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Ghaziabad: मुख्यमंत्री के जाते ही थमी झाड़ू, रंगाई-पुताई का काम बंद, अस्पताल में फैली अराजकता
सार
सीएमएस का कहना था कि मरीजों का आना बंद हो गया था, समय से पहले अगर काउंटर बंद किया है तो सोमवार को स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
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CM Yogi Adityanath in Ghaziabad
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री के जिले से जाते ही झाड़ू थमने के साथ ही पुताई भी बंद हो गई। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर निरीक्षण के प्रस्तावित रूट और आसपास क्षेत्रों में पांच दिन से लगातार झाड़ू लगाने के साथ ही रंगाई-पुताई का काम चल रहा था। प्रताप विहार में मुख्यमंत्री के निरीक्षण से पहले अधिकारियों की उपस्थिति में श्रमिक कारपेट पर हर 10 मिनट में झाड़ू लगाते रहे। श्रमिकों ने सिर पर हेलमेट तो लगा रखा था लेकिन पैर में कुछ नहीं पहन रखा था। भवनों का निरीक्षण करते समय मुख्यमंत्री ने भी हेलमेट लगा रखा था।
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मुख्यमंत्री के जाते ही अस्पताल में फैली अराजकता
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अस्पतालों में इमरजेंसी की सफाई और मरम्मत का काम चल रहा था। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक डॉक्टर सहित अन्य स्टाफ के मरीजों के प्रति व्यवहार भी सामान्य हो गया था। मुख्यमंत्री के जाते ही फिर वही पुरानी व्यवस्था शुरू हो गई। इमरजेंसी में पहुंचे मरीजों को इलाज और मेडिकल जांच कराने के लिए 15 से 20 मिनट इंतजार करना पड़ा।
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अन्य दिनों की अपेक्षा कम रही ओपीडी
अन्य दिनों की अपेक्षा शनिवार को ओपीडी कम रही। दोपहर 1:30 बजे तक पर्चा बनना बंद हो चुका था, जबकि शुक्रवार को 1:45 बजे तक पर्चा काउंटर खुला था। अस्पताल के सीएमएस डॉ. मनोज कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि सुबह के समय मरीजों की भीड़ थी। अन्य दिनो की अपेक्षा पांच सौ मरीज कम थे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को नए और पुराने 3260 मरीज इलाज के लिए आए थे, जबकि शनिवार को 2750 मरीज इलाज के लिए आए थे।
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