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फर्जी प्रदूषण प्रमाणपत्र बनाने वाले केंद्र पन नहीं हुई कार्रवाई
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शनिवार को खुला फर्जी प्रदूषण प्रमाण पत्र बनाने वाला केंद्र।
- फोटो : GHAZIABAD City
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फर्जी प्रदूषण प्रमाणपत्र बनाने वाले केंद्र पन नहीं हुई कार्रवाई
गाजियाबाद। वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र बनाने में फर्जीवाड़ा सामने आने के बावजूद संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारी आंखें बंद किए बैठे हैं। इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले बूथ का नाम उजागर होने के बाद भी विभागीय अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। चर्चा है कि फर्जीवाड़ा करने वाले बूथ संचालक को विभागीय अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है और इसी वजह से वह बिना देखे वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र जारी करने का काम लंबे समय से कर रहे हैं।
प्रमाणपत्र बनाने की सूचना मिलने पर अमर उजाला ने स्टिंग ऑपरेशन कर 26 फरवरी के अंक में इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। अमर उजाला टीम ने दो ऐसे वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र बिना वाहन को दिखाए बनवा लिया, जो वाहन लंबे समय से सिहानी गेट थाने में सीज है। यानी नियमों को ताक पर रखकर प्रमाणपत्र बनाए जाने का खुलासा सुबूतों के साथ किया गया। संभागीय परिवहन विभाग में तैनात एआरटीओ प्रशासन ने खुद इस प्रक्रिया को गलत माना और कार्रवाई की बात कही, लेकिन दो दिन बाद भी उस बूथ ‘सूर्यकरण पॉल्यूशन सेंटर’ पर कार्रवाई नहीं की गई, जिस पर यह फर्जीवाड़ा कर प्रमाणपत्र बनाने का खुल्लम खुल्ला खेल चल रहा है। अप्सरा बॉर्डर के पास स्थित ‘सूर्यकरण पॉल्यूशन सेंटर’ बूथ शनिवार को भी खुला रहा और इस पर प्रमाणपत्र बनाए जाने का काम चलता रहा। कई पॉल्यूशन बूथ संचालकों का कहना है कि इस फर्जीवाड़े में बूथ संचालक को संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है।
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गाजियाबाद। वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र बनाने में फर्जीवाड़ा सामने आने के बावजूद संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारी आंखें बंद किए बैठे हैं। इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले बूथ का नाम उजागर होने के बाद भी विभागीय अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। चर्चा है कि फर्जीवाड़ा करने वाले बूथ संचालक को विभागीय अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है और इसी वजह से वह बिना देखे वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र जारी करने का काम लंबे समय से कर रहे हैं।
प्रमाणपत्र बनाने की सूचना मिलने पर अमर उजाला ने स्टिंग ऑपरेशन कर 26 फरवरी के अंक में इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। अमर उजाला टीम ने दो ऐसे वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र बिना वाहन को दिखाए बनवा लिया, जो वाहन लंबे समय से सिहानी गेट थाने में सीज है। यानी नियमों को ताक पर रखकर प्रमाणपत्र बनाए जाने का खुलासा सुबूतों के साथ किया गया। संभागीय परिवहन विभाग में तैनात एआरटीओ प्रशासन ने खुद इस प्रक्रिया को गलत माना और कार्रवाई की बात कही, लेकिन दो दिन बाद भी उस बूथ ‘सूर्यकरण पॉल्यूशन सेंटर’ पर कार्रवाई नहीं की गई, जिस पर यह फर्जीवाड़ा कर प्रमाणपत्र बनाने का खुल्लम खुल्ला खेल चल रहा है। अप्सरा बॉर्डर के पास स्थित ‘सूर्यकरण पॉल्यूशन सेंटर’ बूथ शनिवार को भी खुला रहा और इस पर प्रमाणपत्र बनाए जाने का काम चलता रहा। कई पॉल्यूशन बूथ संचालकों का कहना है कि इस फर्जीवाड़े में बूथ संचालक को संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है।
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