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Ghaziabad News: खसरा फिर बना खतरा... चार माह में 15 को जकड़ा
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खसरा फिर बना खतरा... चार माह में 15 को जकड़ा
गाजियाबाद। खसरा एक बार फिर बच्चों के लिए खतरा बनकर आया है। चार महीने में 15 मरीज मिल चुके हैं। दो बच्चों को संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मीजल्स-रूबेला (एमआर) का नियमित टीकाकरण का चक्र टूट जाने से इस बीमारी के फैलने की आशंका बनी है। इस पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। लोनी, डासना, खोड़ा में विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गाजियाबाद समेत यूपी के 19 जिलों में खसरा फैलने की आशंका जाहिर की है।
संयुक्त जिला अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना सिंह ने बताया कि पिछले सप्ताह भाई-बहन को भर्ती किया गया था। पहले लड़के को खसरा हुआ, फिर लड़की को। कई साल बाद ऐसा है, जब खसरे के मरीज आ रहे हैं। खसरे के लक्षणों में बुखार का आना, सर्दी-जुकाम के साथ शरीर पर दाने या चकत्ते पड़ते हैं। अगर समय पर उपचार नहीं कराया गया तो दिमागी बुखार का भी खतरा हो सकता है जो जानलेवा है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान छह हजार बच्चों को विशेष टीकाकरण अभियान और इंद्रधनुष अभियान चलाकर टीका लगाया गया था। अब फिर से सर्वे कराकर मालूम किया जाएगा कि कितने बच्चों को खसरे का टीका नहीं लग पाया।
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हो जाता है निमोनिया, डायरिया
आईएमए अध्यक्ष और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप वार्ष्णेय ने बताया कि खसरा होने के बाद बच्चों में निमोनिया, डायरिया भी हो जाता है। कुछ बच्चों में ब्रांकाइटिस के भी लक्षण दिखाई देते हैं। इससे बचाव के लिए 12 से 15 महीने के बीच बच्चे को खसरे का टीका लगवा देना चाहिए।
विशेष अभियान चलेगा
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि खसरे से बचाव के लिए टीकाकरण का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें पांच वर्ष तक के बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। बच्चों को खसरे से बचाने के लिए और भी उपाय किए जा रहे हैं।
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गाजियाबाद। खसरा एक बार फिर बच्चों के लिए खतरा बनकर आया है। चार महीने में 15 मरीज मिल चुके हैं। दो बच्चों को संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मीजल्स-रूबेला (एमआर) का नियमित टीकाकरण का चक्र टूट जाने से इस बीमारी के फैलने की आशंका बनी है। इस पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। लोनी, डासना, खोड़ा में विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गाजियाबाद समेत यूपी के 19 जिलों में खसरा फैलने की आशंका जाहिर की है।
संयुक्त जिला अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना सिंह ने बताया कि पिछले सप्ताह भाई-बहन को भर्ती किया गया था। पहले लड़के को खसरा हुआ, फिर लड़की को। कई साल बाद ऐसा है, जब खसरे के मरीज आ रहे हैं। खसरे के लक्षणों में बुखार का आना, सर्दी-जुकाम के साथ शरीर पर दाने या चकत्ते पड़ते हैं। अगर समय पर उपचार नहीं कराया गया तो दिमागी बुखार का भी खतरा हो सकता है जो जानलेवा है।
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान छह हजार बच्चों को विशेष टीकाकरण अभियान और इंद्रधनुष अभियान चलाकर टीका लगाया गया था। अब फिर से सर्वे कराकर मालूम किया जाएगा कि कितने बच्चों को खसरे का टीका नहीं लग पाया।
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हो जाता है निमोनिया, डायरिया
आईएमए अध्यक्ष और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप वार्ष्णेय ने बताया कि खसरा होने के बाद बच्चों में निमोनिया, डायरिया भी हो जाता है। कुछ बच्चों में ब्रांकाइटिस के भी लक्षण दिखाई देते हैं। इससे बचाव के लिए 12 से 15 महीने के बीच बच्चे को खसरे का टीका लगवा देना चाहिए।
विशेष अभियान चलेगा
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि खसरे से बचाव के लिए टीकाकरण का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें पांच वर्ष तक के बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। बच्चों को खसरे से बचाने के लिए और भी उपाय किए जा रहे हैं।