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पैचवर्क की कलई खुली, बारिश में और गहरे हो गए गड्ढे
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पैचवर्क की कलई खुली, बारिश में और गहरे हो गए गड्ढे
गाजियाबाद। चार दिन की बारिश ने नगर निगम, जीडीए और लोक निर्माण विभाग द्वारा शहर की सड़कों पर कराए गए पैचवर्क की कलई खोलकर रख दी है। कांवड़ यात्रा के समय सभी विभागों के अफसरों ने दावा किया कि जहां-जहां सड़कों पर गड्ढे थे, उनका पांच करोड़ की लागत से मजबूत पैचवर्क कराया था। अब चार दिन बारिश हुई तो गड्ढों की गिट्टियां बाहर आ गईं। छह इंच से एक फुट तक गहरे गड्ढे हो गए। ये गड्ढे राहगीरों के लिए आफत बने हुए हैं। हालात यह है कि हर दस मीटर पर गड्ढा है।
नगर निगम के निर्माण विभाग की ओर से टूटी सड़कों का सर्वे कराया गया है। इसमें शहर की 407 मुख्य मार्गों पर करीब 68 किलोमीटर में 1200 गड्ढे हो चुके हैं। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की बात करें तो उनके पास 45 किलोमीटर सड़कें ऐसी हैं, जिनमें करीब 200 गड्ढे हो चुके हैं। लोक निर्माण विभाग की जिले में करीब 450 किलोमीटर सड़कें हैं। इनमें मेरठ तिराहा से मोदीनगर तक, डासना, मोदीनगर, लोनी की सड़कों में 300 गड्ढे हो चुके हैं।
कराया जा रहा है सर्वे
जीडीए के मुख्य अभियंता राकेश कुमार गुप्ता का कहना है कि सर्वे कराया जा रहा है। इसी महीने पैचवर्क का काम शुरू कर दिया जाएगा।
जलभराव से टूटी सड़कें
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता विमल शर्मा का कहना है कि इन सड़कों के गड्ढों को भरने का काम दो साल पहले कराया गया था। जलभराव की वजह से सड़कें टूट रहीं हैं।
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95 लाख की मशीन से होगा पैचवर्क
नगर निगम के मुख्य अभियंता एनके चौधरी ने बताया कि सड़कों के गड्ढों को भरने के लिए 95 लाख की लागत से मशीन खरीदी है। इसी हफ्ते काम शुरू करा दिया जाएगा। 15 नवंबर तक काम पूरा कर लिया जाएगा।
नगर निगम : 68 किलोमीटर में 1200 गड्ढे
जीडीए : 45 किलोमीटर में 200
लोनिवि : 450 किलोमीटर में 300
यहां यहां हैं गड्ढे
मधुबन बापूधाम, गोविंदपुरम, जीटी रोड, मेरठ तिराहा से मोदीनगर तक, डासना, साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र, राजेंद्र नगर इंडस्ट्रियल एरिया, लाइनपार प्रताप विहार, बीएस रोड इंडस्ट्रियल रोड, लोनी, सिद्धार्थ विहार, लालकुआं, नेहरू नगर, कालकागढ़ी पत्थर मार्केट के सामने। वसुंधरा सेक्टर एक, दो, वसुंधरा ग्रीन बेल्ट सेक्टर-पांच, गौशाला अंडरपास
जलभराव होने पर होगी कार्रवाई : नगर आयुक्त
चार दिन की बारिश ने नाला सफाई का आइना नगर निगम को दिखा दिया है। नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ अधिकारियों की टीम के साथ जलभराव वाले स्थानों का जायजा लिया। जलभराव के कारणों के बारे में अधिकारियों से पूछताछ की और जल्द से जल्द समस्या का निराकरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि दोबारा यह समस्या होती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
15 स्थानों पर लगाए गए हैं पंप
महाप्रबंधक जलकल आनंद त्रिपाठी ने बताया कि शहर में करीब 15 स्थानों पर बारिश में जलभराव की समस्या होती है। ऐसे सभी स्थानों पर कर्मचारियों को पंपिंग सेट के साथ तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा सभी जोन में सुपर साकर मशीन की व्यवस्था की गई है। रात में भी कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है।
28 स्ट्रीट लाइटें हुईं खराब
चार दिनों में 28 लाइटें खराब हो गई हैं। 11 लाइटें कविनगर जोन में खराब हुई हैं। नगर निगम के पथ प्रकाश विभाग के नोडल अधिकारी योगेंद्र यादव ने बताया कि बारिश बंद होने के बाद लाइटें ठीक कराई जा रही हैं।
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गाजियाबाद। चार दिन की बारिश ने नगर निगम, जीडीए और लोक निर्माण विभाग द्वारा शहर की सड़कों पर कराए गए पैचवर्क की कलई खोलकर रख दी है। कांवड़ यात्रा के समय सभी विभागों के अफसरों ने दावा किया कि जहां-जहां सड़कों पर गड्ढे थे, उनका पांच करोड़ की लागत से मजबूत पैचवर्क कराया था। अब चार दिन बारिश हुई तो गड्ढों की गिट्टियां बाहर आ गईं। छह इंच से एक फुट तक गहरे गड्ढे हो गए। ये गड्ढे राहगीरों के लिए आफत बने हुए हैं। हालात यह है कि हर दस मीटर पर गड्ढा है।
नगर निगम के निर्माण विभाग की ओर से टूटी सड़कों का सर्वे कराया गया है। इसमें शहर की 407 मुख्य मार्गों पर करीब 68 किलोमीटर में 1200 गड्ढे हो चुके हैं। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की बात करें तो उनके पास 45 किलोमीटर सड़कें ऐसी हैं, जिनमें करीब 200 गड्ढे हो चुके हैं। लोक निर्माण विभाग की जिले में करीब 450 किलोमीटर सड़कें हैं। इनमें मेरठ तिराहा से मोदीनगर तक, डासना, मोदीनगर, लोनी की सड़कों में 300 गड्ढे हो चुके हैं।
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कराया जा रहा है सर्वे
जीडीए के मुख्य अभियंता राकेश कुमार गुप्ता का कहना है कि सर्वे कराया जा रहा है। इसी महीने पैचवर्क का काम शुरू कर दिया जाएगा।
जलभराव से टूटी सड़कें
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता विमल शर्मा का कहना है कि इन सड़कों के गड्ढों को भरने का काम दो साल पहले कराया गया था। जलभराव की वजह से सड़कें टूट रहीं हैं।
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95 लाख की मशीन से होगा पैचवर्क
नगर निगम के मुख्य अभियंता एनके चौधरी ने बताया कि सड़कों के गड्ढों को भरने के लिए 95 लाख की लागत से मशीन खरीदी है। इसी हफ्ते काम शुरू करा दिया जाएगा। 15 नवंबर तक काम पूरा कर लिया जाएगा।
नगर निगम : 68 किलोमीटर में 1200 गड्ढे
जीडीए : 45 किलोमीटर में 200
लोनिवि : 450 किलोमीटर में 300
यहां यहां हैं गड्ढे
मधुबन बापूधाम, गोविंदपुरम, जीटी रोड, मेरठ तिराहा से मोदीनगर तक, डासना, साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र, राजेंद्र नगर इंडस्ट्रियल एरिया, लाइनपार प्रताप विहार, बीएस रोड इंडस्ट्रियल रोड, लोनी, सिद्धार्थ विहार, लालकुआं, नेहरू नगर, कालकागढ़ी पत्थर मार्केट के सामने। वसुंधरा सेक्टर एक, दो, वसुंधरा ग्रीन बेल्ट सेक्टर-पांच, गौशाला अंडरपास
जलभराव होने पर होगी कार्रवाई : नगर आयुक्त
चार दिन की बारिश ने नाला सफाई का आइना नगर निगम को दिखा दिया है। नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ अधिकारियों की टीम के साथ जलभराव वाले स्थानों का जायजा लिया। जलभराव के कारणों के बारे में अधिकारियों से पूछताछ की और जल्द से जल्द समस्या का निराकरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि दोबारा यह समस्या होती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
15 स्थानों पर लगाए गए हैं पंप
महाप्रबंधक जलकल आनंद त्रिपाठी ने बताया कि शहर में करीब 15 स्थानों पर बारिश में जलभराव की समस्या होती है। ऐसे सभी स्थानों पर कर्मचारियों को पंपिंग सेट के साथ तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा सभी जोन में सुपर साकर मशीन की व्यवस्था की गई है। रात में भी कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है।
28 स्ट्रीट लाइटें हुईं खराब
चार दिनों में 28 लाइटें खराब हो गई हैं। 11 लाइटें कविनगर जोन में खराब हुई हैं। नगर निगम के पथ प्रकाश विभाग के नोडल अधिकारी योगेंद्र यादव ने बताया कि बारिश बंद होने के बाद लाइटें ठीक कराई जा रही हैं।