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सामूहिक दुष्कर्म मामले में गवाही के लिए नहीं पेश हुआ पीड़िता का पति, वारंट
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सामूहिक दुष्कर्म मामले में गवाही के लिए नहीं पेश हुआ पीड़िता का पति, वारंट
गाजियाबाद। लोनी में चार साल पहले महिला से हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में गवाही के लिए उपस्थित नहीं होने पर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने महिला के पति के खिलाफ वारंट जारी किया है। दो बार सुनवाई के दौरान पति अदालत में उपस्थित नहीं हुआ था, मंगलवार को अदालत ने वारंट जारी कर दिया। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 31 नवंबर की तारीख लगाई है।
पूर्व सचिव परविंदर नागर ने बताया कि एक महिला ने वर्ष 2019 में इंद्रजीत नाम के व्यक्ति के खिलाफ लोनी में दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला का आरोप था कि इंद्रजीत को पूर्व चेयरमैन मनोज धामा का संरक्षण प्राप्त है। पीड़िता फरवरी 2019 में आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी लेने के लिए सीओ व एसएचओ के पास गई थी। इसकी भनक लगने पर पूर्व चेयरमैन मनोज धामा, शोभित मलिक, दीपक धामा, सत्येंद्र चौहान, विकास पवार और राहुल धामा उसी दिन महिला के घर जा पहुंचे। आरोप है कि वहां मनोज धामा, शोभित मलिक और दीपक धामा ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर मनोज धामा समेत छह लोगों के खिलाफ लोनी बॉर्डर थाने में सामूहिक दुष्कर्म व अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था। एसएसपी ने मामले की जांच महिला थाने को सौंपी थी। अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी, जिसे कोर्ट ने निरस्त कर दिया था। इसके बाद कोर्ट ने पीड़िता को बयान के लिए बुलाकर आरोपियों के खिलाफ परिवाद दर्ज कर लिया था।
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गाजियाबाद। लोनी में चार साल पहले महिला से हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में गवाही के लिए उपस्थित नहीं होने पर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने महिला के पति के खिलाफ वारंट जारी किया है। दो बार सुनवाई के दौरान पति अदालत में उपस्थित नहीं हुआ था, मंगलवार को अदालत ने वारंट जारी कर दिया। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 31 नवंबर की तारीख लगाई है।
पूर्व सचिव परविंदर नागर ने बताया कि एक महिला ने वर्ष 2019 में इंद्रजीत नाम के व्यक्ति के खिलाफ लोनी में दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला का आरोप था कि इंद्रजीत को पूर्व चेयरमैन मनोज धामा का संरक्षण प्राप्त है। पीड़िता फरवरी 2019 में आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी लेने के लिए सीओ व एसएचओ के पास गई थी। इसकी भनक लगने पर पूर्व चेयरमैन मनोज धामा, शोभित मलिक, दीपक धामा, सत्येंद्र चौहान, विकास पवार और राहुल धामा उसी दिन महिला के घर जा पहुंचे। आरोप है कि वहां मनोज धामा, शोभित मलिक और दीपक धामा ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर मनोज धामा समेत छह लोगों के खिलाफ लोनी बॉर्डर थाने में सामूहिक दुष्कर्म व अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था। एसएसपी ने मामले की जांच महिला थाने को सौंपी थी। अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी, जिसे कोर्ट ने निरस्त कर दिया था। इसके बाद कोर्ट ने पीड़िता को बयान के लिए बुलाकर आरोपियों के खिलाफ परिवाद दर्ज कर लिया था।
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