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पासपोर्ट की लंबित 10500 फाइलों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू
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पासपोर्ट की लंबित 10500 फाइलों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू
गाजियाबाद। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने साल 2021 और 2022 की लंबित 10500 फाइलों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कार्यालय की ओर से 13 जनपदों के आवेदकों को पासपोर्ट आवेदन संबंधी त्रुटियों के समाधान के लिए छह माह का मौका दिया गया। पासपोर्ट लोक अदालत, शनिवार-रविवार को कार्यालय खोलकर किए गए कार्य में 6500 से अधिक फाइलों की कमियों को दूर किया गया।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में बची फाइलों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नवंबर माह के मध्य तक सभी लंबित फाइलों को सिलसिलेवार बंद कर दिया जाएगा। लंबित फाइलें क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से संबद्ध गाजियाबाद, आगरा, अलीगढ़, बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, हाथरस, मथुरा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़, शामली, सहारनपुर जनपद के आवेदकों की हैं।
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में सर्वाधिक 4100 फाइलें दस्तावेज की कमी से लटकी हुई हैं। इनमें आवेदकों के जन्मतिथि के लिए 10वीं सर्टिफिकेट व अन्य प्रमाणपत्र न लगाने, तत्काल पासपोर्ट में तीन फोटो आईडी न लगाने के मामले सर्वाधिक हैं। फिर पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट वितरीत आने से जुड़ी 2950 फाइलें हैं। इनमें वेरिफिकेशन के दौरान गैर मौजूदगी, दस्तावेज उपलब्ध न करा पाने, पुलिस या फिर कोर्ट की कार्रवाई संबंधी जानकारी नहीं देने संबंधी हैं। लंबित केस के मामलों में बगैर कोर्ट के आदेश के पासपोर्ट नहीं बनाया जाता है। ऐसे केस में फाइनल रिपोर्ट जरूरी है। बाकी 3460 फाइलें नाम पते की त्रुटियों, आईटी स्पष्ट न होने, आवेदन के वक्त एक्सपायर पासपोर्ट की जानकारी नहीं देने, पुराने आवेदन के बाद फिर से नया आवेदन करने के साथ अन्य कारणों से जुड़ी हुई हैं।
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लंबित फाइलों के समाधान के कई मौके दिए गए:
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी सुब्रतो हाजरा का कहना है कि लंबित फाइलों की त्रुटियों को दूर करने के लिए पासपोर्ट आवेदकों को कई मौके दिए गए। ऐसे में अब लंबित फाइलों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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गाजियाबाद। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने साल 2021 और 2022 की लंबित 10500 फाइलों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कार्यालय की ओर से 13 जनपदों के आवेदकों को पासपोर्ट आवेदन संबंधी त्रुटियों के समाधान के लिए छह माह का मौका दिया गया। पासपोर्ट लोक अदालत, शनिवार-रविवार को कार्यालय खोलकर किए गए कार्य में 6500 से अधिक फाइलों की कमियों को दूर किया गया।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में बची फाइलों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नवंबर माह के मध्य तक सभी लंबित फाइलों को सिलसिलेवार बंद कर दिया जाएगा। लंबित फाइलें क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से संबद्ध गाजियाबाद, आगरा, अलीगढ़, बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, हाथरस, मथुरा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़, शामली, सहारनपुर जनपद के आवेदकों की हैं।
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क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में सर्वाधिक 4100 फाइलें दस्तावेज की कमी से लटकी हुई हैं। इनमें आवेदकों के जन्मतिथि के लिए 10वीं सर्टिफिकेट व अन्य प्रमाणपत्र न लगाने, तत्काल पासपोर्ट में तीन फोटो आईडी न लगाने के मामले सर्वाधिक हैं। फिर पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट वितरीत आने से जुड़ी 2950 फाइलें हैं। इनमें वेरिफिकेशन के दौरान गैर मौजूदगी, दस्तावेज उपलब्ध न करा पाने, पुलिस या फिर कोर्ट की कार्रवाई संबंधी जानकारी नहीं देने संबंधी हैं। लंबित केस के मामलों में बगैर कोर्ट के आदेश के पासपोर्ट नहीं बनाया जाता है। ऐसे केस में फाइनल रिपोर्ट जरूरी है। बाकी 3460 फाइलें नाम पते की त्रुटियों, आईटी स्पष्ट न होने, आवेदन के वक्त एक्सपायर पासपोर्ट की जानकारी नहीं देने, पुराने आवेदन के बाद फिर से नया आवेदन करने के साथ अन्य कारणों से जुड़ी हुई हैं।
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लंबित फाइलों के समाधान के कई मौके दिए गए:
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी सुब्रतो हाजरा का कहना है कि लंबित फाइलों की त्रुटियों को दूर करने के लिए पासपोर्ट आवेदकों को कई मौके दिए गए। ऐसे में अब लंबित फाइलों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।