सामान्य मरीजों का इलाज बंद हो जाएगा। यहां सिर्फ कोरोना के लेवल-2 के मरीज ही भर्ती किए जाएंगे।
अब तक जिले में 27 हजार से अधिक लोग संक्रमण की चपेट में आ चुुके हैं। इलाज के बाद 26 हजार से अधिक मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। लापरवाही और कोविड नियमों का पालन न करने से लोग दोबारा संक्रमण की चपेट में आने लगे हैं। इस समय 200 से अधिक सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता ने पत्र जारी कर कहा है कि एक अप्रैल से दोबारा कोविड लेवल-2 सक्रिय कर दिया जाए। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय तेवतिया ने पत्र की पुष्टि कर बताया कि 31 मार्च को दोपहर बाद सामान्य मरीजों को भर्ती बंद करने के साथ ही कोविड लेवल-2 में बदलने की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। अगर कोई कोविड का मरीज आता है तो उसे एक अप्रैल से भर्ती करना शुरू कर दिया जाएगा। डॉक्टरों की चार टीमें बनाई जा रही हैं, जो कोरोना मरीजों का उपचार करेंगे।
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पिछली साल संक्रमण बढ़ने के बाद संयुक्त अस्पताल को 22 मार्च को कोविड लेवल-2 में बदल गया था और दो अप्रैल से मरीज भर्ती होने शुरू हुए थे। इस बार एक अप्रैल से कोविड अस्पताल में बदला गया है। इस साल संक्रमण कम होने पर तीन फरवरी से अस्पताल में सामान्य मरीजों का इलाज शुरू हुआ था। एक महीने में ही दोबारा कोविड लेवल-2 में बदल दिया गया।
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भर्ती मरीज रेफर होंगे एमएमजी
संयुक्त अस्पताल में 100 बेड की सुविधा है। सभी पर मरीज को ऑक्सीजन देने की व्यवस्था है। अस्पताल में 20 वेंटिलेटर हैं, इनमें आठ में बाईपेप की सुविधा है। अस्पताल में छह हाई फ्लुएंसी ऑक्सीजन नोजल कैनुला (एचएफओएनसी)की सुविधा है। इसके अलावा कोविड मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त दवाएं और अन्य सुविधाएं हैं। कुछ जरूरी उपकरण व अन्य सामग्री सीएमओ कार्यालय के स्टोर से ली जाएंगी। अस्पताल में अभी 30 सामान्य मरीज भर्ती हैं। उन मरीजों को बुधवार को एमएमजी अस्पताल रेफर कर दिया जाएगा।
कोविड में लगे स्टॉफ को नहीं मिलेगी कोई सुविधा
इस बार कोविड ड्यूटी में लगे डाक्टर सहित अन्य पैरामेडिकल स्टॉफ को कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं दी जाएगी। सभी को अपने घर से ही ड्यूटी करनी होगी। पिछली बार कोविड में ड्यूटी करने वाले स्टॉफ को एक्टिव और पैसिव क्वारंटीन के अलावा खाने की भी सुविधा दी गई थी। शासन का कहना है कि स्वास्थ्यकर्मियों का कोविड से बचाव का टीकाकरण हो चुका है। उनमें हर्ड इम्युनिटी विकसित हो चुकी है। ऐसे में उन्हें क्वारंटीन में रहने की जरूरत नहीं है। वर्तमान में 14 डॉक्टर कार्यरत हैं, इनमें से छह 55 वर्ष से अधिक आयु के हैं। संयुक्त अस्पताल के कोविड लेवल-2 में बदलने का शासनादेश आते ही कई डाक्टर ड्यूटी कटवाने के जुगाड़ में लग गए हैं। इन डॉक्टरों ने पिछली साल भी कोविड ड्यूटी नहीं की थी। इस बार सभी डॉक्टरों को ड्यूटी करनी होगी।
बढ़ सकता है संक्रमण, टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश
होली का त्योहार बीत चुका है। स्वास्थ्य विभाग को आशंका है कि लापरवाही के चलते कोरोना संक्रमण बढ़ने की संभावना है। इसके मद्देनजर शासन स्तर से जिले में टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में आठ स्थाई बूथों के अलावा मोबाइल यूनिटों को भी अधिक से अधिक जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिले में प्रतिदिन 1700 आरटीपीसीआर और 2200 एंटीजन जांच के निर्देश हैं। अभी एक हजार आरटीपीसीआर और 1400 एंटीजन जांच की जा रही है। सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता का कहना है कि जिले में 30 जांच टीमें काम कर रही हैं। इसके अलावा 800 सर्विलांस टीम कार्यरत है। इनमें एक सौ घर पर एक टीम सर्वे करेंगी। फिलहाल अभी जिले में 102 कंटेनमेंटन जोन हैं, जिनमें सक्रिय मरीज हैं।