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चीन की झालरों से पटा बाजार, 50 फीसदी बढ़ी मांग
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चीन की झालरों से पटा बाजार, 50 फीसदी बढ़ी मांग
गाजियाबाद। दिवाली पर इलेक्ट्रिॉनिक बाजार चीन की झालरों और उससे जुड़े सजावटी सामानों से पटा हुआ है। कोरोना संक्रमण के दो साल बाद बाजार में इस बार रौनक आई है। बाजार में 100 फीसदी चीन की झालरें बिक रही हैं। इलेक्ट्रिकल फेडरेशन की मानें तो कारोबार घटने की जगह इस बार 50 फीसदी बढ़ गया है।
बाजार में सबसे ज्यादा मांग चीन की एलईडी झालरों की है। चाइनीज झालरें 50 रुपये से शुरू होकर लंबाई और क्वालिटी के आधार पर 600 रुपये तक मिल रही है। बड़े व्यापारियों की ओर से झालरों को सीधे चीन से आयात कराया गया है। त्योहार पास होते ही दुकानदारों ने झालरों के दोम दोगुना कर दिए हैं। सामान्य झालरों के साथ रोशनी से जुड़े आकर्षक सजावटी सामान की बड़ी वैरायटी बाजार में उपलब्ध है।
झालरों का कारोबार पूरी तरह से ऑफलाइन होने के कारण भी व्यापारियों के चेहरों पर रौनक है। चौपला स्थित इलेक्ट्रिॉनिक व्यापारी संदीप का कहना है कि चीन की झालरें हर वर्ग के बजट के मुफीद हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा मांग इनकी हैं।
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भारतीय झालरें पांच फीसदी भी नहीं
दिवाली पर चीन की झालरों का कारोबार कम होने की जगह बढ़ता जा रहा है। बाजार में भारतीय झालरें पांच फीसदी से भी कम संख्या में दिखाई दीं। भारतीय झालरों की क्वालिटी तो चीन की झालरों से बेहतर है लेकिन दाम ज्यादा हैं। भारतीय झालरों की शुरुआती रेंज 150 से शुरू होकर पांच सौ रुपये तक है।
100 करोड़ के कारोबार की उम्मीद
गाजियाबाद-नोएडा इलेक्ट्रॉनिक्स इलेक्ट्रिकल वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप कुमार गर्ग का कहना है कि इस बार इलेक्ट्रिॉनिक बाजार में दिवाली पर 100 करोड़ के कारोबार का अनुमान है। बाजार में झालरों में शत प्रतिशत माल चीन का है। ऑफलाइन कारोबार होने से व्यापारियों को कुछ राहत है।
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गाजियाबाद। दिवाली पर इलेक्ट्रिॉनिक बाजार चीन की झालरों और उससे जुड़े सजावटी सामानों से पटा हुआ है। कोरोना संक्रमण के दो साल बाद बाजार में इस बार रौनक आई है। बाजार में 100 फीसदी चीन की झालरें बिक रही हैं। इलेक्ट्रिकल फेडरेशन की मानें तो कारोबार घटने की जगह इस बार 50 फीसदी बढ़ गया है।
बाजार में सबसे ज्यादा मांग चीन की एलईडी झालरों की है। चाइनीज झालरें 50 रुपये से शुरू होकर लंबाई और क्वालिटी के आधार पर 600 रुपये तक मिल रही है। बड़े व्यापारियों की ओर से झालरों को सीधे चीन से आयात कराया गया है। त्योहार पास होते ही दुकानदारों ने झालरों के दोम दोगुना कर दिए हैं। सामान्य झालरों के साथ रोशनी से जुड़े आकर्षक सजावटी सामान की बड़ी वैरायटी बाजार में उपलब्ध है।
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झालरों का कारोबार पूरी तरह से ऑफलाइन होने के कारण भी व्यापारियों के चेहरों पर रौनक है। चौपला स्थित इलेक्ट्रिॉनिक व्यापारी संदीप का कहना है कि चीन की झालरें हर वर्ग के बजट के मुफीद हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा मांग इनकी हैं।
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भारतीय झालरें पांच फीसदी भी नहीं
दिवाली पर चीन की झालरों का कारोबार कम होने की जगह बढ़ता जा रहा है। बाजार में भारतीय झालरें पांच फीसदी से भी कम संख्या में दिखाई दीं। भारतीय झालरों की क्वालिटी तो चीन की झालरों से बेहतर है लेकिन दाम ज्यादा हैं। भारतीय झालरों की शुरुआती रेंज 150 से शुरू होकर पांच सौ रुपये तक है।
100 करोड़ के कारोबार की उम्मीद
गाजियाबाद-नोएडा इलेक्ट्रॉनिक्स इलेक्ट्रिकल वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप कुमार गर्ग का कहना है कि इस बार इलेक्ट्रिॉनिक बाजार में दिवाली पर 100 करोड़ के कारोबार का अनुमान है। बाजार में झालरों में शत प्रतिशत माल चीन का है। ऑफलाइन कारोबार होने से व्यापारियों को कुछ राहत है।