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56 लाख का मकान हड़पने के लिए बनाई थी दरिंदगी की झूठी कहानी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 21 Oct 2022 12:55 AM IST
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56 लाख का मकान हड़पने के लिए बनाई थी दरिंदगी की झूठी कहानी
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गाजियाबाद। खुद को निर्भया जैसी दरिंदगी का शिकार बताने वाली नर्स के साथ ऐसी कोई वारदात नहीं हुई थी। उसने यह झूठी कहानी लगभग 56 लाख कीमत का मकान हड़पने के लिए रची थी। इसलिए, जिन पांच युवकों के साथ मकान पर विवाद चल रहा है, उन्हें ही नामजद कराया था। साजिश उन्हें जेल भिजवाकर मकान पर कब्जा करने की थी। इसका मास्टरमाइंड नर्स का करीबी दोस्त प्रॉपर्टी डीलर आजाद है। उसने अपने दो दोस्त गौरव और अफजाल की मदद से पूरा नाटक रचा। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को प्रपंच से पर्दा उठा दिया।
18 अक्तूबर को नर्स के भाई ने नंदग्राम थाने में शाहरुख, जावेद, औरंगजेब, दीनू और धौला के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नर्स ने भाई को बताया था कि पांचों ने उसे 16 की रात आश्रम रोड से स्कॉर्पियो गाड़ी में डालकर अगवा किया और दो दिन जंगल में रखकर दुष्कर्म किया। उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड डाल दी। 18 की सुबह जान से मारने के लिए उसे बोरी में बंद करके आश्रम रोड पर ही सड़क किनारे फेंक दिया।
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पुलिस ने सबसे पहले पांचों नामजद आरोपियों की लोकेशन चेक की तो पता चला कि वे गाजियाबाद में ही नहीं थे। इसके बाद नर्स की लोकेशन चेक की गई तो जानकारी मिली कि वह 16 की रात ही दिल्ली पहुंच गई थी और वहां से 18 की रात वापस आई। इससे पुलिस को यकीन हो गया कि सामूहिक दुष्कर्म की कहानी झूठी है। उसके साथ आजाद, गौरव और अफजाल की लोकेशन भी बदलती गई। पुलिस ने आजाद को पकड़कर पूछताछ की तो सच सामने आ गया। इसके बाद बाकी दोनों को पकड़ लिया गया। उन पर जालसाजी और सेवन क्रिमनल लॉ एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। उनसे वह अल्टो कार बरामद हुई जिसमें नर्स को दिल्ली से लाए थे और बोरी में बंद करके आश्रम रोड पर छोड़ा था। नर्स को फिलहाल आरोपी नहीं बनाया गया है। अस्पताल से छुट्टी मिल जाने पर उससे पूछताछ होगी।
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सरकार पर दबाव बनाना भी था साजिश का हिस्सा
आजाद की साजिश का हिस्सा यूपी सरकार पर इतना दबाव बना देना था कि वह तुरंत कड़ी कार्रवाई के लिए मजबूर हो जाए और पांचों आरोपियों को जेल भेज दे। उसने दिल्ली के एक युवक को पेटीएम से इसके लिए भुगतान भी किया था। उससे कहा था कि वह घटना के बारे में वीडियो बनाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को भेजे। इसीलिए, इस कहानी में प्राइवेट पार्ट में लोहे की रॉड डाले जाने की बात जोड़ी गई। आजाद ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसे लगा था कि निर्भया कांड जैसा मामला सुनते ही लोग हंगामा कर देंगे और साजिश कामयाब हो जाएगी। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने घटना को सही मानकर एसएसपी को नोटिस जारी किया तो लगा कि उसका तीर निशाने पर लगा है।
तीसरी बार रची गई साजिश
आईजी रेंज प्रवीण कुमार ने बताया कि आजाद, गौरव और अफजाल ने इससे पहले दिल्ली में दो बार उन युवकों पर फर्जी केस दर्ज कराने की साजिश रची थी जिनसे नर्स का संपत्ति विवाद है। दोनों बार कामयाबी नहीं मिली। इस पर गाजियाबाद में केस दर्ज कराने की साजिश रची गई। तीनों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
झूठी कहानी के तीन किरदार
आजाद
दिल्ली के कबीरनगर का है। प्रॉपर्टी डीलर है। साहिबाबाद में लूट, मुरादनगर में जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट के केस दर्ज हैं। पति से 12 साल से अलग रह रही नर्स से पांच साल से दोस्ती है। नर्स कबीरनगर क्षेत्र में ही रहती है।

गौरव
नोएडा के बादलपुर का निवासी है। गाजियाबाद में विजय नगर में फोटोग्राफी का काम करता है। आजाद का दोस्त है। उसके कहने पर साजिश में शामिल हुआ। उसे आजाद ने पैसे देने का लालच दिया था।
अफजाल
गाजियाबाद के इस्लामनगर, कैला भठ्ठा का निवासी है। नाली, खड़ंजे बनवाने के ठेके लेता है। आजाद से पुरानी दोस्ती है। उसके कहने पर ही साजिश का हिस्सा बना।
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