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एक ही दिन मनेगी छोटी और बड़ी दिवाली
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एक ही दिन मनेगी छोटी और बड़ी दिवाली
गाजियाबाद। इस बार छोटी और बड़ी दिवाली एक ही दिन पड़ रही है। 24 अक्तूबर सोमवार को दिवाली मनाई जाएगी। धनतेरस हर वर्ष कार्तिक कृष्णपक्ष के त्रयोदशी को मनाई जाती है। इस बार त्रयोदशी तिथि 22 और 23 अक्तूबर दोनों दिन पड़ रही है। पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि 22 अक्तूबर को द्वादशी शाम 6:02 बजे तक रहेगी जबकि सूर्यास्त शाम 5:41 पर हो जाएगा। सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक द्वादशी तिथि ही रहेगी इसलिए द्वादशी तिथि में धनतेरस या प्रदोष व्रत नहीं हो सकता। इसलिए धनतेरस 23 अक्तूबर को मनाई जाएगी।
शाम को डेढ़ घंटे के लिए राहु काल, पूरा दिन खरीदारी के लिए शुभ
धनतेरस रविवार को है। इस बार धनतेरस पर खरीदारी के लिए सुबह से ही शुभ मुहूर्त रहेंगे। इस दिन धनवंतरी जयंती भी मनाई जाती है। शाम 4:30 बजे से लेकर शाम 06:00 बजे तक राहु काल रहेगा। राहु काल को छोड़कर पूरा दिन खरीदारी के लिए शुभ रहेगा। पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि शाम को लाभ और अमृत के चौघड़िया में धातुओं से बनी वस्तुओं की खरीदना अति शुभ माना जाता है। शास्त्रों में वर्णित है कि धातुओं की बनी वस्तुओं में लक्ष्मी का निवास होता है। वाहन, लक्ष्मी जी की प्रसन्न करने के लिए चांदी के सिक्के, आभूषण, बर्तन, लक्ष्मी कुबेर यंत्र आदि भी खरीदारी, नए कार्य या व्यापार का आरंभ करना शुभ होगा।
धनतेरस के दिन खरीदारी का शुभ मुहूर्त
सुबह 8:21 से 10:39 -- वृश्चिक लग्न (स्थिर लग्न)
सुबह 11:36 बजे से लेकर 12:24 तक अभिजीत मुहूर्त
शाम 6:54 बजे से 11:00 बजे तक वृषभ और मिथुन लग्न भी शुभ रहेगा।
दिवाली पूजन 24 अक्तूबर को
दिवाली इस बार 24 अक्तूबर को मनाई जाएगी। घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में मुहूर्त के अनुसार लक्ष्मी पूजन होगा।
व्यापारिक संस्थानों के लिए लक्ष्मी पूजन मुहूर्त
सुबह 10:35 से 12:38 बजे तक धनु लग्न (शनि स्वराशि में होंगे जो धन धान्य और सुखदायक रहेंगे।
दोपहर 12:38 बजे से 02:21 बजे तक मकर लग्न (महालक्ष्मी पूजन के लिए शुभ )
दोपहर 02: 21 बजे से 03:49 बजे तक स्थिर लग्न, लाभ का चौघड़िया
दोपहर 3:49 बजे से 05:14 बजे तक मीन लग्न श्रेष्ठ मुहूर्त
घरों में महालक्ष्मी पूजन के मुहूर्त
प्रदोष बेला में मेष लग्न 05:14 से 06:50 बजे तक रहेगा, जो घरों में महालक्ष्मी और दीपावली पूजन के लिए उत्तम है। रात 06:50 बजे से 08: 46 बजे तक वृषभ लग्न (स्थिर लग्न) रहेगा। रात 08:46 बजे से 10:59 बजे तक मिथुन लग्न है।
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27 वर्ष बाद दिवाली के एक दिन बाद पड़ रहा सूर्यग्रहण
25 अक्टूबर दिन मंगलवार को सूर्य ग्रहण पड़ रहा है, जो भारत में दिखाई देगा। दिवाली के एक दिन बाद अन्नकूट के दिन 27 वर्ष बाद सूर्यग्रहण पड़ रहा है। शिवकुमार शर्मा ने बताया कि इससे पहले वर्ष 1995 में दिवाली के एक दिन बाद सूर्यग्रहण पड़ा था। यह सूर्य ग्रहण दोपहर 02:39 से आरंभ होगा और शाम 6:30 बजे तक रहेगा। इसके लिए सूतक सुबह 4:29 से आरंभ हो जाएगा। इसलिए सभी मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। इस दिन अन्नकूट के सभी कार्यक्रम टाल दिए गए हैं। ठाकुरद्वारा मंदिर समिति के मंत्री दिनेश कुमार गोयल ने बताया कि गोवर्धन उत्सव 26 अक्तूबर को मनाया जाएगा क्योंकि ठाकुर जी का भोग अन्नकूट सूतक काल में तैयार नहीं हो सकता अथवा बन नहीं सकता और शाम को ग्रहण के समय गोवर्धन की पूजा नहीं हो सकती इसलिए शास्त्रीय गणना के अनुसार भी 26 तारीख को कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा ही है। इसलिए उस दिन भोग लगेगा।
26 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा होगी और 27 अक्तूबर को भैया दूज का उत्सव मनाया जाएगा।
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गाजियाबाद। इस बार छोटी और बड़ी दिवाली एक ही दिन पड़ रही है। 24 अक्तूबर सोमवार को दिवाली मनाई जाएगी। धनतेरस हर वर्ष कार्तिक कृष्णपक्ष के त्रयोदशी को मनाई जाती है। इस बार त्रयोदशी तिथि 22 और 23 अक्तूबर दोनों दिन पड़ रही है। पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि 22 अक्तूबर को द्वादशी शाम 6:02 बजे तक रहेगी जबकि सूर्यास्त शाम 5:41 पर हो जाएगा। सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक द्वादशी तिथि ही रहेगी इसलिए द्वादशी तिथि में धनतेरस या प्रदोष व्रत नहीं हो सकता। इसलिए धनतेरस 23 अक्तूबर को मनाई जाएगी।
शाम को डेढ़ घंटे के लिए राहु काल, पूरा दिन खरीदारी के लिए शुभ
धनतेरस रविवार को है। इस बार धनतेरस पर खरीदारी के लिए सुबह से ही शुभ मुहूर्त रहेंगे। इस दिन धनवंतरी जयंती भी मनाई जाती है। शाम 4:30 बजे से लेकर शाम 06:00 बजे तक राहु काल रहेगा। राहु काल को छोड़कर पूरा दिन खरीदारी के लिए शुभ रहेगा। पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि शाम को लाभ और अमृत के चौघड़िया में धातुओं से बनी वस्तुओं की खरीदना अति शुभ माना जाता है। शास्त्रों में वर्णित है कि धातुओं की बनी वस्तुओं में लक्ष्मी का निवास होता है। वाहन, लक्ष्मी जी की प्रसन्न करने के लिए चांदी के सिक्के, आभूषण, बर्तन, लक्ष्मी कुबेर यंत्र आदि भी खरीदारी, नए कार्य या व्यापार का आरंभ करना शुभ होगा।
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धनतेरस के दिन खरीदारी का शुभ मुहूर्त
सुबह 8:21 से 10:39 -- वृश्चिक लग्न (स्थिर लग्न)
सुबह 11:36 बजे से लेकर 12:24 तक अभिजीत मुहूर्त
शाम 6:54 बजे से 11:00 बजे तक वृषभ और मिथुन लग्न भी शुभ रहेगा।
दिवाली पूजन 24 अक्तूबर को
दिवाली इस बार 24 अक्तूबर को मनाई जाएगी। घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में मुहूर्त के अनुसार लक्ष्मी पूजन होगा।
व्यापारिक संस्थानों के लिए लक्ष्मी पूजन मुहूर्त
सुबह 10:35 से 12:38 बजे तक धनु लग्न (शनि स्वराशि में होंगे जो धन धान्य और सुखदायक रहेंगे।
दोपहर 12:38 बजे से 02:21 बजे तक मकर लग्न (महालक्ष्मी पूजन के लिए शुभ )
दोपहर 02: 21 बजे से 03:49 बजे तक स्थिर लग्न, लाभ का चौघड़िया
दोपहर 3:49 बजे से 05:14 बजे तक मीन लग्न श्रेष्ठ मुहूर्त
घरों में महालक्ष्मी पूजन के मुहूर्त
प्रदोष बेला में मेष लग्न 05:14 से 06:50 बजे तक रहेगा, जो घरों में महालक्ष्मी और दीपावली पूजन के लिए उत्तम है। रात 06:50 बजे से 08: 46 बजे तक वृषभ लग्न (स्थिर लग्न) रहेगा। रात 08:46 बजे से 10:59 बजे तक मिथुन लग्न है।
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27 वर्ष बाद दिवाली के एक दिन बाद पड़ रहा सूर्यग्रहण
25 अक्टूबर दिन मंगलवार को सूर्य ग्रहण पड़ रहा है, जो भारत में दिखाई देगा। दिवाली के एक दिन बाद अन्नकूट के दिन 27 वर्ष बाद सूर्यग्रहण पड़ रहा है। शिवकुमार शर्मा ने बताया कि इससे पहले वर्ष 1995 में दिवाली के एक दिन बाद सूर्यग्रहण पड़ा था। यह सूर्य ग्रहण दोपहर 02:39 से आरंभ होगा और शाम 6:30 बजे तक रहेगा। इसके लिए सूतक सुबह 4:29 से आरंभ हो जाएगा। इसलिए सभी मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। इस दिन अन्नकूट के सभी कार्यक्रम टाल दिए गए हैं। ठाकुरद्वारा मंदिर समिति के मंत्री दिनेश कुमार गोयल ने बताया कि गोवर्धन उत्सव 26 अक्तूबर को मनाया जाएगा क्योंकि ठाकुर जी का भोग अन्नकूट सूतक काल में तैयार नहीं हो सकता अथवा बन नहीं सकता और शाम को ग्रहण के समय गोवर्धन की पूजा नहीं हो सकती इसलिए शास्त्रीय गणना के अनुसार भी 26 तारीख को कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा ही है। इसलिए उस दिन भोग लगेगा।
26 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा होगी और 27 अक्तूबर को भैया दूज का उत्सव मनाया जाएगा।