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Ghaziabad News: आरक्षण ने उम्मीदों पर फेरा पानी, 51 पार्षद अपने वार्ड से नहीं लड़ पाएंगे चुनाव

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 04 Dec 2022 07:30 AM IST
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ghaziabad
आरक्षण ने उम्मीदों पर फेरा पानी, 51 पार्षद अपने वार्ड से नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
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गाजियाबाद। नगर निगम के वार्डों के बदले आरक्षण ने 51 पार्षदों की फिर से निगम सदन में जाने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अब यह पार्षद अपने वार्ड से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। राजनीतिक सफर को जारी रखने के लिए इनमें से कई पार्षद अब ठिकाना बदलकर अगल-बगल के अन्य वार्ड से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। महिला के लिए वार्ड आरक्षित हो जाने पर इस बार कई पार्षद खुद चुनाव लड़ने की बजाय पत्नी को मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं।
नगर निगम के 14 वार्ड इस बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें से सात वार्ड 2017 के चुनाव में अन्य वर्ग के लिए आरक्षित थे, जबकि सात वार्ड अनारक्षित श्रेणी में थे और इनमें सामान्य वर्ग के पार्षद जीते थे। अब 2022 के चुनाव में इन 14 वार्ड के पार्षदों को या तो ठिकाना बदलना पड़ेगा, या राजनीतिक सफर को विराम देना पड़ेगा। 2022 के चुनाव के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग और अन्य पिछड़ा वर्ग महिला श्रेणी में आरक्षित किए गए 21 वार्ड भी 2017 के चुनाव में महिला, अनारक्षित और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित थे। यानी इन वार्डों से 2017 में चुनाव जीतकर नगर निगम सदन में पहुंचे पार्षद भी अपने वार्ड से दोबारा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। अब इन 21 वार्ड में सिर्फ ओबीसी या ओबीसी वर्ग की महिलाएं चुनाव लड़ सकेंगी। 2017 में अनारक्षित, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित 16 वार्ड भी इस बार महिला वर्ग के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। इसकी वजह से अब इन वार्डों के पार्षदों की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया है। इनमें से अधिकांश पार्षद अब पत्नी के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।
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पार्टी से टिकट मिलना मुश्किल
वार्डों का आरक्षण बदल जाने की वजह से पत्नी को चुनाव लड़ाने या अन्य वार्डों से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे पार्षदों को झटका लग सकता है। राजनीतिक दलों के अन्य कार्यकर्ता भी इन वार्डों से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं और टिकट की दावेदारी कर चुके हैं। ऐसे में इन वार्डों में दोबारा पार्षदों की पत्नी को टिकट मिलना मुश्किल हैं। खासतौर से भाजपा में दावेदारों की संख्या ज्यादा होने से इसकी उम्मीद बेहद कम है।
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राजनीतिक सफर को बढ़ाने के लिए दल को कर सकते हैं गुड बाय
आरक्षण बदल जाने के कारण और टिकट कटने की संभावना की वजह से कई पार्षद इस बार राजनीतिक दल बदलने की तैयारी कर रहे हैं। पत्नी के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे पार्षदों को राजनीतिक दलों ने झटका दिया तो संभावनाओं की तलाश में वह दूसरे दलों के दरवाजे खटखटा सकते हैं। इसकी तैयारी उन्होंने अभी से शुरू कर दी है।
इन वार्ड के पार्षद नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
वार्ड
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