{"_id":"62dd9fe0b6798633495d4ae1","slug":"ghaziabad-ghaziabad-news-gbd2420142186","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांवड़ यात्रा के बाद पुलिसिंग में मदद करेंगे 120 सीसीटीवी कैमरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांवड़ यात्रा के बाद पुलिसिंग में मदद करेंगे 120 सीसीटीवी कैमरे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांवड़ यात्रा के बाद पुलिसिंग में मदद करेंगे 120 सीसीटीवी कैमरे
गाजियाबाद। कांवड़ मार्ग पर कादराबाद (मेरठ सीमा) से अप्सरा बार्डर और यूपी गेट तक लगे सीसीटीवी कैमरे कांवड़ यात्रा के बाद पुलिसिंग में मदद करेंगे। इन हाई रेज्यूलेशन वाले व आधुनिक 120 कैमरों को अब हटाया नहीं जाएगा। इन कैमरों के जरिये पुलिस के अधिकारी गाजियाबाद की सड़कों पर निगरानी रखेंगे। चेन स्नैचिंग और लूटपाट जैसी वारदातों को अंजाम देकर भागने वाले बदमाश इन कैमरों की मदद से ट्रेस हो सकेंगे।
पूरे कांवड़ मार्गों पर करीब 450 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है, लेकिन इनमें से करीब 330 कैमरे ऐसे हैं, जो प्राइवेट संस्थानों पर लगे हैं, कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस ने निगरानी के लिए इनसे मदद ली है। 120 कैमरे ऐसे हैं, जो प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से लगवाए हैं और इनका नियंत्रण पूरी तरह से पुलिस के हाथों में हैं। कांवड़ यात्रा के बाद हर साल इन कैमरों को हटवा दिया जाता था, लेकिन इस बार यह 120 कैमरे हटवाए नहीं जाएंगे, बल्कि इनकी संख्या बढ़ाकर 150 तक की जाएगी। इन कैमरों को पुलिस अधिकारी पुलिसिंग में इस्तेमाल करेंगे।
मेरठ रोड तिराहे से होगी निगरानी
कांवड़ यात्रा के लिए कादराबाद, मोदीनगर से दिल्ली सीमा तक लगाए गए इन कैमरों का कंट्रोल रूम पहली बार मेरठ तिराहे पर बनाया गया है। इससे पहले मोदीनगर, मेरठ तिराहे के आसपास, साहिबाबाद और अन्य क्षेत्रों में अलग-अलग नियंत्रण सिस्टम विकसित किया जाता था। इस बार पाइपलाइन कांवड़ मार्ग तक के सीसीटीवी कैमरों पर मेरठ रोड तिराहे पर बनाए गए कंट्रोल रूम से निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेरठ तिराहे पर बने कंट्रोल रूम को आगे भी चलाया जाएगा। पूरे जिले की यहां से निगरानी की जाएगी। यहां स्थायी कंट्रोल रूम बना दिया जाएगा।
विज्ञापन
दूधेश्वरनाथ मंदिर और कैला भट्ठा मार्ग पर कड़ी नजर
मेरठ रोड तिराहा से पहली बार दूधेश्वरनाथ मंदिर की भी निगरानी की जा रही है। मंदिर के गर्भगृह के साथ-साथ परिसर व मंदिर के सभी मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी इस कंट्रोल रूम से पुलिस के सर्विलांस एक्सपर्ट कर रहे हैं। मंदिर प्रबंधन समिति के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों ने भी कैमरों की निगरानी का अधिकार ले लिया है।
पुख्ता होगी सुरक्षा व्यवस्था
ऐसी योजना है कि कांवड़ यात्रा के बाद सीसीटीवी कैमरों को हटाने की बजाय उनकी मदद पुलिसिंग में ली जाए। इससे सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होगी। प्रशासन और पुलिस के माध्यम से लगाए गए 120 कैमरों से जिले के मुख्य मार्गों पर निगरानी की जा रही है। कांवड़ यात्रा के बाद भी मेरठ तिराहे पर स्थायी कंट्रोल रूम बनाकर निगरानी की जाएगी।
- निपुण अग्रवाल, एसपी सिटी
विज्ञापन
गाजियाबाद। कांवड़ मार्ग पर कादराबाद (मेरठ सीमा) से अप्सरा बार्डर और यूपी गेट तक लगे सीसीटीवी कैमरे कांवड़ यात्रा के बाद पुलिसिंग में मदद करेंगे। इन हाई रेज्यूलेशन वाले व आधुनिक 120 कैमरों को अब हटाया नहीं जाएगा। इन कैमरों के जरिये पुलिस के अधिकारी गाजियाबाद की सड़कों पर निगरानी रखेंगे। चेन स्नैचिंग और लूटपाट जैसी वारदातों को अंजाम देकर भागने वाले बदमाश इन कैमरों की मदद से ट्रेस हो सकेंगे।
पूरे कांवड़ मार्गों पर करीब 450 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है, लेकिन इनमें से करीब 330 कैमरे ऐसे हैं, जो प्राइवेट संस्थानों पर लगे हैं, कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस ने निगरानी के लिए इनसे मदद ली है। 120 कैमरे ऐसे हैं, जो प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से लगवाए हैं और इनका नियंत्रण पूरी तरह से पुलिस के हाथों में हैं। कांवड़ यात्रा के बाद हर साल इन कैमरों को हटवा दिया जाता था, लेकिन इस बार यह 120 कैमरे हटवाए नहीं जाएंगे, बल्कि इनकी संख्या बढ़ाकर 150 तक की जाएगी। इन कैमरों को पुलिस अधिकारी पुलिसिंग में इस्तेमाल करेंगे।
विज्ञापन
मेरठ रोड तिराहे से होगी निगरानी
कांवड़ यात्रा के लिए कादराबाद, मोदीनगर से दिल्ली सीमा तक लगाए गए इन कैमरों का कंट्रोल रूम पहली बार मेरठ तिराहे पर बनाया गया है। इससे पहले मोदीनगर, मेरठ तिराहे के आसपास, साहिबाबाद और अन्य क्षेत्रों में अलग-अलग नियंत्रण सिस्टम विकसित किया जाता था। इस बार पाइपलाइन कांवड़ मार्ग तक के सीसीटीवी कैमरों पर मेरठ रोड तिराहे पर बनाए गए कंट्रोल रूम से निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेरठ तिराहे पर बने कंट्रोल रूम को आगे भी चलाया जाएगा। पूरे जिले की यहां से निगरानी की जाएगी। यहां स्थायी कंट्रोल रूम बना दिया जाएगा।
विज्ञापन
दूधेश्वरनाथ मंदिर और कैला भट्ठा मार्ग पर कड़ी नजर
मेरठ रोड तिराहा से पहली बार दूधेश्वरनाथ मंदिर की भी निगरानी की जा रही है। मंदिर के गर्भगृह के साथ-साथ परिसर व मंदिर के सभी मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी इस कंट्रोल रूम से पुलिस के सर्विलांस एक्सपर्ट कर रहे हैं। मंदिर प्रबंधन समिति के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों ने भी कैमरों की निगरानी का अधिकार ले लिया है।
पुख्ता होगी सुरक्षा व्यवस्था
ऐसी योजना है कि कांवड़ यात्रा के बाद सीसीटीवी कैमरों को हटाने की बजाय उनकी मदद पुलिसिंग में ली जाए। इससे सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होगी। प्रशासन और पुलिस के माध्यम से लगाए गए 120 कैमरों से जिले के मुख्य मार्गों पर निगरानी की जा रही है। कांवड़ यात्रा के बाद भी मेरठ तिराहे पर स्थायी कंट्रोल रूम बनाकर निगरानी की जाएगी।
- निपुण अग्रवाल, एसपी सिटी