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डेंगू के आठ मामले मिले, तीन मरीज गाजियाबाद के
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डेंगू के आठ मामले मिले, तीन मरीज गाजियाबाद के
गाजियाबाद। कोरोना के साथ-साथ अब डेंगू के केस बढ़ने लगे हैं। जिले में डेंगू के आठ मरीज मिले हैं। इनमें तीन मरीज गाजियाबाद के हैं और चार मरीज हापुड़ और दिल्ली के रहने वाले हैं। सात मरीजों की जांच निजी अस्पतालों में हुई और एक मरीज की जांच सरकारी अस्पताल के लैब में हुई।
सरकारी में अभी तक डेंगू के मरीजों के लिए ना तो जंबो पैक की व्यवस्था हो पाई है ना ही लैब में जांच के लिए रैपिड किट ही मिल पाई है। निजी अस्पतालों के बाद अब सरकारी अस्पतालों में भी केस मिलने शुरू हो गए हैं। शनिवार को चार संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए आए हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि इनमें से अधिकतर मरीज दिल्ली और अन्य जिलों के हैं।
चार महीने से पहले नहीं मिलेगा जंबो पैक
डेंगू के मरीज मिलने शुरू हो गए हैं, लेकिन अभी सरकारी अस्पताल में जंबो पैक मिलने में चार महीने से अधिक का समय लग सकता है, मशीन मिलने में चार महीने कंपनी वेटिंग बता रही है। अस्पताल में सिर्फ प्लेटलेट्स का छोटा पैक ही मिल पाता है। अगर प्लेट्लेट्स के जंबो पैक की जरूरत पड़ती है तो परिजनों को प्राइवेट ब्लड बैंक जाना पड़ता है। प्लेटलेट्स का जंबो पैक बनाने के लिए जापान से आयात कर एफरेसिस मशीन निजी कंपनी एमएमजी अस्पताल को निशुल्क देगी।
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जंबो पैक के लिए निजी बैंक में लगते हैं 11 से 20 हजार
जंबो पैक के लिए निजी ब्लड बैंक में 11 से 20 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। एमएमजी अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड सेपरेशन कंपोनेंट मशीन है, जिससे सिर्फ छोटा पैक (60 एमएल) ही तैयार हो पाता है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को निशुल्क दिया जाता है, जबकि अस्पताल से बाहर निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को तीन सौ रुपये में दिया जाता है। ब्लड बैंक प्रभारी डॉॅ. एसपी सिंह ने बताया कि कंपनी की ओर से सीएसआर फंड से ब्लड बैंक को एफेरेसिस मशीन भेंट की जा रही है। उन्होंने बताया कि जापान की जो कंपनी मशीन बनाती है वहां पर चार महीने की वेटिंग बताया गया है।
30 स्थानों पर मिला डेंगू का लार्वा
जिले में अभी तक 150 से अधिक स्थानों पर सर्वे किया गया है, जिसमें से लगभग 30 स्थानों पर डेंगू का लार्वा पाया गया है। इसमें पुलिस लाइंस, गोविंदपुरम, प्रतापविहार, विजयनगर, वसुंधरा, लोनी, कौशांबी, डासना आदि क्षेत्र शामिल हैं। जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा ने बताया कि इन जगहों पर ब्रीडिंग को नष्ट करा दिया गया था और लोगों को जलजमाव ना होने देने केलिए भी जागरूक किया गया है।
पिछले वर्ष कुल 1236 डेंगू के केस मिले थे। इस बार जनवरी से लेकर अभी तक लगभग 300 संदिग्ध डेंगू के मरीजों के सैंपल पहुंचे हैं, जिसमें से सप्ताह भर में ही आठ मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें से अधिकतर निजी अस्पतालों के सैंपल आ रहे हैं।
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गाजियाबाद। कोरोना के साथ-साथ अब डेंगू के केस बढ़ने लगे हैं। जिले में डेंगू के आठ मरीज मिले हैं। इनमें तीन मरीज गाजियाबाद के हैं और चार मरीज हापुड़ और दिल्ली के रहने वाले हैं। सात मरीजों की जांच निजी अस्पतालों में हुई और एक मरीज की जांच सरकारी अस्पताल के लैब में हुई।
सरकारी में अभी तक डेंगू के मरीजों के लिए ना तो जंबो पैक की व्यवस्था हो पाई है ना ही लैब में जांच के लिए रैपिड किट ही मिल पाई है। निजी अस्पतालों के बाद अब सरकारी अस्पतालों में भी केस मिलने शुरू हो गए हैं। शनिवार को चार संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए आए हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि इनमें से अधिकतर मरीज दिल्ली और अन्य जिलों के हैं।
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चार महीने से पहले नहीं मिलेगा जंबो पैक
डेंगू के मरीज मिलने शुरू हो गए हैं, लेकिन अभी सरकारी अस्पताल में जंबो पैक मिलने में चार महीने से अधिक का समय लग सकता है, मशीन मिलने में चार महीने कंपनी वेटिंग बता रही है। अस्पताल में सिर्फ प्लेटलेट्स का छोटा पैक ही मिल पाता है। अगर प्लेट्लेट्स के जंबो पैक की जरूरत पड़ती है तो परिजनों को प्राइवेट ब्लड बैंक जाना पड़ता है। प्लेटलेट्स का जंबो पैक बनाने के लिए जापान से आयात कर एफरेसिस मशीन निजी कंपनी एमएमजी अस्पताल को निशुल्क देगी।
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जंबो पैक के लिए निजी बैंक में लगते हैं 11 से 20 हजार
जंबो पैक के लिए निजी ब्लड बैंक में 11 से 20 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। एमएमजी अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड सेपरेशन कंपोनेंट मशीन है, जिससे सिर्फ छोटा पैक (60 एमएल) ही तैयार हो पाता है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को निशुल्क दिया जाता है, जबकि अस्पताल से बाहर निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को तीन सौ रुपये में दिया जाता है। ब्लड बैंक प्रभारी डॉॅ. एसपी सिंह ने बताया कि कंपनी की ओर से सीएसआर फंड से ब्लड बैंक को एफेरेसिस मशीन भेंट की जा रही है। उन्होंने बताया कि जापान की जो कंपनी मशीन बनाती है वहां पर चार महीने की वेटिंग बताया गया है।
30 स्थानों पर मिला डेंगू का लार्वा
जिले में अभी तक 150 से अधिक स्थानों पर सर्वे किया गया है, जिसमें से लगभग 30 स्थानों पर डेंगू का लार्वा पाया गया है। इसमें पुलिस लाइंस, गोविंदपुरम, प्रतापविहार, विजयनगर, वसुंधरा, लोनी, कौशांबी, डासना आदि क्षेत्र शामिल हैं। जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा ने बताया कि इन जगहों पर ब्रीडिंग को नष्ट करा दिया गया था और लोगों को जलजमाव ना होने देने केलिए भी जागरूक किया गया है।
पिछले वर्ष कुल 1236 डेंगू के केस मिले थे। इस बार जनवरी से लेकर अभी तक लगभग 300 संदिग्ध डेंगू के मरीजों के सैंपल पहुंचे हैं, जिसमें से सप्ताह भर में ही आठ मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें से अधिकतर निजी अस्पतालों के सैंपल आ रहे हैं।