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10 लाख की लागत से स्वर्णजयंतीपुरम में बिछेगी पेयजल लाइन
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10 लाख की लागत से स्वर्णजयंतीपुरम में बिछेगी पेयजल लाइन
गाजियाबाद। स्वर्णजयंतीपुरम की ईडब्ल्यूएस कालोनी में डायरिया दो बच्चों की मौत होने के बाद जीडीए को कालोनी में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की याद आई है। शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जीडीए 10 लाख की लागत से पाइप लाइन बदलवाएगा। वर्तमान में कालोनी में अस्थाई व्यवस्था कर पानी की सप्लाई की जा रही है।
स्वर्णजयंतीपुरम कालोनी अभी तक नगर निगम को हैंडओवर नहीं हुई है। वहां पर बिजली, पानी और सड़क की मरम्मत जीडीए ही कराता है। जांच के दौरान पता चला था कि कालोनी की बसावट होने से पहले सीवर और पेयजल की पाइप लाइन डाली गई थी। मौजूद समय में पेयजल लाइन जर्जर हो चुकी है। लोग घर के बाहर ही पाइप लाइन खोलकर पानी व्यवस्था कर रखी थी। पानी की आपूर्ति बंद होने के बाद पाइप में सीवरेज चला जाता है। इस पानी को पीने से दो बच्चों की मौत होने के अलावा पचास से अधिक लोग डायरिया की चपेट में आ गए थे। इसके बाद कई दिन तक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाकर मरीजों का इलाज किया गया था। कई बच्चों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।
अधिशासी अभियंता आलोक रंजन ने बताया कि पाइप लाइन बदलवाने के लिए दस लाख रुपये का स्टीमेट बना है। टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है, जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा।
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गाजियाबाद। स्वर्णजयंतीपुरम की ईडब्ल्यूएस कालोनी में डायरिया दो बच्चों की मौत होने के बाद जीडीए को कालोनी में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की याद आई है। शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जीडीए 10 लाख की लागत से पाइप लाइन बदलवाएगा। वर्तमान में कालोनी में अस्थाई व्यवस्था कर पानी की सप्लाई की जा रही है।
स्वर्णजयंतीपुरम कालोनी अभी तक नगर निगम को हैंडओवर नहीं हुई है। वहां पर बिजली, पानी और सड़क की मरम्मत जीडीए ही कराता है। जांच के दौरान पता चला था कि कालोनी की बसावट होने से पहले सीवर और पेयजल की पाइप लाइन डाली गई थी। मौजूद समय में पेयजल लाइन जर्जर हो चुकी है। लोग घर के बाहर ही पाइप लाइन खोलकर पानी व्यवस्था कर रखी थी। पानी की आपूर्ति बंद होने के बाद पाइप में सीवरेज चला जाता है। इस पानी को पीने से दो बच्चों की मौत होने के अलावा पचास से अधिक लोग डायरिया की चपेट में आ गए थे। इसके बाद कई दिन तक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाकर मरीजों का इलाज किया गया था। कई बच्चों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।
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अधिशासी अभियंता आलोक रंजन ने बताया कि पाइप लाइन बदलवाने के लिए दस लाख रुपये का स्टीमेट बना है। टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है, जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा।
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