{"_id":"6351a3481b1ae6170630e84a","slug":"ghaziabad-ghaziabad-news-gbd2464486146","type":"story","status":"publish","title_hn":"जच्चा-बच्चा की मौत पर अस्पताल में हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जच्चा-बच्चा की मौत पर अस्पताल में हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जच्चा-बच्चा की मौत पर अस्पताल में हंगामा
गाजियाबाद। जच्चा-बच्चा की मौत पर संयुक्त जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार की सुबह परिजनों ने हंगामा किया। गर्भवती महिला को डासना से गंभीर हालत में रेफर किया गया था। चिकित्सकों का कहना है कि महिला अस्पताल में मृत लाई गई थी जबकि परिजनों का आरोप था कि चिकित्सकों की लापरवाही की वजह से मौत हुई है। पुलिस ने पहुंचकर मामले को शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया।
संयुक्त जिला अस्पताल में भूड़गढ़ी मसूरी की रहने वाले समीर की पत्नी शाहिदा को सुबह प्रसव पीड़ा हुई तो उसको पहले डासना सीएचसी ले जाया गया था। डासना से चिकित्सकों ने गंभीर बताकर संयुक्त जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। गर्भवती को 108 एंबुलेंस से इमरजेंसी में लाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया। सीएमएस डॉ. विनोद चंद्र पांडे ने बताया कि अस्पताल में महिला मृत अवस्था में पहुंची थी। वहीं 102-108 एंबुलेंस के क्षेत्रीय प्रबंधक जयविंदर सिंह का कहना है कि जब गर्भवती को अस्पताल लाया गया था तो वह जिंदा थी। इमरजेंसी में महिला को भर्ती कराया गया था। मौत की सूचना के बाद जब उसके परिजन पहुंचे तो उन्होंने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हंगामे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहा लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए मना कर दिया।
विज्ञापन
गाजियाबाद। जच्चा-बच्चा की मौत पर संयुक्त जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार की सुबह परिजनों ने हंगामा किया। गर्भवती महिला को डासना से गंभीर हालत में रेफर किया गया था। चिकित्सकों का कहना है कि महिला अस्पताल में मृत लाई गई थी जबकि परिजनों का आरोप था कि चिकित्सकों की लापरवाही की वजह से मौत हुई है। पुलिस ने पहुंचकर मामले को शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया।
संयुक्त जिला अस्पताल में भूड़गढ़ी मसूरी की रहने वाले समीर की पत्नी शाहिदा को सुबह प्रसव पीड़ा हुई तो उसको पहले डासना सीएचसी ले जाया गया था। डासना से चिकित्सकों ने गंभीर बताकर संयुक्त जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। गर्भवती को 108 एंबुलेंस से इमरजेंसी में लाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया। सीएमएस डॉ. विनोद चंद्र पांडे ने बताया कि अस्पताल में महिला मृत अवस्था में पहुंची थी। वहीं 102-108 एंबुलेंस के क्षेत्रीय प्रबंधक जयविंदर सिंह का कहना है कि जब गर्भवती को अस्पताल लाया गया था तो वह जिंदा थी। इमरजेंसी में महिला को भर्ती कराया गया था। मौत की सूचना के बाद जब उसके परिजन पहुंचे तो उन्होंने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हंगामे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहा लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए मना कर दिया।
विज्ञापन