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एमएमएच डिग्री कॉलेज में 20 साल बाद बढ़ेगी फीस
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एमएमएच डिग्री कॉलेज में 20 साल बाद बढ़ेगी फीस
गाजियाबाद। चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय के दूसरे बड़े एमएमएच डिग्री कॉलेज की फीस 20 साल बाद बढ़ने वाली है। फीस वृद्धि के लिए कॉलेज प्रशासन ने कमेटी का गठन किया है। दाखिला प्रक्रिया शुरू होने से पहले नई फीस की घोषणा कर दी जाएगी। वर्तमान में कॉलेज में स्नातक और परास्नातक में सालाना फीस 1250 रुपये के आसपास है। ऐसे में दो दशक बाद फीस में करीब 35 से 40 फीसदी तक बढ़ोतरी होने की संभावना है।
कॉलेज प्रशासन ने साफ किया है कि अन्य एडेड कॉलेजों की तुलना में एमएमएच में फीस बेहद कम है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. पीयूष चौहान का कहना है कि कॉलेज प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों के लिए बढ़ाई जा रही सुविधाएं, ईधन के दाम में वृद्धि और सुरक्षा संबंधी कदमों के कारण फीस बढ़ानी जरूरी है। कॉलेज में सबसे पहले विद्यार्थियों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना पर काम जारी है। सुरक्षा और निगरानी के मद्देनजर सभी कमरों में आवाज रिकॉर्ड करने की सुविधा के साथ सीसीटीवी कैमरा लगवाए गए हैं। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर निजी सुरक्षा एजेंसी की सेवाएं ली जाएंगी। कॉलेज में नया सभागार, छात्राओं के लिए कॉमन रूम, साफ पानी के लिए नए आरओ प्लांट और बड़ी संख्या में शौचालयों का निर्माण कराया गया है। उन्होंने बताया कि कई सालों बाद अक्तूबर में कॉलेज का वार्षिकोत्सव आयोजित किया जाएगा।
बीकॉम ऑनर्स और बी. लिब पाठ्यक्रम होंगे शुरू
एमएमएच कॉलेज में सत्र 2022-23 या फिर उससे अगले सत्र में विद्यार्थियों को बीकॉम ऑनर्स और बी.लिब पाठ्यक्रम में पढ़ाई का मौका मिलेगा। कॉलेज प्रशासन की ओर से दोनों पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए सीसीएसयू में आवेदन किया गया है। दोनों पाठ्यक्रम सेल्फ फाइनेंस स्तर पर संचालित किए जाएंगे। कॉलेज प्रशासन के प्रयास वर्तमान सत्र से ही दोनों कोर्सेज की मान्यता लेने की है। इसके लिए विश्वविद्यालय स्तर से प्रयास जारी हैं।
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एलएलबी में 300 सीटों की मान्यता के प्रयास, बना रहे मूट कोर्ट
कॉलेज प्राचार्य डॉ. पीयूष चौहान ने बताया कि कॉलेज के प्रयासों के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 120 सीटों पर दाखिले की मान्यता प्रदान की है। बार काउंसिल के दिशानिर्देशों के तहत नया मूट कोर्ट सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ऐसे में उनके प्रयास वर्तमान सत्र में ही बार काउंसिल से 300 सीटों पर दाखिले केलिए मान्यता लेने की रहेगी।
आसमानी नीले रंग की शर्ट व ग्रे पेंट में नजर आएंगे छात्र
एमएमएच डिग्री कॉलेज में स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष में नया ड्रेस कोड लागू होने के बाद अब यूनिफार्म का रंग भी निर्धारित कर दिया गया है। यूजी व पीजी में प्रथम वर्ष में छात्र आसमानी नीले रंग की शर्ट और ग्रे पेंट में नजर आएंगे। छात्राओं के लिए भी आसमानी नीले रंग का कुर्ता, सफेद सलवार और सफेद दुपट्टा यूनिफार्म होगी। अगर छात्राएं पेंट शर्ट में आना चाहती हैं तो उन पर छात्रों की यूनिफार्म लागू होगी। वहीं विधि स्नातक छात्रों के लिए सफेद शर्ट व काला पेंट, जबकि छात्राओं केलिए सफेद कुर्ता, सलवार और काला दुपट्टा रहेगा।
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गाजियाबाद। चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय के दूसरे बड़े एमएमएच डिग्री कॉलेज की फीस 20 साल बाद बढ़ने वाली है। फीस वृद्धि के लिए कॉलेज प्रशासन ने कमेटी का गठन किया है। दाखिला प्रक्रिया शुरू होने से पहले नई फीस की घोषणा कर दी जाएगी। वर्तमान में कॉलेज में स्नातक और परास्नातक में सालाना फीस 1250 रुपये के आसपास है। ऐसे में दो दशक बाद फीस में करीब 35 से 40 फीसदी तक बढ़ोतरी होने की संभावना है।
कॉलेज प्रशासन ने साफ किया है कि अन्य एडेड कॉलेजों की तुलना में एमएमएच में फीस बेहद कम है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. पीयूष चौहान का कहना है कि कॉलेज प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों के लिए बढ़ाई जा रही सुविधाएं, ईधन के दाम में वृद्धि और सुरक्षा संबंधी कदमों के कारण फीस बढ़ानी जरूरी है। कॉलेज में सबसे पहले विद्यार्थियों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना पर काम जारी है। सुरक्षा और निगरानी के मद्देनजर सभी कमरों में आवाज रिकॉर्ड करने की सुविधा के साथ सीसीटीवी कैमरा लगवाए गए हैं। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर निजी सुरक्षा एजेंसी की सेवाएं ली जाएंगी। कॉलेज में नया सभागार, छात्राओं के लिए कॉमन रूम, साफ पानी के लिए नए आरओ प्लांट और बड़ी संख्या में शौचालयों का निर्माण कराया गया है। उन्होंने बताया कि कई सालों बाद अक्तूबर में कॉलेज का वार्षिकोत्सव आयोजित किया जाएगा।
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बीकॉम ऑनर्स और बी. लिब पाठ्यक्रम होंगे शुरू
एमएमएच कॉलेज में सत्र 2022-23 या फिर उससे अगले सत्र में विद्यार्थियों को बीकॉम ऑनर्स और बी.लिब पाठ्यक्रम में पढ़ाई का मौका मिलेगा। कॉलेज प्रशासन की ओर से दोनों पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए सीसीएसयू में आवेदन किया गया है। दोनों पाठ्यक्रम सेल्फ फाइनेंस स्तर पर संचालित किए जाएंगे। कॉलेज प्रशासन के प्रयास वर्तमान सत्र से ही दोनों कोर्सेज की मान्यता लेने की है। इसके लिए विश्वविद्यालय स्तर से प्रयास जारी हैं।
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एलएलबी में 300 सीटों की मान्यता के प्रयास, बना रहे मूट कोर्ट
कॉलेज प्राचार्य डॉ. पीयूष चौहान ने बताया कि कॉलेज के प्रयासों के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 120 सीटों पर दाखिले की मान्यता प्रदान की है। बार काउंसिल के दिशानिर्देशों के तहत नया मूट कोर्ट सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ऐसे में उनके प्रयास वर्तमान सत्र में ही बार काउंसिल से 300 सीटों पर दाखिले केलिए मान्यता लेने की रहेगी।
आसमानी नीले रंग की शर्ट व ग्रे पेंट में नजर आएंगे छात्र
एमएमएच डिग्री कॉलेज में स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष में नया ड्रेस कोड लागू होने के बाद अब यूनिफार्म का रंग भी निर्धारित कर दिया गया है। यूजी व पीजी में प्रथम वर्ष में छात्र आसमानी नीले रंग की शर्ट और ग्रे पेंट में नजर आएंगे। छात्राओं के लिए भी आसमानी नीले रंग का कुर्ता, सफेद सलवार और सफेद दुपट्टा यूनिफार्म होगी। अगर छात्राएं पेंट शर्ट में आना चाहती हैं तो उन पर छात्रों की यूनिफार्म लागू होगी। वहीं विधि स्नातक छात्रों के लिए सफेद शर्ट व काला पेंट, जबकि छात्राओं केलिए सफेद कुर्ता, सलवार और काला दुपट्टा रहेगा।