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कल से लागू हो जाएगा ग्रैप, 21 तरह के रहेंगे प्रतिबंध
सार
कल से लागू हो जाएगा ग्रैप, 21 तरह के रहेंगे प्रतिबंध गाजियाबाद।जनरेटर चलाने से रोकने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति कराई जाएगी। -राज्य सरकार चाहे तो पेट्रोल के बीएस थ्री और डीजल के बीएस-4 वाहनों को प्रतिबंधित कर सकती है।
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विस्तार
कल से लागू हो जाएगा ग्रैप, 21 तरह के रहेंगे प्रतिबंध
गाजियाबाद। मौसम के नम हुए मिजाज के बाद बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए गाजियाबाद समेत दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप (ग्रेडेट रिस्पांस एक्शन प्लान) शनिवार से लागू हो जाएगा। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ग्रैप लागू हो जाने के बाद शनिवार से ही कूड़ा जलाने, खुले में बिल्डिंग मेटेरियल रखने, मशीनों से सड़कों की सफाई करने और पानी का छिड़काव किए जाने समेत 21 तरह के प्रतिबंध लागू हो जाएंगे। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 से ऊपर पहुंचा तो डीजल जनरेटर और 400 से ऊपर पहुंचा तो निर्माण कार्यों पर भी प्रतिबंध लग जाएगा।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि ग्रैप के प्रतिबंधों को चार श्रेणी में बांटा गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक जैसे-जैसे ऊपर बढ़ेगा, वैसे ही ग्रैप की पहली, दूसरी, तीसरी और फिर चौथी श्रेणी में दिए गए प्रतिबंध लागू हो जाएंगे। पहले और दूसरे चरण में निर्माण कार्यों पर ब्रेक नहीं लगेगा। हालांकि अवैध फैक्टरियों पर कार्रवाई पहले ही चरण से शुरू हो जाएगी। ग्रैप को सख्ती से लागू कराने के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने तैयारी कर ली है। इसकी मॉनीटरिंग और ग्रैप के प्रतिबंधों को लागू कराने की जिम्मेदारी डीएम, नगरायुक्त, नगर निगम के चीफ इंजीनियर, सीपीसीबी, यूपी पीसीबी और अन्य निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को दी गई है।
ऐसे लागू किए जाएंगे प्रतिबंध
एक्यूआई 300 होने पर
- 500 मीटर या इससे बड़े प्लॉट पर निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) वेस्ट गतिविधियों पर रोक रहेगी।
- सॉलिड वेस्ट और निर्माण कचरे को रोजाना उठाना सुनिश्चित किया जाएगा।
- समय-समय पर मशीनों से सफाई और पानी का छिड़काव किया जाएगा।
- बिल्डिंग मैटेरियल को ढंककर रखना अनिवार्य होगा।
- सभी निर्माण स्थल पर एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जाएगा।
- कूड़ा जलाने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
- ट्रैफिक जाम होने पर यातायात को सुगम बनाया जाएगा।
- वाहनों के प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रमाण पत्र चेक किए जाएंगे।
- ईंट भट्ठों पर प्रदूषण नियंत्रण के मानक लागू किए जाएंगे।
- अवैध फैक्टरियों पर कार्रवाई कर बंद कराया जाएगा।
- डीजल जनरेटर को दिनभर चलाने की अनुमति नहीं होगी।
-----
एक्यूआई 301 से 400 तक पर
- रोजाना मशीनों से सड़कों की सफाई करानी होगी।
- ज्यादा ट्रैफिक वाले क्षेत्र में हर दूसरे दिन सड़कों पर पानी का छिड़काव।
- तंदूर में भी कोयला और लकड़ी जलाने पर प्रतिबंध रहेगा।
- जनरेटर चलाने से रोकने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति कराई जाएगी।
- अति आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी जगह डीजल जनरेटरों के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा।
- सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे।
---
400 से 450 एक्यूआई होने पर
- मशीनों से सड़कों की सफाई कर रोजाना पानी का छिड़काव होगा।
- लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
- सभी निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा।
- बिना पीएनजी के चल रहे उद्योगों को कुछ समय के लिए बंद किया जा सकता है।
- ईंट भट्ठों, हॉट मिक्स प्लांट, स्टोन क्रशर को बंद कर दिया जाएगा।
- राज्य सरकार चाहे तो पेट्रोल के बीएस थ्री और डीजल के बीएस-4 वाहनों को प्रतिबंधित कर सकती है।
450 से अधिक एक्यूआई पर
- आवश्यक सेवाओं में लगे और सीएनजी ट्रकों को छोड़कर सभी ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लग जाएगा।
- डीजल, कोयले से चलने वाले उद्योगों को बंद किया जा सकता है।
- हाईवे, पुल आदि समेत सभी बड़े प्रोजेक्ट का निर्माण रोका जा सकता है।
- सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों के कर्मचारियों की संख्या घटाकर वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाएगा।
- केंद्र सरकार के कार्यालयों में भी वर्क फ्रॉम होम लागू करने पर केंद्र सरकार निर्णय ले सकती है।
- स्कूल-कॉलेजों के बंदी के संबंध में राज्य सरकार निर्णय ले सकती है।
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गाजियाबाद। मौसम के नम हुए मिजाज के बाद बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए गाजियाबाद समेत दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप (ग्रेडेट रिस्पांस एक्शन प्लान) शनिवार से लागू हो जाएगा। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ग्रैप लागू हो जाने के बाद शनिवार से ही कूड़ा जलाने, खुले में बिल्डिंग मेटेरियल रखने, मशीनों से सड़कों की सफाई करने और पानी का छिड़काव किए जाने समेत 21 तरह के प्रतिबंध लागू हो जाएंगे। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 से ऊपर पहुंचा तो डीजल जनरेटर और 400 से ऊपर पहुंचा तो निर्माण कार्यों पर भी प्रतिबंध लग जाएगा।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि ग्रैप के प्रतिबंधों को चार श्रेणी में बांटा गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक जैसे-जैसे ऊपर बढ़ेगा, वैसे ही ग्रैप की पहली, दूसरी, तीसरी और फिर चौथी श्रेणी में दिए गए प्रतिबंध लागू हो जाएंगे। पहले और दूसरे चरण में निर्माण कार्यों पर ब्रेक नहीं लगेगा। हालांकि अवैध फैक्टरियों पर कार्रवाई पहले ही चरण से शुरू हो जाएगी। ग्रैप को सख्ती से लागू कराने के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने तैयारी कर ली है। इसकी मॉनीटरिंग और ग्रैप के प्रतिबंधों को लागू कराने की जिम्मेदारी डीएम, नगरायुक्त, नगर निगम के चीफ इंजीनियर, सीपीसीबी, यूपी पीसीबी और अन्य निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को दी गई है।
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ऐसे लागू किए जाएंगे प्रतिबंध
एक्यूआई 300 होने पर
- 500 मीटर या इससे बड़े प्लॉट पर निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) वेस्ट गतिविधियों पर रोक रहेगी।
- सॉलिड वेस्ट और निर्माण कचरे को रोजाना उठाना सुनिश्चित किया जाएगा।
- समय-समय पर मशीनों से सफाई और पानी का छिड़काव किया जाएगा।
- बिल्डिंग मैटेरियल को ढंककर रखना अनिवार्य होगा।
- सभी निर्माण स्थल पर एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जाएगा।
- कूड़ा जलाने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
- ट्रैफिक जाम होने पर यातायात को सुगम बनाया जाएगा।
- वाहनों के प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रमाण पत्र चेक किए जाएंगे।
- ईंट भट्ठों पर प्रदूषण नियंत्रण के मानक लागू किए जाएंगे।
- अवैध फैक्टरियों पर कार्रवाई कर बंद कराया जाएगा।
- डीजल जनरेटर को दिनभर चलाने की अनुमति नहीं होगी।
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एक्यूआई 301 से 400 तक पर
- रोजाना मशीनों से सड़कों की सफाई करानी होगी।
- ज्यादा ट्रैफिक वाले क्षेत्र में हर दूसरे दिन सड़कों पर पानी का छिड़काव।
- तंदूर में भी कोयला और लकड़ी जलाने पर प्रतिबंध रहेगा।
- जनरेटर चलाने से रोकने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति कराई जाएगी।
- अति आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी जगह डीजल जनरेटरों के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा।
- सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे।
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400 से 450 एक्यूआई होने पर
- मशीनों से सड़कों की सफाई कर रोजाना पानी का छिड़काव होगा।
- लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
- सभी निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा।
- बिना पीएनजी के चल रहे उद्योगों को कुछ समय के लिए बंद किया जा सकता है।
- ईंट भट्ठों, हॉट मिक्स प्लांट, स्टोन क्रशर को बंद कर दिया जाएगा।
- राज्य सरकार चाहे तो पेट्रोल के बीएस थ्री और डीजल के बीएस-4 वाहनों को प्रतिबंधित कर सकती है।
450 से अधिक एक्यूआई पर
- आवश्यक सेवाओं में लगे और सीएनजी ट्रकों को छोड़कर सभी ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लग जाएगा।
- डीजल, कोयले से चलने वाले उद्योगों को बंद किया जा सकता है।
- हाईवे, पुल आदि समेत सभी बड़े प्रोजेक्ट का निर्माण रोका जा सकता है।
- सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों के कर्मचारियों की संख्या घटाकर वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाएगा।
- केंद्र सरकार के कार्यालयों में भी वर्क फ्रॉम होम लागू करने पर केंद्र सरकार निर्णय ले सकती है।
- स्कूल-कॉलेजों के बंदी के संबंध में राज्य सरकार निर्णय ले सकती है।