{"_id":"6387b39798e8aa75314dd4cf","slug":"ghaziabad-ghaziabad-news-gbd2485301120","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: लोन घोटाले में लक्ष्य तंवर के सहयोगी विशाल की जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: लोन घोटाले में लक्ष्य तंवर के सहयोगी विशाल की जमानत अर्जी खारिज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोन घोटाले में लक्ष्य तंवर के सहयोगी विशाल की जमानत अर्जी खारिज
गाजियाबाद। करोड़ों रुपये के बैंक लोन घोटाले में आरोपी लक्ष्य तंवर के सहयोगी विशाल गोयल की जमानत अर्जी जनपद न्यायाधीश ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि जमानत दिए जाने से साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद शर्मा ने बताया सतीश चंद्र गर्ग ने थाना कविनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सतीश ने पुलिस को बताया था कि वर्ष 2015 में लक्ष्य तंवर उसके पास विशाल गोयल को अपना दोस्त बता कर लेकर आया। बताया कि विशाल को व्यापार के लिए 50 लाख का लोन कराना है। इसके लिए पंजाब नेशनल बैंक चंदन नगर शाखा प्रबंधक रामनाथ मिश्रा से लोन की स्वीकृति के लिए बात हो चुकी है। गारंटी के तौर पर बैंक में किसी संपत्ति को बंधक रखने की आवश्यकता है। लक्ष्य ने कहा कि विशाल ने पिलखुवा में संपत्ति खरीदी है, जिसका करार हो चुका है। तीन-चार महीने में उसकी रजिस्ट्री हो जाएगी, इसके बाद बैंक में अपनी संपत्ति बंधक रख देगा। तब तक के लिए सतीश चंद्र गर्ग से कविनगर स्थित उनके मकान की रजिस्ट्री बैंक बंधक के लिए दे दें। सतीश ने लक्ष्य की बात मानकर मकान के दस्तावेज पंजाब नेशनल बैंक में बंधक रखने को दे दिया। उस समय लोन मैनेजर तारिक हसन ने सतीश गर्ग से कई कोरे कागज पर हस्ताक्षर भी करवाए। चार महीने बाद सतीश ने मकान के दस्तावेज बैंक से निकलवाने के लिए लक्ष्य और विशाल गोयल से कहाख् इस पर दोनों टालमटोल करने लगे। एक सितंबर 2017 को सतीश के पास बैंक से नोटिस आया, जिसमें दो करोड़ 75 हजार जमा करने के लिए कहा गया था। तब सतीश को पता चला कि बैंक अधिकारियों की मिली भगत से लक्ष्य तंवर और विशाल ने 50 लाख की जगह दो करोड़ 75 हजार का लोन करा लिया है।
विज्ञापन
गाजियाबाद। करोड़ों रुपये के बैंक लोन घोटाले में आरोपी लक्ष्य तंवर के सहयोगी विशाल गोयल की जमानत अर्जी जनपद न्यायाधीश ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि जमानत दिए जाने से साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद शर्मा ने बताया सतीश चंद्र गर्ग ने थाना कविनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सतीश ने पुलिस को बताया था कि वर्ष 2015 में लक्ष्य तंवर उसके पास विशाल गोयल को अपना दोस्त बता कर लेकर आया। बताया कि विशाल को व्यापार के लिए 50 लाख का लोन कराना है। इसके लिए पंजाब नेशनल बैंक चंदन नगर शाखा प्रबंधक रामनाथ मिश्रा से लोन की स्वीकृति के लिए बात हो चुकी है। गारंटी के तौर पर बैंक में किसी संपत्ति को बंधक रखने की आवश्यकता है। लक्ष्य ने कहा कि विशाल ने पिलखुवा में संपत्ति खरीदी है, जिसका करार हो चुका है। तीन-चार महीने में उसकी रजिस्ट्री हो जाएगी, इसके बाद बैंक में अपनी संपत्ति बंधक रख देगा। तब तक के लिए सतीश चंद्र गर्ग से कविनगर स्थित उनके मकान की रजिस्ट्री बैंक बंधक के लिए दे दें। सतीश ने लक्ष्य की बात मानकर मकान के दस्तावेज पंजाब नेशनल बैंक में बंधक रखने को दे दिया। उस समय लोन मैनेजर तारिक हसन ने सतीश गर्ग से कई कोरे कागज पर हस्ताक्षर भी करवाए। चार महीने बाद सतीश ने मकान के दस्तावेज बैंक से निकलवाने के लिए लक्ष्य और विशाल गोयल से कहाख् इस पर दोनों टालमटोल करने लगे। एक सितंबर 2017 को सतीश के पास बैंक से नोटिस आया, जिसमें दो करोड़ 75 हजार जमा करने के लिए कहा गया था। तब सतीश को पता चला कि बैंक अधिकारियों की मिली भगत से लक्ष्य तंवर और विशाल ने 50 लाख की जगह दो करोड़ 75 हजार का लोन करा लिया है।
विज्ञापन