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नई टैक्स पॉलिसी के विरोध में उतरे पार्षद

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 10 Feb 2021 12:59 AM IST
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नगर निगम की नई टैक्स पॉलिसी के विरोध में उतरे पार्षद
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गाजियाबाद। नगर निगम की नई टैक्स पॉलिसी का विरोध शुरू किया है। निगम के कई पार्षद इस पॉलिसी के विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने दो से तीन गुना बढ़ाए जाने के लिए प्रस्तावित की गई दरों पर कड़ा एतराज जताया है। पार्षदों का कहना है कि नगर आयुक्त नीतिगत फैसलों पर खुद निर्णय लेने की बजाय, इन पर पहले सदन या कार्यकारिणी समिति की बैठक में चर्चा करा लें।
अभी तक नगर निगम अपनी ओर से निर्धारित की गई दरों पर संपत्ति कर वसूल रहा है। प्रत्येक दो साल के अंतराल के बाद टैक्स की दरों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की जाती है। अब नगर निगम ने डीएम किराया दरों को आधार बनाकर टैक्स लगाने की पॉलिसी लागू करने की तैयारी कर दी है। इस पॉलिसी को लागू करने से पहले आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। निगम की नई पॉलिसी में भवनों पर टैक्स का बोझ करीब दोगुना बढ़ जाएगा। कई कॉलोनियों में इसमें सौ फीसदी से भी ज्यादा बढ़ोतरी हो जाएगी।
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चुनावी साल में कहीं खफा न हो जाएं वोटर
नगर निगम के जनप्रतिनिधि टैक्स में दो से ढाई गुना तक बढ़ोतरी से खफा इसलिए भी हैं कि एक साल बाद ही उन्हें चुनावी दंगल में जाना है। लोगों पर टैक्स का बोझ बढ़ा तो कहीं वोटर नाराज न हो जाएं। ऐसे में जनप्रतिनिधियों के मन में कई तरह की शंकाएं भी पैदा हो रही हैं।
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जिस क्षेत्र में किराया दरें ज्यादा, टैक्स भी वहीं लगेगा ज्यादा
नगर निगम की नई टैक्स पॉलिसी के तहत उसी क्षेत्र में सबसे ज्यादा टैक्स लगेगा जिस क्षेत्र में किराया दरें सबसे ज्यादा होंगी। डीएम की ओर से किराया दर निर्धारण में उस क्षेत्र की जमीन का सर्किल रेट देखा जाता है। यानी जिन कॉलोनियों में सबसे ज्यादा सुविधाएं होंगी, उन्हीं कॉलोनियों में किराया दरें भी सबसे ज्यादा होंगी। इसी के आधार पर टैक्स भी ज्यादा देना पड़ेगा।
ऐसे करें अपने घर के टैक्स की गणना
निगम की ओर से अपनाए जाने वाले टैक्स फार्मूले के मुताबिक अगर आपके घर का क्षेत्रफल एक हजार वर्ग फुट है और आपकी कॉलोनी ए श्रेणी में हैं। मकान की छत आरसीसी की है तो आप भवन के क्षेत्रफल को 12 से गुणा करिए और फिर उसे निगम की ओर से दी गई टेबल के अनुसार टैक्स की दर से गुणा कर दीजिए। इस फार्मूले से आपके भवन की वार्षिक किराया दर (एआरवी) पता चल जाएगी। इस एआरवी पर आपको 24 फीसदी प्रॉपर्टी टैक्स देना होगा।
भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने कहा कि नगर आयुक्त को टैक्स पॉलिसी लागू करने के लिए विज्ञापन जारी करने से पहले कार्यकारिणी समिति और सदन को अवगत कराना चाहिए था। कोरोना काल में लोगों की आमदनी चौपट हो गई है। इस दौरान टैक्स दोगुना-तीन गुना बढ़ाना जायज नहीं है।
भाजपा पार्षद हिमांशु मित्तल ने कहा कि दो से तीन गुना टैक्स बढ़ाना शहर में डर का माहौल पैदा करने जैसा है। इस पर आपत्ति भी दाखिल करेंगे और नगर निगम की बैठक में विरोध भी जताएंगे। मनमानी नहीं करने देंगे।
बसपा पार्षद दल के नेता आनंद चौधरी ने कहा कि कोरोना की वजह से लोग पहले ही आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके हैं, अब नगर निगम बोझ डालने की तैयारी कर रहे हैं। शहर में बहुत सी कॉलोनियां ऐसी हैं जहां निगम सीवर और पानी की सुविधा भी नहीं दे पा रहा है। इन पर टैक्स का बोझ नहीं बढ़ने दिया जाएगा।

नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि यूपी के कई शहरों में यह पॉलिसी लागू हो चुकी है। शासन की मंशा के अनुरूप टैक्स का प्रस्ताव तैयार किया गया है। अब जो आपत्तियां आएंगी उन पर सुनवाई की जाएगी। अगर कोई अच्छे सुझाव आएंगे तो उन पर अमल भी किया जाएगा। -
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