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राहत : मेरठ और बुलंदशहर रूट पर बढ़ेंगी रोडवेज बसें
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राहत : मेरठ और बुलंदशहर रूट पर बढ़ेंगी रोडवेज बसें
गाजियाबाद। रोडवेज बसों से सफर करने वाले यात्रियों को स्टैंड पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। गाजियाबाद से मेरठ, बुलंदशहर और रीजन के अन्य रूटों पर बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। यूपी सरकार से प्रस्ताव पर मंजूरी मिलने के बाद परिवहन निगम ने प्राइवेट ऑपरेटर्स से अनुबंध के आधार पर बसें उपलब्ध कराने के लिए आवेदन मांगे हैं। एनसीआर क्षेत्र में परिवहन निगम सिर्फ सीएनजी बसें चलाएगा। डीजल बसों को अन्य रूटों पर चलाया जाएगा।
10 साल पूरे कर चुकी परिवहन निगम की डीजल बसें रूटों से हट जाने के बाद अधिकांश रूटों पर बसों की संख्या कम हो गई है। इन्हें पूरा करने के लिए यूपी सरकार ने अब 25 की बजाय 75 फीसदी बसें प्राइवेट ऑपरेटर्स से लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यानी अब रूटों पर चलाने के लिए प्राइवेट ऑपरेटर्स से बसें ली जाएंगी। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक एके सिंह ने बताया कि इन अनुबंधित बसों के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। 11 नवंबर तक ऑनलाइन माध्यम से बस ऑपरेटर आवेदन कर सकेंगे। उनका कहना है कि आवेदन के बाद बस मालिकों के साथ अनुबंध कर इन नई बसों को जल्द ही रूटों पर उतारा जाएगा।
एसी बसों को भी अनुबंध पर लेगा निगम
परिवहन निगम एसी बसों और शयनयान बसों को भी अनुबंध पर लेगा। इसके लिए डीजल बस मालिक भी आवेदन कर सकेंगे। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि एसी बसों के लिए अलग शर्तें तय की गई हैं।
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गाजियाबाद। रोडवेज बसों से सफर करने वाले यात्रियों को स्टैंड पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। गाजियाबाद से मेरठ, बुलंदशहर और रीजन के अन्य रूटों पर बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। यूपी सरकार से प्रस्ताव पर मंजूरी मिलने के बाद परिवहन निगम ने प्राइवेट ऑपरेटर्स से अनुबंध के आधार पर बसें उपलब्ध कराने के लिए आवेदन मांगे हैं। एनसीआर क्षेत्र में परिवहन निगम सिर्फ सीएनजी बसें चलाएगा। डीजल बसों को अन्य रूटों पर चलाया जाएगा।
10 साल पूरे कर चुकी परिवहन निगम की डीजल बसें रूटों से हट जाने के बाद अधिकांश रूटों पर बसों की संख्या कम हो गई है। इन्हें पूरा करने के लिए यूपी सरकार ने अब 25 की बजाय 75 फीसदी बसें प्राइवेट ऑपरेटर्स से लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यानी अब रूटों पर चलाने के लिए प्राइवेट ऑपरेटर्स से बसें ली जाएंगी। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक एके सिंह ने बताया कि इन अनुबंधित बसों के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। 11 नवंबर तक ऑनलाइन माध्यम से बस ऑपरेटर आवेदन कर सकेंगे। उनका कहना है कि आवेदन के बाद बस मालिकों के साथ अनुबंध कर इन नई बसों को जल्द ही रूटों पर उतारा जाएगा।
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एसी बसों को भी अनुबंध पर लेगा निगम
परिवहन निगम एसी बसों और शयनयान बसों को भी अनुबंध पर लेगा। इसके लिए डीजल बस मालिक भी आवेदन कर सकेंगे। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि एसी बसों के लिए अलग शर्तें तय की गई हैं।
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