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गाजियाबाद: मारपीट में नामजद पीएफए की जिलाध्यक्ष को क्लीन चिट
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मारपीट में नामजद पीएफए की जिलाध्यक्ष को क्लीन चिट
गाजियाबाद। 11 जनवरी को राजनगर एक्सटेंशन की रिवर हाइट्स सोसायटी में आवारा कुत्तों को बाहर निकालने पर हुई मारपीट में नामजद पीपल फॉर एनिमल संस्था की जिलाध्यक्ष सुरभि रावत और पूनम कश्यप को पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना के लिए वादी मुकदमा एओए अध्यक्ष सुबोध त्यागी की पत्नी व अन्य तीन महिलाओं को दोषी मानकर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट में नामजद होने के बाद एओए अध्यक्ष समेत रिवर हाइट्स के अन्य निवासी शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचे लेकिन मुलाकात नहीं होने पर निवासी सोसायटी गेट पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। देर शाम तक सोसायटी में नगर निगम, पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगते रहे। सुबोध त्यागी का कहना है कि नगर निगम और पुलिस प्रशासन पर पीएफए की संरक्षक और केंद्रीय मंत्री का दबाव है। मारपीट के आरोपियों के नाम पुलिस ने दबाव के चलते निकाल दिया है और जिन पर हमला किया, जिनके परिसर में घुसकर मारपीट की गई उन पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी बना दिया गया है।
यह है पूरा मामला
रिवर हाइट्स में 11 जनवरी को आवारा कुत्तों से परेशान निवासी उन्हें बाहर निकाल रहे थे। सूचना पर इस दौरान पीएफए संस्था से सुरभि रावत, स्थानीय निवासी पूनम कौशिक ने इसका विरोध किया। इस दौरान निवासियों और संस्था की ओर से आए लोगों के बीच हाथापाई हो गई। पीएफए की जिलाध्यक्ष सुरभि रावत ने आरोप लगाया कि उनके साथ अभद्रता की गई और उन्हें पीटा गया। दूसरी ओर एओए अध्यक्ष सुबोध त्यागी ने आरोप लगाया कि उनके मुंह पर मुक्के से मारा गया और संस्था के लोगों ने महिलाओं और निवासियों को गाली देकर मारपीट की। 12 जनवरी को सुबोध त्यागी की ओर से पूनम कौशिक और पीएफए संस्था की जिलाध्यक्ष सुरभि रावत के खिलाफ गालीगलौज और मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट नंदग्राम थाने में दर्ज की गई। पुलिस ने इन दोनों की गलती मानी। एसीपी नंदग्राम आलोक दुबे ने बताया कि विवेचना के दौरान गलती सोसायटी की चार महिलाओं की पाई गई। इसलिए दोनों आरोपियों का नाम निकाल दिया गया है। गलती पाए जाने पर सोसायटी की चार महिलाओं रानू अग्रवाल पत्नी रितेश अग्रवाल, स्वाति त्यागी पत्नी सुबोध त्यागी, निशा गुप्ता पत्नी संदीप गुप्ता, कामिनी पत्नी बिजेंद्र को नामजद कर चार्जशीट दाखिल की गई है।
15 दिन तक चला था धरना
राजनगर एक्सटेंशन की रिवर हाइट्स सोसायटी में आवारा कुत्तों से परेशान लोगों ने सोसायटी में करीब 15 दिनों तक धरना दिया था। मामले में नगर निगम की सहमति के बाद आवारा कुत्तों के लिए सोसायटी से सटे करीब छह बीघे के पार्क में फीडिंग प्वाइंट बनाकर रहने की व्यवस्था की गई। आवारा कुत्तों को नगर निगम की टीम के साथ मिलकर पार्क में किया गया। सुबोध त्यागी का कहना है कि बावजूद इसके पीएफए के सदस्य पुलिस से मिलीभगत कर परेशान कर रहे हैं।
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गाजियाबाद। 11 जनवरी को राजनगर एक्सटेंशन की रिवर हाइट्स सोसायटी में आवारा कुत्तों को बाहर निकालने पर हुई मारपीट में नामजद पीपल फॉर एनिमल संस्था की जिलाध्यक्ष सुरभि रावत और पूनम कश्यप को पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना के लिए वादी मुकदमा एओए अध्यक्ष सुबोध त्यागी की पत्नी व अन्य तीन महिलाओं को दोषी मानकर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट में नामजद होने के बाद एओए अध्यक्ष समेत रिवर हाइट्स के अन्य निवासी शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचे लेकिन मुलाकात नहीं होने पर निवासी सोसायटी गेट पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। देर शाम तक सोसायटी में नगर निगम, पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगते रहे। सुबोध त्यागी का कहना है कि नगर निगम और पुलिस प्रशासन पर पीएफए की संरक्षक और केंद्रीय मंत्री का दबाव है। मारपीट के आरोपियों के नाम पुलिस ने दबाव के चलते निकाल दिया है और जिन पर हमला किया, जिनके परिसर में घुसकर मारपीट की गई उन पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी बना दिया गया है।
यह है पूरा मामला
रिवर हाइट्स में 11 जनवरी को आवारा कुत्तों से परेशान निवासी उन्हें बाहर निकाल रहे थे। सूचना पर इस दौरान पीएफए संस्था से सुरभि रावत, स्थानीय निवासी पूनम कौशिक ने इसका विरोध किया। इस दौरान निवासियों और संस्था की ओर से आए लोगों के बीच हाथापाई हो गई। पीएफए की जिलाध्यक्ष सुरभि रावत ने आरोप लगाया कि उनके साथ अभद्रता की गई और उन्हें पीटा गया। दूसरी ओर एओए अध्यक्ष सुबोध त्यागी ने आरोप लगाया कि उनके मुंह पर मुक्के से मारा गया और संस्था के लोगों ने महिलाओं और निवासियों को गाली देकर मारपीट की। 12 जनवरी को सुबोध त्यागी की ओर से पूनम कौशिक और पीएफए संस्था की जिलाध्यक्ष सुरभि रावत के खिलाफ गालीगलौज और मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट नंदग्राम थाने में दर्ज की गई। पुलिस ने इन दोनों की गलती मानी। एसीपी नंदग्राम आलोक दुबे ने बताया कि विवेचना के दौरान गलती सोसायटी की चार महिलाओं की पाई गई। इसलिए दोनों आरोपियों का नाम निकाल दिया गया है। गलती पाए जाने पर सोसायटी की चार महिलाओं रानू अग्रवाल पत्नी रितेश अग्रवाल, स्वाति त्यागी पत्नी सुबोध त्यागी, निशा गुप्ता पत्नी संदीप गुप्ता, कामिनी पत्नी बिजेंद्र को नामजद कर चार्जशीट दाखिल की गई है।
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15 दिन तक चला था धरना
राजनगर एक्सटेंशन की रिवर हाइट्स सोसायटी में आवारा कुत्तों से परेशान लोगों ने सोसायटी में करीब 15 दिनों तक धरना दिया था। मामले में नगर निगम की सहमति के बाद आवारा कुत्तों के लिए सोसायटी से सटे करीब छह बीघे के पार्क में फीडिंग प्वाइंट बनाकर रहने की व्यवस्था की गई। आवारा कुत्तों को नगर निगम की टीम के साथ मिलकर पार्क में किया गया। सुबोध त्यागी का कहना है कि बावजूद इसके पीएफए के सदस्य पुलिस से मिलीभगत कर परेशान कर रहे हैं।
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