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रक्षाबंधन पर रोडवेड ने दिया धोखा: दावा था हर दस मिनट में बस चलाने का...मिली दो घंटे में भी नहीं
Thu, 11 Aug 2022 01:39 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 11 Aug 2022 01:39 AM IST
सार
क्षेत्रीय प्रबंधक एके सिंह ने बताया डिपो को 48 बसें मिली हुईं हैं। और बसों की मांग की थी लेकिन ये नहीं मिली। फिर भी प्रयास किया जा रहा है कि यात्रियों को परेशानी न हो।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रोडवेज के अफसरों ने दावा किया था कि रक्षाबंधन पर हर रूट पर दस-दस मिनट में बस चलाई जाएगी लेकिन लोगों को दो घंटे में भी नहीं मिली। बुधवार को बस अड्डे से लेकर सड़क तक लोग इंतजार करते रहे। किसी को तीन घंटे तो किसी को चार घंटे इंतजार के बाद बस मिली। इसके बाद भी सबको सीट नहीं मिली। कोई खिड़की पर लटककर गया तो कोई छत पर बैठा। बसों जैसा ही हाल ट्रेनों का भी रहा।
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हापुड़ निवासी ओमवीर परिवार के साथ घर जाने के लिए बुधवार सुबह 11 बजे बस अड्डे पर आ गए थे। तीन घंटे बाद बस आई। इसे देखते ही लोगों ने दौड़ लगा दी। ओमवीर के बस तक पहुंचने से पहले ही सीट फुल हो गईं। आखिरकार दोपहर तीन बजे किसी तरह जगह मिली। बुलंदशहर जाने के लिए बस का इंतजार कर रही सीमा चार घंटे बाद बस में चढ़ पाईं लेकिन सीट नहीं मिली।
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साहिबाबाद डिपो से मुजफ्फरनगर, हापुड़, बुलंदशहर और मेरठ के लिए बसें रवाना होती हैं। बुधवार सुबह से ही यात्रियों की संख्या बस अड्डे पर बढ़ने लगी। वहीं, रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की खासी भीड़ रही। घंटों से इंतजार कर रहे यात्री ट्रेन के आते ही प्लेटफॉर्म पर दौड़ते नजर आए। इस बीच अलीगढ़, मुरादाबाद, बरेली, मुजफ्फरनगर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों ने सीट पाने के लिए बोगी की खिड़की और दरवाजों पर लटक कर सफर किया।
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