फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad news

अब नहीं रेफर होंगे मरीज, चार सीएचसी में बढ़ेंगे 280 बेड

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2021 01:08 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad news
ghaziabad news - फोटो : GHAZIABAD City
अब नहीं रेफर होंगे मरीज, चार सीएचसी में बढ़ेंगे 280 बेड
विज्ञापन

गाजियाबाद। प्रदेेश सरकार के नए बजट में स्वास्थ्य के लिए 5.5 फीसदी धनराशि दी गई है। इसमें गाजियाबाद के ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, लेकिन डाक्टरों की नियुक्ति चुनौती होगी। नए बजट में जिले की चार सीएचसी पर 280 बेड बढ़ने से मरीजों को लाभ होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को इलाज और महिलाओं को प्रसव के लिए शहर या मेरठ नहीं भागना पड़ेगा। नए बजट में विभाग को डिजिटलाइज्ड भी किया जाएगा। इसके लिए भी स्वास्थ्य विभाग को बजट जारी किया गया है। जिले में कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण भी निशुल्क होगा, क्योंकि इसके लिए भी अलग से बजट दिया गया है।
जिले में लोनी, मुरादनगर, मोदीनगर एवं डासना में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 30-30 बेड की व्यवस्था है। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक सीएचसी पर मरीजों का इलाज होता है, लेकिन दो बजे के बाद केंद्र पर इलाज के लिए आने वाले मरीजों को जिला या महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। नए बजट से ग्रामीण क्षेत्र के हर सीएचसी पर 70 बेड का विस्तार होने से मरीजों को लाभ मिलेगा। डिजिटल व्यवस्था होने से विभाग की कार्यप्रणाली में भी सुधार होगा। आयुष्मान भारत के तहत बजट जारी होने से निजी अस्पतालों में मरीजों का बेहतर इलाज हो सकेगा। अभी तक अस्पताल में मरीजों के इलाज के बाद भुगतान न हो पाने से कई बार प्राइवेट अस्पताल इलाज करने से इंकार कर देते हैं। नया बजट जारी होने के बाद समय से अस्पतालों को भुगतान हो सकेगा और इलाज में सहूलियत मिलेगी। जन आरोग्य के तहत नए बजट से आयुर्वेद को भी बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन

नहीं मिला मेडिकल कॉलेज
इस बार बजट से पहले लोगों को उम्मीद थी कि जिले को एक मेडिकल कॉलेज मिल जाएगा, जिससे बड़े स्तर पर गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधा मिलेेगी। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के बजट पिटारे से इस बार भी मेडिकल कॉलेज मिलने की आस अधूरी रह गई। अभी तक जिले में सिर्फ सामान्य सर्दी-जुकाम के ही इलाज की व्यवस्था है। यहां तक की सर्जन न होने से सामान्य ऑपरेशन भी नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में शहर के बाशिंदों को बड़ी उम्मीद जगी थी कि निश्चित रूप से मेडिकल कॉलेज मिलेगा और बेहतर उपचार की व्यवस्था होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
5.5 फीसदी बजट दिया गया है। कोरोना टीकाकरण सहित अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाएं संचालित होंगी, इसलिए यह बजट प्रदेश की आबादी के अनुसार कम है। जिले में मेडिकल कॉलेज की भी जरूरत थी, लेकिन नहीं दिया गया।
डॉ. वाईसी गुप्ता, पूर्व सीएमएस एमएमजी अस्पताल
केंद्र के मुकाबले बजट बहुत कम है। केंद्र द्वारा दिए गए बजट से भी आधा कर दिया गया है। उप्र. बड़ा राज्य है, ऐसे में 12 फीसदी कम से कम होना चाहिए। ट्रांस हिंडन में बहुत दिनों से अस्पताल लंबित है, इसे पूरा किया जाना चाहिए।
राजकुमार सिंह, पूर्व सांख्यकी अधिकारी सीएमओ कार्यालय
महिला अस्पताल से अलग मैटरनिटी अस्पताल गाजियाबाद को दिया गया था, जिसकी 100 बेड की नई व्यवस्था थी। उसे चालू करने के लिए पुराने महिला अस्पताल को बंद कर दिया गया था, इसे शुरू किया जाना चाहिए था।
सुधा त्यागी, पूर्व हेल्थ सुपरवाइजर
नए बजट में कई नई योजनाएं शामिल की गई हैं। इससे मरीजों के इलाज में नई सुविधा शामिल होगी और डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के तहत विभाग की कार्यप्रणाली और अपडेट हो जाएगी। मरीजों को लाभ होगा।
डॉ. एनके गुप्ता, सीएमओ
बजट में की खासियत यह है कि अलग-अलग क्षेत्र के लिए अलग-अलग मद जारी किया गया है। इस बार कोरोना टीकाकरण, डिजिटल स्वास्थ्य मिशन और सीएचसी पर बेड बढ़ाने से निश्चित रूप से लोगों को लाभ मिलेगा।

डॉ. प्रदीप यादव, महासचिव, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ
कोट
गाजियाबाद व हापुड़ में कई मेडिकल संचालित हो रहे हैं। इसलिए यहां पर मेडिकल कॉलेज की कोई जरूरत नहीं है। गाजियाबाद से दिल्ली व मेरठ नजदीक होने से मरीजों को अच्छी उपचार की व्यवस्था हो जाती है। ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था में सुधार करना है, इसलिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। हर विधानसभा में 50 बेड का प्रसूति केंद्र भी बनाया जाएगा। गाजियाबाद विधानसभा में डूडाहेड़ा की फाइल भेजी जा चुकी है। जल्द ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।
अतुल गर्ग, स्वास्थ्य राज्यमंत्री एवं विधायक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed