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कोरोना को मात दे चुके लोगों को नहीं आ रही नींद
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कोरोना को मात दे चुके लोगों को नहीं आ रही नींद
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण से निजात मिलने के बाद पोस्ट कोविड मरीजों को अधिक परेशानी हो रही है। किसी को जरूरत से ज्यादा कमजोरी होने के कारण थकान हो रही है तो किसी को हाथों में सुन्नपन या अनिंद्रा की परेशानी हो रही है। इसके अलावा चक्कर आना और मानसिक तनाव के मामलों के साथ ही दृष्टि धुंधली होने की भी शिकायतें मिल रही हैं।
क्षेत्रीय आयुर्वेद अधिकारी डॉ. अशोक राणा का कहना है कि पोस्ट कोविड मरीजों में ऐसी शिकायतें आम हैं। थकान दूर करने के लिए मुनक्का या फिर खजूर का पानी पीने से काफी राहत मिलती है। डॉ. राणा का कहना है कि अधिकतर मामलों में ऐसा स्टारॉयड के इस्तेमाल के कारण हो रहा है। दरअसल स्टरॉयड रोग प्रतिरोधक क्षमता रोकने के लिए प्रयोग किए जाते हैं, लेकिन इनका बहुत ही सटीक इस्तेमाल न हो तो रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। कोरोना की दूसरी लहर में स्टरॉयड का इस्तेमाल होने से इस तरह की परेशानियां सामने आ रही हैं। मानसिक समस्याओं का कारण भी यही है।
सोशल मीडिया की अधूरी जानकारी ज्यादा परेशानी
इस समय सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से माहौल इतना ज्यादा डरावना हो गया है कि लोगों को दोबारा कोविड संक्रमित होने, ब्लैक फंगस के शिकार होने के डर से सो नहीं पा रहे हैं और फिर डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। इन सब मामलों से उभरने के लिए काउंसिलिंग जरूरी है। इसके साथ ही योग और प्राणायाम करने से राहत मिलती है। डॉ. राणा का कहना है कि पोस्ट कोविड मामलों में लोगों की ऑक्सीजन लेने की क्षमता कम हुई है। इसे हाइपोक्सिया कहते हैं। ऑक्सीजन कम ले पाने के कारण असहज महसूस होना स्वाभाविक है और मरीज को लगता कि वह फिर से कोरोना की चपेट में आ गया। इसके कारण तनाव और बढ़ जाता है और तनाव बढ़ने से मस्तिष्क में रक्त का संचार उतना नहीं हो पाता। मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी सुस्ती का कारण बनती है और फिर धीरे-धीरे मरीज डिप्रेशन की ओर जाने लगता है।
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ऐसा करें
मोबाइल का प्रयोग देर रात तक करने से बचें।
मौसमी फलों का सेवन करें।
ठंडी व बासी चीज का प्रयोग करने से बचें।
नकारात्मक विचार न पनपने दें।
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गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण से निजात मिलने के बाद पोस्ट कोविड मरीजों को अधिक परेशानी हो रही है। किसी को जरूरत से ज्यादा कमजोरी होने के कारण थकान हो रही है तो किसी को हाथों में सुन्नपन या अनिंद्रा की परेशानी हो रही है। इसके अलावा चक्कर आना और मानसिक तनाव के मामलों के साथ ही दृष्टि धुंधली होने की भी शिकायतें मिल रही हैं।
क्षेत्रीय आयुर्वेद अधिकारी डॉ. अशोक राणा का कहना है कि पोस्ट कोविड मरीजों में ऐसी शिकायतें आम हैं। थकान दूर करने के लिए मुनक्का या फिर खजूर का पानी पीने से काफी राहत मिलती है। डॉ. राणा का कहना है कि अधिकतर मामलों में ऐसा स्टारॉयड के इस्तेमाल के कारण हो रहा है। दरअसल स्टरॉयड रोग प्रतिरोधक क्षमता रोकने के लिए प्रयोग किए जाते हैं, लेकिन इनका बहुत ही सटीक इस्तेमाल न हो तो रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। कोरोना की दूसरी लहर में स्टरॉयड का इस्तेमाल होने से इस तरह की परेशानियां सामने आ रही हैं। मानसिक समस्याओं का कारण भी यही है।
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सोशल मीडिया की अधूरी जानकारी ज्यादा परेशानी
इस समय सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से माहौल इतना ज्यादा डरावना हो गया है कि लोगों को दोबारा कोविड संक्रमित होने, ब्लैक फंगस के शिकार होने के डर से सो नहीं पा रहे हैं और फिर डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। इन सब मामलों से उभरने के लिए काउंसिलिंग जरूरी है। इसके साथ ही योग और प्राणायाम करने से राहत मिलती है। डॉ. राणा का कहना है कि पोस्ट कोविड मामलों में लोगों की ऑक्सीजन लेने की क्षमता कम हुई है। इसे हाइपोक्सिया कहते हैं। ऑक्सीजन कम ले पाने के कारण असहज महसूस होना स्वाभाविक है और मरीज को लगता कि वह फिर से कोरोना की चपेट में आ गया। इसके कारण तनाव और बढ़ जाता है और तनाव बढ़ने से मस्तिष्क में रक्त का संचार उतना नहीं हो पाता। मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी सुस्ती का कारण बनती है और फिर धीरे-धीरे मरीज डिप्रेशन की ओर जाने लगता है।
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ऐसा करें
मोबाइल का प्रयोग देर रात तक करने से बचें।
मौसमी फलों का सेवन करें।
ठंडी व बासी चीज का प्रयोग करने से बचें।
नकारात्मक विचार न पनपने दें।