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वसुंधरा की नीरू मलिक का यूपीपीसीएस का चयन
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नीरू मलिक
- फोटो : GHAZIABAD City
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वसुंधरा की नीरू मलिक का यूपीपीसीएस में चयन
साहिबाबाद। वसुंधरा सेक्टर-10 में रहने वाली नीरु मलिक का यूपीपीसीएस में बीडीओ के पद पर चयन हो गया है। नीरु ने यह सफलता अपने पहले प्रयास में पाई है। वह चार साल से यूपीपीसीएस की तैयारी कर रही थी। यूपीपीसीएस में चयन होने पर घर में खुशी का माहौल है।
वसुंधरा सेक्टर-10 स्थित प्लाट नंबर पांच में रहने वाले वीरपाल मलिक और मां मुनेश मलिक की बेटी नीरु मलिक ने प्रारंभिक पढ़ाई दिल्ली से की। उन्होंने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से ही केमेस्ट्री ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया है। वह ग्रेजुएशन के साथ ही यूपीपीसीएस की तैयारी कर रही थी। 2019 की पीसीएस परीक्षा दी थी। उन्होंने बताया कि वह ग्रेजुएशन के बाद से ही तैयारी कर रही थीं। वह दिन में चार से पांच घंटे ही पढ़ाई करती थी, लेकिन पूरे लगन के साथ विषयों को क्लीयर करती थीं। उन्होंने पहली बार यूपीपीसीएस की परीक्षा दी। नीरु मलिक ने बताया कि उनका सपना यूपीपीसीएस में सफलता पाने का सपना लगभग पूरा हो गया। अभी उनके पास कई मौके भी बचे हैं। वह यूपीएससी के लिए अपनी कोशिश जारी रखेंगी। उन्होंने बताया कि उनके दादा का सपना था कि वह ऑफिसर बने। उनके दादा भी आर्मी में सूबेदार के पद से रिटायर हुए थे। उनके दादा इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उन्होंने अपने दादा का सपना पूरा किया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी मां और पापा ने पढ़ाई में सहयोग किया। उनका कहना है कि जब बुधवार को परिणाम आया तो घर पर मां और भाई को यकीन ही नहीं हुआ कि उन्होंने परीक्षा पास कर ली है। उन्होंने बताया कि उन्हें किताबें पढ़ने का बहुत ही शौक है। उनके पिता वीरपाल मलिक राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी के निजी सहायक (पीएस) हैं। उनकी इस उपलब्धि से घर में खुशी का माहौल है। उनके यहां बधाई देने के लिए लगातार लोग आ रहे हैं।
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साहिबाबाद। वसुंधरा सेक्टर-10 में रहने वाली नीरु मलिक का यूपीपीसीएस में बीडीओ के पद पर चयन हो गया है। नीरु ने यह सफलता अपने पहले प्रयास में पाई है। वह चार साल से यूपीपीसीएस की तैयारी कर रही थी। यूपीपीसीएस में चयन होने पर घर में खुशी का माहौल है।
वसुंधरा सेक्टर-10 स्थित प्लाट नंबर पांच में रहने वाले वीरपाल मलिक और मां मुनेश मलिक की बेटी नीरु मलिक ने प्रारंभिक पढ़ाई दिल्ली से की। उन्होंने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से ही केमेस्ट्री ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया है। वह ग्रेजुएशन के साथ ही यूपीपीसीएस की तैयारी कर रही थी। 2019 की पीसीएस परीक्षा दी थी। उन्होंने बताया कि वह ग्रेजुएशन के बाद से ही तैयारी कर रही थीं। वह दिन में चार से पांच घंटे ही पढ़ाई करती थी, लेकिन पूरे लगन के साथ विषयों को क्लीयर करती थीं। उन्होंने पहली बार यूपीपीसीएस की परीक्षा दी। नीरु मलिक ने बताया कि उनका सपना यूपीपीसीएस में सफलता पाने का सपना लगभग पूरा हो गया। अभी उनके पास कई मौके भी बचे हैं। वह यूपीएससी के लिए अपनी कोशिश जारी रखेंगी। उन्होंने बताया कि उनके दादा का सपना था कि वह ऑफिसर बने। उनके दादा भी आर्मी में सूबेदार के पद से रिटायर हुए थे। उनके दादा इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उन्होंने अपने दादा का सपना पूरा किया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी मां और पापा ने पढ़ाई में सहयोग किया। उनका कहना है कि जब बुधवार को परिणाम आया तो घर पर मां और भाई को यकीन ही नहीं हुआ कि उन्होंने परीक्षा पास कर ली है। उन्होंने बताया कि उन्हें किताबें पढ़ने का बहुत ही शौक है। उनके पिता वीरपाल मलिक राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी के निजी सहायक (पीएस) हैं। उनकी इस उपलब्धि से घर में खुशी का माहौल है। उनके यहां बधाई देने के लिए लगातार लोग आ रहे हैं।
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