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मधुबन बापूधाम रेल ओवर ब्रिज: 30 करोड़ रुपये के लिए रुका काम, 60 हजार लोगों का 2024 तक बढ़ा इंतजार

Mon, 01 Aug 2022 10:37 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद।
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद। Published by: गाजियाबाद ब्यूरो Updated Mon, 01 Aug 2022 10:37 PM IST
सार

रेलवे ने शर्त रखी है कि पूरे 27 करोड़ मिलने पर अपने हिस्से का काम करेगा। सेतु निगम ने दो टूक कह दिया है कि पहले दूसरी किस्त के रूप में कम से कम 10 करोड़ मिले तब काम को आगे बढ़ाएगा।

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Madhuban Bapudham Rail Over Bridge Work stalled for Rs 30 crore
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिस मधुबन बापूधाम रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) को दिसंबर 2019 में तैयार हो जाना चाहिए था, तीन साल की देरी के बाद उसका काम फिर से रोक दिया गया है। इस बार ब्रेक लगा है बजट न मिलने से। रेलवे ने अपने हिस्से का काम शुरू करने के लिए 20 गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) से 20 करोड़ मांगे हैं, जबकि सेतु निगम ने अगली किस्त के 10 करोड़ न मिलने पर निर्माण कार्य रोक दिया है। जीडीए के अफसर दोनों महकमों के अधिकारियों को मनाने की कोशिश में लगे हैं लेकिन बजट का इंतजाम हुए बगैर कोई रास्ता निकलने की उम्मीद लग नहीं रही है।

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दिल्ली-मेरठ रोड से हापुड़ रोड को जोड़ने के लिए 600 मीटर लंबे, 45 मीटर चौड़े और 11 मीटर ऊंचे मधुबन बापूधाम आरओबी का निर्माण जुलाई 2018 में शुरू हुआ था। कुल 63 करोड़ के प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी सेतु निगम और रेलवे को मिली। बजट जीडीए को देना है। रेलवे को 6.75 करोड़ और सेतु निगम को पहली किस्त के रूप में 18 करोड़ भुगतान किया जा चुका है। रेलवे को कुल 27 करोड़ और सेतु निगम को 36 करोड़ का भुगतान किया जाना है।
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60 हजार लोगों का 2024 तक बढ़ा इंतजार
रेलवे के अफसरों का कहना है कि अगर इसी महीने जीडीए पूरा भुगतान कर दे और काम शुरू हो जाए तो यह 2024 तक पूरा हो पाएगा। सेतु निगम के अधिकारियों ने भी 2024 से पूरा निर्माण पूरा न होने की आशंका जताई है। चार लेन के आरओबी का निर्माण पूरा होने से आसपास क्षेत्र के 60 हजार से ज्यादा लोगों को प्रतिदिन फायदा मिलेगा। मेरठ रोड से राजनगर एक्सटेंशन चौराहे से हापुड़ चुंगी होकर हापुड़ जाने वाले वाहन चालकों की 14 किमी दूरी कम हो जाएगी। अधिकांश बड़े वाहन घूमकर ही हापुड़ की तरफ जाते हैं। इसके अलावा गोविंदपुरम, स्वर्णजयंतीपुरम, हरसांव, डासना क्षेत्र में आवागमन में लोगों को सहूलियत मिलेगी। यह लेट-लतीफी उस प्रोजेक्ट में हो रही है जिसका शिलान्यास सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया था। इसी के साथ कैलाश मानसरोवर भवन का शिलान्यास हुआ था। वह बनकर तैयार हो चुका है।
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रेलवे नहीं देगा अंशदान
जीडीए के अधिकारियों का कहना है कि कोई भी रेलवे फाटक बंद होने पर कुछ अंश या आधा भुगतान रेलवे करता है। इसके लिए रेलवे के मुख्य अभियंता को पत्र लिखा जाएगा। वहीं रेलवे का कहना है कि रेलवे की नियमावली में है कि अगर किसी रेलवे फाटक पर 24 घंटे में एक लाख या उससे अधिक वाहन पास होते हैं तब उसे बंद करने के लिए रेलवे बजट खर्च करता है। इसके लिए लिए सात दिन का अनुपात निकाला जाता है। मधुबन बापूधाम में 24 घंटे में 50 से 55 हजार वाहन ही गुजरते हैं। इसलिए, इसमें रेलवे बजट नहीं खर्च करेगा
अपनी-अपनी बात

काम करें, बजट मिलेगा
जीडीए के मुख्य अभियंता राकेश कुमार गुप्ता का कहना है कि बजट की व्यवस्था की जा रही है। रेलवे के अधिकारियों से भी बात की जाएगी कि काम शुरू कराएं, इसके बाद उन्हें समय से बजट जारी होता रहेगा।


पहले बजट दें, फिर होगा काम
रेलवे के उप मुख्य अभियंता करनप्रीत सिंह का कहना है कि जीडीए से बजट मिलने के बाद ही स्लैब डालने का टेंडर किया जाएगा। पूरा बजट मिलने पर काम बीच में रोकना नहीं पड़ता है। काम चलने पर ट्रेनों का परिचालन का भी देखना पड़ता है। इसलिए पूरे बजट की मांग की है।

तारीख पर तारीख

  • पहली डेडलाइन दिसंबर 2019
  • दूसरी दिसंबर 2020
  • तीसरी दिसंबर 2021
  • चौथी दिसंबर 2022
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