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नहीं शुरू हुआ मधुबन बापूधाम का आरओबी
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नहीं शुरू हुआ मधुबन बापूधाम का आरओबी
गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम आरओबी का काम अभी तक रेलवे ने शुरू नहीं किया है। जीडीए ने हाल ही में आठ करोड़ रुपये का भुगतान रेलवे को किया था, इसके बावजूद काम शुरू नहीं किया। जीडीए का कहना है कि रेलवे ने काम शुरू कराने के लिए टेंडर जारी करने की जल्द प्रक्रिया शुरू करेगा। 600 मीटर लंबा, 45 मीटर चौड़ा और 11 मीटर ऊंचा मधुबन बापूधाम आरओबी का निर्माण जुलाई 2018 में शुरू हुआ था। बजट के अभाव में तीन साल बाद भी बन नहीं पाया। अगर रेलवे अब निर्माण शुरू कर दे तो 2024 तक पूरा होने की संभावना है।
दिल्ली-मेरठ रोड से हापुड़ रोड को जोड़ने के लिए 63 करोड़ के प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी सेतु निगम और रेलवे को मिली है। रेलवे को दो किस्त के रूप में जीडीए 15 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है। सेतु निगम को 22 करोड़ भुगतान किया जा चुका है। रेलवे को कुल 27 करोड़ और सेतु निगम को 36 करोड़ का भुगतान किया जाना है।
रेलवे ने अंशदान देने से कर दिया है इनकार
जीडीए के मुख्य अभियंता राकेश कुमार गुप्ता का कहना है कि कोई भी रेलवे फाटक बंद होने पर कुछ अंश या आधा भुगतान रेलवे करता है। इसके लिए रेलवे के मुख्य अभियंता को पत्र लिखा गया है। वहीं रेलवे का कहना है कि रेलवे की नियमावली में है कि अगर किसी रेलवे फाटक पर 24 घंटे में एक लाख या उससे अधिक वाहन पास होते हैं, तब उसे बंद करने के लिए रेलवे बजट खर्च करता है। इसके लिए लिए सात दिन का अनुपात निकाला जाता है। मधुबन बापूधाम में 24 घंटे में 50 से 55 हजार वाहन ही गुजरते हैं। इसलिए इसमें रेलवे बजट नहीं खर्च करेगा
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60 हजार लोगों का 2024 तक बढ़ा इंतजार
चार लेन के आरओबी का निर्माण पूरा होने से आसपास क्षेत्र के 60 हजार से ज्यादा लोगों को प्रतिदिन फायदा मिलेगा। मेरठ रोड से राजनगर एक्सटेंशन चौराहे से हापुड़ चुंगी होकर हापुड़ जाने वाले वाहन चालकों की 14 किमी दूरी कम हो जाएगी। अधिकांश बड़े वाहन घूमकर ही हापुड़ की तरफ जाते हैं। इसके अलावा गोविंदपुरम, स्वर्णजयंतीपुरम, हरसांव, डासना क्षेत्र में आवागमन में लोगों को सहूलियत मिलेगी।
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गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम आरओबी का काम अभी तक रेलवे ने शुरू नहीं किया है। जीडीए ने हाल ही में आठ करोड़ रुपये का भुगतान रेलवे को किया था, इसके बावजूद काम शुरू नहीं किया। जीडीए का कहना है कि रेलवे ने काम शुरू कराने के लिए टेंडर जारी करने की जल्द प्रक्रिया शुरू करेगा। 600 मीटर लंबा, 45 मीटर चौड़ा और 11 मीटर ऊंचा मधुबन बापूधाम आरओबी का निर्माण जुलाई 2018 में शुरू हुआ था। बजट के अभाव में तीन साल बाद भी बन नहीं पाया। अगर रेलवे अब निर्माण शुरू कर दे तो 2024 तक पूरा होने की संभावना है।
दिल्ली-मेरठ रोड से हापुड़ रोड को जोड़ने के लिए 63 करोड़ के प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी सेतु निगम और रेलवे को मिली है। रेलवे को दो किस्त के रूप में जीडीए 15 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है। सेतु निगम को 22 करोड़ भुगतान किया जा चुका है। रेलवे को कुल 27 करोड़ और सेतु निगम को 36 करोड़ का भुगतान किया जाना है।
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रेलवे ने अंशदान देने से कर दिया है इनकार
जीडीए के मुख्य अभियंता राकेश कुमार गुप्ता का कहना है कि कोई भी रेलवे फाटक बंद होने पर कुछ अंश या आधा भुगतान रेलवे करता है। इसके लिए रेलवे के मुख्य अभियंता को पत्र लिखा गया है। वहीं रेलवे का कहना है कि रेलवे की नियमावली में है कि अगर किसी रेलवे फाटक पर 24 घंटे में एक लाख या उससे अधिक वाहन पास होते हैं, तब उसे बंद करने के लिए रेलवे बजट खर्च करता है। इसके लिए लिए सात दिन का अनुपात निकाला जाता है। मधुबन बापूधाम में 24 घंटे में 50 से 55 हजार वाहन ही गुजरते हैं। इसलिए इसमें रेलवे बजट नहीं खर्च करेगा
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60 हजार लोगों का 2024 तक बढ़ा इंतजार
चार लेन के आरओबी का निर्माण पूरा होने से आसपास क्षेत्र के 60 हजार से ज्यादा लोगों को प्रतिदिन फायदा मिलेगा। मेरठ रोड से राजनगर एक्सटेंशन चौराहे से हापुड़ चुंगी होकर हापुड़ जाने वाले वाहन चालकों की 14 किमी दूरी कम हो जाएगी। अधिकांश बड़े वाहन घूमकर ही हापुड़ की तरफ जाते हैं। इसके अलावा गोविंदपुरम, स्वर्णजयंतीपुरम, हरसांव, डासना क्षेत्र में आवागमन में लोगों को सहूलियत मिलेगी।