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रैपिड रेल: दुहाई से मेरठ परतापुर तक होगी विद्युत आपूर्ति, चार ट्रांसफार्मर की टेस्टिंग शुरू
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रैपिड रेल: दुहाई से मेरठ परतापुर तक होगी विद्युत आपूर्ति, चार ट्रांसफार्मर की टेस्टिंग शुरू
गाजियाबाद। रैपिड रेल के प्राथमिकता खंड के बाद अब दुहाई से मेरठ परतापुर तक के दूसरे खंड में विद्युत आपूर्ति की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) की ओर से मुरादनगर में दूसरा रिसीविंग सब-स्टेशन (आरएसएस) तैयार कर लिया गया है। सब-स्टेशन में लगाए गए चार बड़े ट्रांसफार्मर की टेस्टिंग शुरू हो गई है।
इस आरएसएस से 24 किमी लंबे दुहाई से मेरठ के परतापुर केदूसरे खंड में सभी स्टेशनों और रेल संचालन के लिए विद्युत आपूर्ति की जाएगी। सब-स्टेशन के भवन का निर्माण होने केसाथ इलेक्ट्रिकल उपकरण लगाने का कार्य पूरा हो चुका है। दूसरे खंड में रैपिड रेल का संचालन अक्तूबर 2023 में होना है। ऐसे में जल्द ही आरएसएस स्टेशनों और ट्रेनों के संचालन को विद्युत आपूर्ति केलिए तैयार हो जाएगा।
50 मेगावाट है आरएसएस की क्षमता
मुरादनगर में तैयार हुए रिसीविंग सब-स्टेशन की क्षमता 50 मेगावाट है। इस आरएसएस से दुहाई से मेरठ दक्षित के दूसरे खंड में आने वाले मुरादनगर स्टेशन, मोदीनगर दक्षिण, मोदीनगर उत्तर, मेरठ दक्षिण और परतापुर स्टेशन तक विद्युत आपूर्ति की जाएगी। बिजली सप्लाई के लिए एनसीआरटीसी ने उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीटीसीएल) के साथ करार किया है। यूपीटीसीएल ग्रिड सबस्टेशन से 220 वॉट बिजली ईएचटी (एक्सट्रा हाईटेंशन लाइन) केबल के माध्यम से मुरादनगर आरएसएस में आएगी।
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पहले खंड और दुहाई डिपो के बैकअप का करेगा कार्य
आरएसएस का इस्तेमाल 17 किमी लंबे साहिबाबाद से दुहाई तक प्राथमिकता खंड और दुहाई डिपो के लिए बैकअप कार्य के रूप में भी किया जाएगा। मार्च 2023 में शुरू होने वाले पहले खंड में विद्युत आपूर्ति में कोई रुकावट और विलंब न हो, इसके लिए इस सब-स्टेशन की सुविधाएं भी ली जाएंगी। इस आरएसएस से दुहाई डिपो में 33 केवी बिजली की आपूर्ति की जाएगी। दूसरी ओर कॉरिडोर पर ट्रेनों के संचालन में विद्युत ओएचई के लिए 25 केवी विद्युत की आपूर्ति की जाएगी।
कुल पांच रिसीविंग सब-स्टेशन का होगा निर्माण
आरआरटीएस ट्रेन और स्टेशनों को निरंतर बिजली आपूर्ति के लिए एनसीआरटीसी की ओर से दिल्ली से मेरठ तक कुल पांच रिसीविंग सब-स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है। इसमें गाजियाबाद में दो आरएसएस का निर्माण हो चुका है। इसके अलावा दिल्ली में सराय काले खां, मेरठ के शताब्दीनगर और मोदीपुरम में किया जा रहा है। गाजियाबाद में बने पहले आरएसएस से ही साहिबाबाद से दुहाई तक चल रहे हाईस्पीड टेस्टिंग रन के लिए बिजली आपूर्ति की जा रही है।
दूसरे खंड में निर्माण कार्य प्रगति पर
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि प्राथमिकता खंड से अलावा दुहाई से मेरठ दक्षिण स्टेशन के बीच दूसरे संचालन खंड का निर्माण कार्य प्रगति पर है। मुरादनगर आरएसएस से ही इस खंड में विद्युत आपूर्ति की जाएगी।
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गाजियाबाद। रैपिड रेल के प्राथमिकता खंड के बाद अब दुहाई से मेरठ परतापुर तक के दूसरे खंड में विद्युत आपूर्ति की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) की ओर से मुरादनगर में दूसरा रिसीविंग सब-स्टेशन (आरएसएस) तैयार कर लिया गया है। सब-स्टेशन में लगाए गए चार बड़े ट्रांसफार्मर की टेस्टिंग शुरू हो गई है।
इस आरएसएस से 24 किमी लंबे दुहाई से मेरठ के परतापुर केदूसरे खंड में सभी स्टेशनों और रेल संचालन के लिए विद्युत आपूर्ति की जाएगी। सब-स्टेशन के भवन का निर्माण होने केसाथ इलेक्ट्रिकल उपकरण लगाने का कार्य पूरा हो चुका है। दूसरे खंड में रैपिड रेल का संचालन अक्तूबर 2023 में होना है। ऐसे में जल्द ही आरएसएस स्टेशनों और ट्रेनों के संचालन को विद्युत आपूर्ति केलिए तैयार हो जाएगा।
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50 मेगावाट है आरएसएस की क्षमता
मुरादनगर में तैयार हुए रिसीविंग सब-स्टेशन की क्षमता 50 मेगावाट है। इस आरएसएस से दुहाई से मेरठ दक्षित के दूसरे खंड में आने वाले मुरादनगर स्टेशन, मोदीनगर दक्षिण, मोदीनगर उत्तर, मेरठ दक्षिण और परतापुर स्टेशन तक विद्युत आपूर्ति की जाएगी। बिजली सप्लाई के लिए एनसीआरटीसी ने उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीटीसीएल) के साथ करार किया है। यूपीटीसीएल ग्रिड सबस्टेशन से 220 वॉट बिजली ईएचटी (एक्सट्रा हाईटेंशन लाइन) केबल के माध्यम से मुरादनगर आरएसएस में आएगी।
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पहले खंड और दुहाई डिपो के बैकअप का करेगा कार्य
आरएसएस का इस्तेमाल 17 किमी लंबे साहिबाबाद से दुहाई तक प्राथमिकता खंड और दुहाई डिपो के लिए बैकअप कार्य के रूप में भी किया जाएगा। मार्च 2023 में शुरू होने वाले पहले खंड में विद्युत आपूर्ति में कोई रुकावट और विलंब न हो, इसके लिए इस सब-स्टेशन की सुविधाएं भी ली जाएंगी। इस आरएसएस से दुहाई डिपो में 33 केवी बिजली की आपूर्ति की जाएगी। दूसरी ओर कॉरिडोर पर ट्रेनों के संचालन में विद्युत ओएचई के लिए 25 केवी विद्युत की आपूर्ति की जाएगी।
कुल पांच रिसीविंग सब-स्टेशन का होगा निर्माण
आरआरटीएस ट्रेन और स्टेशनों को निरंतर बिजली आपूर्ति के लिए एनसीआरटीसी की ओर से दिल्ली से मेरठ तक कुल पांच रिसीविंग सब-स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है। इसमें गाजियाबाद में दो आरएसएस का निर्माण हो चुका है। इसके अलावा दिल्ली में सराय काले खां, मेरठ के शताब्दीनगर और मोदीपुरम में किया जा रहा है। गाजियाबाद में बने पहले आरएसएस से ही साहिबाबाद से दुहाई तक चल रहे हाईस्पीड टेस्टिंग रन के लिए बिजली आपूर्ति की जा रही है।
दूसरे खंड में निर्माण कार्य प्रगति पर
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि प्राथमिकता खंड से अलावा दुहाई से मेरठ दक्षिण स्टेशन के बीच दूसरे संचालन खंड का निर्माण कार्य प्रगति पर है। मुरादनगर आरएसएस से ही इस खंड में विद्युत आपूर्ति की जाएगी।