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लोनी विधायक के रिश्तेदार ने घर में घुसे युवक पर चलाईं गोलियां... मौके पर मौत
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लोनी विधायक के रिश्तेदार ने घर में घुसे युवक पर चलाईं गोलियां... मौके पर मौत
साहिबाबाद। कस्बा टीला मोड़ में लोनी के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के ममेरे साले योगेंद्र मावी ने शुक्रवार सुबह करीब साढ़े चार बजे घर में घुसे 25 साल के युवक पर तीन गोलियां चला दीं। दो गोली लगने से उसकी मौके पर मौत हो गई। उसकी पहचान नहीं हो सकी है। योगेंद्र मावी का दावा है कि वह गिरोह के पांच बदमाशों के साथ वारदात के इरादे से घुसा था। बदमाशों ने भी गोली चलाई। जवाबी फायरिंग में उसकी जान गई है। पुलिस ने इसकी रिपोर्ट दर्ज कर ली है। साथ ही पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि गोली वास्तव में आत्मरक्षा में चलाई गई या नहीं।
योगेंद्र मावी कृष्णा विहार में प्रापर्टी डीलर हैं। उनके बड़े भाई धर्म मावी, ऋषि मावी के साथ परिवार के अन्य लोग रहते हैं। कोठी के बराबर में उनके भाई रिटायर्ड दरोगा ऋषि मावी की पांच दुकानें हैं जबकि पीछे की तरफ खाली प्लॉट है। योगेंद्र मावी ने बताया कि छह बदमाश दुकानों के पीछे से छत पर चढ़े और फिर बांस लगाकर बालकनी में जाने का प्रयास करने लगे। सुबह करीब 4:30 बजे उनका 19 वर्षीय बेटा केशव पानी पीने के लिए उठा था। उसने बदमाश को देखकर तुरंत उन्हें बताया। एक बदमाश बालकनी में पहुंच चुका था। वह बेटे के कमरे से निकलकर बालकनी में पहुंचे और अपनी लाइसेंसी पिस्टल से तीन राउंड फायरिंग की। दो गोली बदमाश के सिर और कमर में लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अन्य बदमाश हवा में फायरिंग करते हुए फरार हो गए। गोली लगने से मरा युवक सिर्फ कच्छा पहने हुआ था। उसकी शर्ट रिटायर्ड दरोगा के खाली प्लॉट में पड़ी मिली। योगेंद्र मावी ने बदमाशों को कच्छा बनियान गिरोह का बताया है। उनका कहना है कि बदमाशों के फायरिंग करने के बाद उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई। मावी ने इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई है।
दिल्ली का है लाइसेंस : योगेंद्र मावी का परिवार मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला है। कोरोना काल में टीला मोड़ में शिफ्ट हुआ है। उनकी पिस्टल का लाइसेंस भी दिल्ली का है।
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बदमाशों के गोली चलाने के साक्ष्य नहीं
पुलिस को मौके पर तीन खोखे बरामद हुए हैं। योगेंद्र मावी ने तीन ही गोलियां चलाई थीं। उन्होंने यही पुलिस को बताया भी है। अब सवाल है कि अगर बदमाशों ने गोली चलाई तो खोखे कहां गए? पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछा है कि कुल कितनी गोली चलने की आवाज आई? हालांकि, ज्यादातर लोगों ने कहा कि वे सो रहे थे, गिनती नहीं की।
दो मिनट बाद ही दी मौत होने की सूचना
योगेंद्र मावी के घर से पुलिस को पहले बदमाश घुस जाने की सूचना दी गई। इसके दो मिनट बाद ही कंट्रोल रूम पर बताया गया कि आत्मरक्षा में चली गोली में एक बदमाश की मौत हो गई है। सवाल यह उठ रहा है कि दो मिनट के भीतर ही पूरा घटनाक्रम कैसे हो गया। पुलिस ने योगेंद्र मावी के परिवार के सभी सदस्यों से इस बारे में अलग-अलग बात की है। सभी के बयान दर्ज किए गए हैं। इनका मिलान किया जाएगा।
कंट्रोल रूम पर सुबह पुलिस को पहले सूचना दी गई कि बदमाश घर में घुस गए हैं। इसके दो मिनट बाद ही सूचना दी कि एक बदमाश जवाबी फायरिंग में मारा गया। सवाल यह उठ रहा है कि दो मिनट के भीतर ही पूरा घटनाक्रम कैसे हो गया? फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।
उलझी हुई है गुत्थी
1. पुलिस को बताया गया कि रिटायर्ड दरोगा की दुकानों की छत से बदमाशों ने कोठी में जाने के लिए बांस लगाया था। पुलिस का कहना है कि बांस के सहारे बदमाश चढ़ते तो इस पर घिसटने के निशान होते, ये नहीं मिले हैं।
2. पुलिस को बताया गया कि बदमाश हवाई फायरिंग करते हुए भागे, लेकिन इसका कोई साक्ष्य मौके पर नहीं मिला है। कोठी, दुकान और प्लॉट में पुलिस ने छानबीन की, कोई खोखा नहीं मिला।
3. पुलिस को जानकारी दी गई कि एक बदमाश कंटीले तारों से होकर भागा है। तार टूटे हुए नहीं है। ऐसे में बदमाश को तार से घाव हो जाना चाहिए था लेकिन मौके पर खून नहीं पड़ा था।
4. गुत्थी सुलझाने के लिए सर्विलांस टीम को लगाया गया है। अगर बदमाश आए होंगे और उनके पास मोबाइल होंगे तो इसका साक्ष्य मिल सकता है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी जा रही है।
जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
एसएसपी मुनिराज जी. का कहना है कि घर में घुसे एक युवक की गोली लगने से मौत हुई है। घर में लूट जैसी कोई घटना नहीं हुई। इस मामले में जांच पूरी हो जाने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह से साफ हो सकेगी।
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साहिबाबाद। कस्बा टीला मोड़ में लोनी के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के ममेरे साले योगेंद्र मावी ने शुक्रवार सुबह करीब साढ़े चार बजे घर में घुसे 25 साल के युवक पर तीन गोलियां चला दीं। दो गोली लगने से उसकी मौके पर मौत हो गई। उसकी पहचान नहीं हो सकी है। योगेंद्र मावी का दावा है कि वह गिरोह के पांच बदमाशों के साथ वारदात के इरादे से घुसा था। बदमाशों ने भी गोली चलाई। जवाबी फायरिंग में उसकी जान गई है। पुलिस ने इसकी रिपोर्ट दर्ज कर ली है। साथ ही पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि गोली वास्तव में आत्मरक्षा में चलाई गई या नहीं।
योगेंद्र मावी कृष्णा विहार में प्रापर्टी डीलर हैं। उनके बड़े भाई धर्म मावी, ऋषि मावी के साथ परिवार के अन्य लोग रहते हैं। कोठी के बराबर में उनके भाई रिटायर्ड दरोगा ऋषि मावी की पांच दुकानें हैं जबकि पीछे की तरफ खाली प्लॉट है। योगेंद्र मावी ने बताया कि छह बदमाश दुकानों के पीछे से छत पर चढ़े और फिर बांस लगाकर बालकनी में जाने का प्रयास करने लगे। सुबह करीब 4:30 बजे उनका 19 वर्षीय बेटा केशव पानी पीने के लिए उठा था। उसने बदमाश को देखकर तुरंत उन्हें बताया। एक बदमाश बालकनी में पहुंच चुका था। वह बेटे के कमरे से निकलकर बालकनी में पहुंचे और अपनी लाइसेंसी पिस्टल से तीन राउंड फायरिंग की। दो गोली बदमाश के सिर और कमर में लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अन्य बदमाश हवा में फायरिंग करते हुए फरार हो गए। गोली लगने से मरा युवक सिर्फ कच्छा पहने हुआ था। उसकी शर्ट रिटायर्ड दरोगा के खाली प्लॉट में पड़ी मिली। योगेंद्र मावी ने बदमाशों को कच्छा बनियान गिरोह का बताया है। उनका कहना है कि बदमाशों के फायरिंग करने के बाद उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई। मावी ने इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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दिल्ली का है लाइसेंस : योगेंद्र मावी का परिवार मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला है। कोरोना काल में टीला मोड़ में शिफ्ट हुआ है। उनकी पिस्टल का लाइसेंस भी दिल्ली का है।
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बदमाशों के गोली चलाने के साक्ष्य नहीं
पुलिस को मौके पर तीन खोखे बरामद हुए हैं। योगेंद्र मावी ने तीन ही गोलियां चलाई थीं। उन्होंने यही पुलिस को बताया भी है। अब सवाल है कि अगर बदमाशों ने गोली चलाई तो खोखे कहां गए? पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछा है कि कुल कितनी गोली चलने की आवाज आई? हालांकि, ज्यादातर लोगों ने कहा कि वे सो रहे थे, गिनती नहीं की।
दो मिनट बाद ही दी मौत होने की सूचना
योगेंद्र मावी के घर से पुलिस को पहले बदमाश घुस जाने की सूचना दी गई। इसके दो मिनट बाद ही कंट्रोल रूम पर बताया गया कि आत्मरक्षा में चली गोली में एक बदमाश की मौत हो गई है। सवाल यह उठ रहा है कि दो मिनट के भीतर ही पूरा घटनाक्रम कैसे हो गया। पुलिस ने योगेंद्र मावी के परिवार के सभी सदस्यों से इस बारे में अलग-अलग बात की है। सभी के बयान दर्ज किए गए हैं। इनका मिलान किया जाएगा।
कंट्रोल रूम पर सुबह पुलिस को पहले सूचना दी गई कि बदमाश घर में घुस गए हैं। इसके दो मिनट बाद ही सूचना दी कि एक बदमाश जवाबी फायरिंग में मारा गया। सवाल यह उठ रहा है कि दो मिनट के भीतर ही पूरा घटनाक्रम कैसे हो गया? फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।
उलझी हुई है गुत्थी
1. पुलिस को बताया गया कि रिटायर्ड दरोगा की दुकानों की छत से बदमाशों ने कोठी में जाने के लिए बांस लगाया था। पुलिस का कहना है कि बांस के सहारे बदमाश चढ़ते तो इस पर घिसटने के निशान होते, ये नहीं मिले हैं।
2. पुलिस को बताया गया कि बदमाश हवाई फायरिंग करते हुए भागे, लेकिन इसका कोई साक्ष्य मौके पर नहीं मिला है। कोठी, दुकान और प्लॉट में पुलिस ने छानबीन की, कोई खोखा नहीं मिला।
3. पुलिस को जानकारी दी गई कि एक बदमाश कंटीले तारों से होकर भागा है। तार टूटे हुए नहीं है। ऐसे में बदमाश को तार से घाव हो जाना चाहिए था लेकिन मौके पर खून नहीं पड़ा था।
4. गुत्थी सुलझाने के लिए सर्विलांस टीम को लगाया गया है। अगर बदमाश आए होंगे और उनके पास मोबाइल होंगे तो इसका साक्ष्य मिल सकता है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी जा रही है।
जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
एसएसपी मुनिराज जी. का कहना है कि घर में घुसे एक युवक की गोली लगने से मौत हुई है। घर में लूट जैसी कोई घटना नहीं हुई। इस मामले में जांच पूरी हो जाने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह से साफ हो सकेगी।